चरखी दादरी।
शिक्षा विभाग जिले के राजकीय स्कूलों में बच्चों की संख्या
बढ़ने के लिए डोर-टू-डोर सर्वे करवाएगा। इसके तहत शिक्षक छह से 16 साल तक
के बच्चों की सर्वे के माध्यम से जानकारी हासिल करेंगे। ताकि स्कूल नहीं
जाने वाले बच्चों की पहचान की जा सके। इसके अलावा सर्वे के दौरान बीच में
पढ़ाई छोड़ने वाले बच्चों की पहचान भी की जाएगी। सर्वे 30 अप्रैल तक पूरा
करने के निर्देश दिए गए हैं।
एक अप्रैल से नया शिक्षा सत्र शुरू हो चुका
है। वहीं राजकीय स्कूलों में बच्चों की संख्या बढ़ाने के लिए शिक्षा विभाग
ने बच्चों की सर्वे कराने की योजना तैयार की है। इसके तहत विभाग गांव व शहर
में डोर-टू-डोर सर्वे करवाएगा। इसके तहत ड्रॉप आउट बच्चों की पहचान की
जाएगी। बीच में पढ़ाई छोड़ने वाले बच्चों को चिह्नित किया जाएगा। इसी
प्रकार जो बच्चें स्कूली शिक्षा के लिए आयु पूरी करते हैं लेकिन किसी
कारणवश स्कूल नहीं जा रहे हैं उन बच्चों का भी डॉटा तैयार किया जाएगा ताकि
यह पता चल सके कि कितने बच्चे स्कूल से दूर हैं। इसके पीछे क्या कारण है।
सर्वे के बाद इन बच्चों के अभिभावकों से संपर्क कर इनका दाखिला सुनिश्चित
करने के प्रयास किए जाएंगे। राजकीय स्कूलों में कार्यरत शिक्षक ही यह सर्वे
का कार्य पूरा करेंगे। इसके लिए शिक्षकों को गाइडलाइन जारी की जा रही है
ताकि शहर व गांव के हर वार्ड में जाकर अभिभावकों से संपर्क किया जा सके।
छह से 16 साल तक बच्चे होंगे सर्वे में शामिल
इस
सर्वे कार्य में छह से 16 साल तक के बच्चों को शामिल किया जाएगा जबकि पहले
यह अधिकतम आयु 14 वर्ष थी। इन बच्चों की पहचान की सूची तैयार कर बीईओ
कार्यालय में जमा होनी हैै। यह सर्वे शिक्षकों को 30 अप्रैल तक पूरी करनी
है। ऐसे में स्कूलों में बच्चों की पढ़ाई का बाधित होना भी स्वाभाविक है।
इस समय स्कूलों में पाठ्यक्रम शुरू हो चुका है।
क्या है प्रावधान
शिक्षा
अधिकार अधिनियम 2009 में प्रावधान है कि छह से 14 साल के बच्चों को
अनिवार्य एवं मुफ्त शिक्षा दी जाए। इस अधिनियम के तहत कक्षा आठवीं तक
बच्चों को फ्री शिक्षा प्रदान करने का प्रावधान है। बच्चों को पुस्तकें,
दोपहर का भोजन, छात्रवृत्ति के अलावा वर्दी की सुविधा भी मुहैया करवाए जाने
का प्रावधान है। छात्रवृत्ति बच्चों के बैंक खातों में सीधे ऑनलाइन भेजी
जाती है। राजकीय स्कूलों में दाखिला को लेकर राजकीय अध्यापक भी पिछले दिनों
से लगातार प्रयास करते आ रहे हैं।
वर्जन
शिक्षा विभाग 30 अप्रैल तक
ड्रॉप आउट बच्चों की सर्वे करवाएगा ताकि यह पता चल सके कि कितने बच्चे
स्कूल नहीं जा रहे हैं तथा कितने बच्चों ने बीच में पढ़ाई छोड़ दी है।
बीईईओ, कुलदीप सिंह