राष्ट्रपति प्रणव मुखर्जी ने पांच सिंतबर को शिक्षक दिवस के मौके पर दिल्ली के डॉ राजेन्द्र प्रसाद सर्वोदय विद्यालय में छात्रों को संबोधित करते हुए लोकसभा और विधानसभा चुनाव एक साथ कराने का जिक्र किया था. इसके दो दिन बाद प्रधानमंत्री नरेंन्द्र मोदी ने सात सिंतबर को राष्ट्रपति के विचार का समर्थन किया था.