जागरण संवाददाता ,बरनाला मैट्रिक का नतीजा आते ही जिले में फिर से जाली एडमिशन का काला धंधा
शुरू हो गया है। यह काला धंधा कुछ प्राईवेट स्कूल प्रबंधकों व शिक्षा विभाग
के अधिकारियों की मिलीभगत से शहर में धड़ल्ले से चल रहा है। शिक्षा विभाग
द्वारा प्राईवेट स्कूलों के लिए जारी दिशा निर्देशों की भी खुल कर धज्जियां
उड़ाई जा रही है व जिला प्रशासन व शिक्षा विभाग मूकदर्शक बना हुआ हैं।
गौर हो कि कि शहर के कुछ प्राईवेट स्कूलों में मेडिकल, नॉन मेडिकल कक्षा ग्यारहवीं व बारहवीं के विद्यार्थियों का दाखिला किया जाता हैं। स्कूल के हाजरी रजिस्टर में विद्यार्थियों को उपस्थित दिखाया जाता हैं। परंतु यह विद्यार्थी इन स्कूलों में नहीं जाते बल्कि शहर से बाहर पटियाला, ब¨ठडा, चंडीगढ़, कोटा आदि अन्य शहरों में खुले को¨चग सेंटर में रह कर को¨चग लेते है। इसके बदले में स्कूल प्रबंधक इनके अभिभावकों से बीस हजार रुपये से तीस हजार रुपये तक की मोटी रकम वसूलते है। शहर के इन स्कूलों में विद्यार्थियों की उपस्थिति को दर्शाए रखने के लिए स्कूल प्रबंधक शिक्षा विभाग के अधिकारियों की मेहरबानी से इस काम को अंजाम दे रहे है। स्कूलों प्रबंधकों के हाथ लंबे होने के चलते शिक्षा विभाग के अधिकारी कभी भी इन स्कूलों की रुटीन चे¨कग करना उचित नहीं समझते। अगर जाते है तो आकर चुप्प हो जाते है।
इस बारे में डीइओ सेकेंडरी हरकमलजीत कौर ने कहा कि यह शिक्षा से जुड़ा संगीन मामला है। शिक्षा विभाग के नियमों को सख्ती से लागू करवाएंगे। स्कूलों की हाजरी रजिस्टर की नियमित चे¨कग की जाएगी। अगर उनके ध्यान में ऐसा कोई मामला आया तो उचित कानूनी कार्रवाई करेंगे।
Sponsored link :
सरकारी नौकरी - Army /Bank /CPSU /Defence /Faculty /Non-teaching /Police /PSC /Special recruitment drive /SSC /Stenographer /Teaching Jobs /Trainee / UPSC
गौर हो कि कि शहर के कुछ प्राईवेट स्कूलों में मेडिकल, नॉन मेडिकल कक्षा ग्यारहवीं व बारहवीं के विद्यार्थियों का दाखिला किया जाता हैं। स्कूल के हाजरी रजिस्टर में विद्यार्थियों को उपस्थित दिखाया जाता हैं। परंतु यह विद्यार्थी इन स्कूलों में नहीं जाते बल्कि शहर से बाहर पटियाला, ब¨ठडा, चंडीगढ़, कोटा आदि अन्य शहरों में खुले को¨चग सेंटर में रह कर को¨चग लेते है। इसके बदले में स्कूल प्रबंधक इनके अभिभावकों से बीस हजार रुपये से तीस हजार रुपये तक की मोटी रकम वसूलते है। शहर के इन स्कूलों में विद्यार्थियों की उपस्थिति को दर्शाए रखने के लिए स्कूल प्रबंधक शिक्षा विभाग के अधिकारियों की मेहरबानी से इस काम को अंजाम दे रहे है। स्कूलों प्रबंधकों के हाथ लंबे होने के चलते शिक्षा विभाग के अधिकारी कभी भी इन स्कूलों की रुटीन चे¨कग करना उचित नहीं समझते। अगर जाते है तो आकर चुप्प हो जाते है।
इस बारे में डीइओ सेकेंडरी हरकमलजीत कौर ने कहा कि यह शिक्षा से जुड़ा संगीन मामला है। शिक्षा विभाग के नियमों को सख्ती से लागू करवाएंगे। स्कूलों की हाजरी रजिस्टर की नियमित चे¨कग की जाएगी। अगर उनके ध्यान में ऐसा कोई मामला आया तो उचित कानूनी कार्रवाई करेंगे।
Sponsored link :
सरकारी नौकरी - Army /Bank /CPSU /Defence /Faculty /Non-teaching /Police /PSC /Special recruitment drive /SSC /Stenographer /Teaching Jobs /Trainee / UPSC