पाठ्यक्रम बदलकर सरकार को स्कूल में किताबें भेजी थी। मगर मई माह में भी स्कूलों में किताबें नहीं आई।
इस संबंध में राजकीय प्राथमिक शिक्षक संघ छछरौली की कार्यकारिणी की बैठक प्रधान महेंद्र सिंह कलेर की अध्यक्षता में हुई है।
जिसमें प्रधान महेंद्र सिंह कलेर ने कहा कि सरकार ने अबकी बार प्राथमिक स्कूलों के पाठ्यक्रम को बदलकर स्कूलों में किताबें भेजनी थी, लेकिन मई मास में भी स्कूलों में किताबें नहीं आई। प्राथमिक विद्यालयों में किताबें होने के कारण शिक्षक और बच्चे दोनों परेशान हंै।
अध्यापकों के आगे समस्या यह है कि शिक्षा विभाग ने मई मास का पाठ्यक्रम जारी कर दिया है जिसमें से बच्चों की तैयारी करवानी है लेकिन बिना किताबों के अध्यापक बच्चों को कैसे और कहां से पढ़ाया जाए। प्रधान कलेर ने बताया है कि पाठयक्रम बदला लेकिन सरकार की नियत और नीति नहीं बदली है। उन्होंने कहा है कि स्कूलों में किताबें नहीं फिर भी मासिक परीक्षाओं की डेट सीट जारी कर दी गई है।
उन्होंने सरकार से मांग कि है कि जल्द से जल्द स्कूलों में किताबें भिजवाने का काम करें ताकि बच्चों की पढ़ाई बाधित हो। साथ ही उन्होंने अंतरजिला तबादला नीति पर मुख्यमंत्री द्वारा लगाई गई रोक की भी निंदा की है।
साथ ही नवचयनित जेबीटी अध्यापकों की नियुक्ति में हो रही देरी के लिए भी सरकार को जिम्मेदार ठहराया है। साथ ही उन्होंने चेतावनी दी है कि अगर इस नवचयनित अध्यापकों को जल्दी ही नियुक्ति नहीं दी तो प्राथमिक शिक्षक संघ को सड़कों पर उतरने के लिए मजबूर होना पड़ेगा।
मौके पर प्रदीप कुमार, राकेश कुमार, गुलाबसिंह, अनिल मोर, अनीता खारवन, पुष्पलता,अमित ढिल्लो, धर्मेंद्र कलेसर, दलबीर, राजेश सिंगला, मोहन सिंह आदि अध्यापक उपस्थित थे।
सरकारी नौकरी - Army /Bank /CPSU /Defence /Faculty /Non-teaching /Police /PSC /Special recruitment drive /SSC /Stenographer /Teaching Jobs /Trainee / UPSC
इस संबंध में राजकीय प्राथमिक शिक्षक संघ छछरौली की कार्यकारिणी की बैठक प्रधान महेंद्र सिंह कलेर की अध्यक्षता में हुई है।
जिसमें प्रधान महेंद्र सिंह कलेर ने कहा कि सरकार ने अबकी बार प्राथमिक स्कूलों के पाठ्यक्रम को बदलकर स्कूलों में किताबें भेजनी थी, लेकिन मई मास में भी स्कूलों में किताबें नहीं आई। प्राथमिक विद्यालयों में किताबें होने के कारण शिक्षक और बच्चे दोनों परेशान हंै।
अध्यापकों के आगे समस्या यह है कि शिक्षा विभाग ने मई मास का पाठ्यक्रम जारी कर दिया है जिसमें से बच्चों की तैयारी करवानी है लेकिन बिना किताबों के अध्यापक बच्चों को कैसे और कहां से पढ़ाया जाए। प्रधान कलेर ने बताया है कि पाठयक्रम बदला लेकिन सरकार की नियत और नीति नहीं बदली है। उन्होंने कहा है कि स्कूलों में किताबें नहीं फिर भी मासिक परीक्षाओं की डेट सीट जारी कर दी गई है।
उन्होंने सरकार से मांग कि है कि जल्द से जल्द स्कूलों में किताबें भिजवाने का काम करें ताकि बच्चों की पढ़ाई बाधित हो। साथ ही उन्होंने अंतरजिला तबादला नीति पर मुख्यमंत्री द्वारा लगाई गई रोक की भी निंदा की है।
साथ ही नवचयनित जेबीटी अध्यापकों की नियुक्ति में हो रही देरी के लिए भी सरकार को जिम्मेदार ठहराया है। साथ ही उन्होंने चेतावनी दी है कि अगर इस नवचयनित अध्यापकों को जल्दी ही नियुक्ति नहीं दी तो प्राथमिक शिक्षक संघ को सड़कों पर उतरने के लिए मजबूर होना पड़ेगा।
मौके पर प्रदीप कुमार, राकेश कुमार, गुलाबसिंह, अनिल मोर, अनीता खारवन, पुष्पलता,अमित ढिल्लो, धर्मेंद्र कलेसर, दलबीर, राजेश सिंगला, मोहन सिंह आदि अध्यापक उपस्थित थे।
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