पात्र अध्यापक संघ एचटेट 2012-13 के बैनर तले शिक्षा मंत्री का घेराव करने
चंडीगढ़ जा रहे चयनित जेबीटी को चंडीगढ़ पुलिस ने हाउसिंग बोर्ड चौक के
पास हरियाणा-चंडीगढ़ सीमा पर रोकने के लिए पानी की बौछारें छोड़ी। इससे 4
शिक्षकों को चोटें आई हैं।
चयनित जेबीटी ज्वाइनिंग कराने की मांग कर रहे
हैं। बाद में एक प्रतिनिधिमंडल शिक्षा मंत्री से मिलने चंडीगढ़ गया। मंत्री
ने 11 मई को अधिकारियों के साथ सिविल सचिवालय में 3 बजे बैठक बुलाई है।
पात्र अध्यापक संघ के प्रधान संजय तालू के अनुसार मांग पूरी होने तक धरना
जारी रहेगा।
चयनित जेबीटी पहले शिक्षा सदन के पीछे एकत्र हुये और सभा की। इसके बाद
जुलूस के रूप में नारे लगाते हुए शिक्षा मंत्री का आवास घेरने के लिये चले।
हाउसिंग बोर्ड चौक के पास पुलिस ने पहले ही अवरोधक खड़े करके रास्ता बंद
कर दिया था। लेकिन चयनित जेबीटी टीचर्स ने आगे बढ़ना जारी रखा। इस पर पुलिस
ने वाटर कैनन का प्रयोग किया। राज्य प्रधान तालू के अनुसार पानी की
बौछारों से अनिल मलिक, महावीर, पूनम और मीना को चोटें आई हैं। वहीं शिक्षा
मंत्री रामबिलास शर्मा से मिले प्रतिनिधिमंडल में प्रधान के अलावा अनिल,
सन्नी राजपूत, रणधीर, सोमनाथ, अंजूला, मीना और मीनाक्षी मलिक शामिल थे।
तालू के अनुसार शिक्षा मंत्री ने शुक्रवार को फिर से बातचीत के लिये बुलाया
है। उन्होंने बताया कि ज्वाइनिंग की मांग पूरी होने तक धरना जारी रहेगा।
संजय तालू के अनुसार अभी 905 ऐसे शिक्षक हैं जिन्हें ज्वाइनिंग मिलनी बाकी
है। उन्होंने बताया कि विभाग की ओर से 20 अप्रैल 2015 को अंतिम कुमारी बनाम
हरियाणा सरकार केस में सरकार की ओर से हाईकोर्ट में 12731 जेबीटी पद खाली
बताये गये थे। आठ जनवरी 2016 को मीनाक्षी मलिक बनाम राज्य सरकार के केस में
खाली पदों की संख्या 16254 बताई गई। इसके बाद हाईकोर्ट ने वेटिंग में
चयनित जेबीटी को वेटिंग में न मानकर चयनित माना था।
नयी नीति तक नहीं हटेंगे गेस्ट टीचर
चंडीगढ़ (ट्रिन्यू): शिक्षा मंत्री रामबिलास शर्मा ने राजकीय बहुतकनीकी
संस्थान गैस्ट फैकल्टी एसोसिएशन के प्रतिनिधियों को आश्वस्त किया है कि
प्रदेश के विभिन्न बहुतकनीकी संस्थानों में कार्यरत गैस्ट फैकल्टी को नई
नीति बनने तक नहीं हटाया जाएगा। राजकीय बहुतकनीकी संस्थान गैस्ट फैकल्टी
एसोसिएशन के प्रतिनिधियों ने बृहस्पतिवार को चंडीगढ़ में शिक्षा मंत्री से
मुलाकात की। प्रतिनिधियों ने विभिन्न मांगें रखीं, जिनमें पूरे वर्ष लगातार
सेवा, पूरे वर्ष के लिए प्रति माह के वेतन को निर्धारित किया जाना अादि
शामिल है।