जागरण संवाददाता, फतेहाबाद : शिक्षा विभाग द्वारा बनाई गई स्थानांतरण
नीति 2016 में अध्यापकों में फैल रही विभिन्न प्रकार की भ्रांतियों को दूर
करने के लिए खंड शिक्षा विभाग प्रांगण में बैठक का आयोजन किया गया। बैठक की
अध्यक्षता बीईओ बलबीर सिहाग ने की, वही उप जिला शिक्षा अधिकारी दयानंद
सिहाग मुख्यतिथि में रूप शामिल हुए। इस दौरान खंड के विभिन्न स्कूलों के
स्कूल मुखिया मौजूद रहे।
बीईओ बलवीर सिहाग ने कहा कि नई स्थानांतरण नीति से अध्यापकों को फायदा होगा। उन्हें तबादला करवाने के लिए कही नहीं जाना होगा, बस आनलाइन आवेदन करना होगा। उन्होंने कहा कि सभी विद्यालयों को सात क्षेत्रों में बांटा गया है। क्षेत्र एक व दो में अधिक से अधिक पांच वर्ष तक सेवा का विकल्प रखा है।
उन्होंने कहा कि यदि कोई अध्यापक अपने विद्यालय में पांच वर्ष से अधिक का सेवा काल पूर्ण कर चुका है वो उस अध्यापक का स्थानांतरण अन्य विद्यालय में नहीं होगा।
बस शर्त यह है कि उस विद्यालय के लिए अन्य अध्यापक आवेदन न करे। बैठक में उपस्थित सभी स्कूल मुखिया को निर्देश दिए कि वो अपने स्कूल में कार्य करने वाले सभी कर्मचारियों नई नीति से अवगत करवाएं।
इस दौरान कृष्ण कुमार, अनिल वोहरा, देशराज आर्य, सुरेश शर्मा, राजेन्द्र गोदारा, सुमित्रा आर्य, नीलम सिहाग, मीना वोहरा व अश्वनी कंपानी मौजूद रहे।
ये है मुख्य विशेषताएं :
1. अपने करियर के लिए 1 से 7 तक वरीयता के अनुसार क्षेत्र चुनने का विकल्प।
2. आठवें विकल्प के रूप में जिला व राज्य में कही का भी विकल्प भी चुन सकता है।
3. मोरनी या मेवात क्षेत्र में स्थानांतरित करने की स्थिति में उसका बेसिक वेतन का 10 प्रतिशत व उस पर डीए देय होगा।
4. जिन अध्यापकों की सेवानिवृति का एक वर्ष से कम रह गया है, उनकी इच्छा के विरूद्ध स्थानांतरण नहीं होगा।
5. अध्यापकों को उनका पसंददीदा क्षेत्र व विद्यालय का आवंटन अध्यापक द्वारा अर्जित अंकों के आधार पर होगा।
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बीईओ बलवीर सिहाग ने कहा कि नई स्थानांतरण नीति से अध्यापकों को फायदा होगा। उन्हें तबादला करवाने के लिए कही नहीं जाना होगा, बस आनलाइन आवेदन करना होगा। उन्होंने कहा कि सभी विद्यालयों को सात क्षेत्रों में बांटा गया है। क्षेत्र एक व दो में अधिक से अधिक पांच वर्ष तक सेवा का विकल्प रखा है।
उन्होंने कहा कि यदि कोई अध्यापक अपने विद्यालय में पांच वर्ष से अधिक का सेवा काल पूर्ण कर चुका है वो उस अध्यापक का स्थानांतरण अन्य विद्यालय में नहीं होगा।
बस शर्त यह है कि उस विद्यालय के लिए अन्य अध्यापक आवेदन न करे। बैठक में उपस्थित सभी स्कूल मुखिया को निर्देश दिए कि वो अपने स्कूल में कार्य करने वाले सभी कर्मचारियों नई नीति से अवगत करवाएं।
इस दौरान कृष्ण कुमार, अनिल वोहरा, देशराज आर्य, सुरेश शर्मा, राजेन्द्र गोदारा, सुमित्रा आर्य, नीलम सिहाग, मीना वोहरा व अश्वनी कंपानी मौजूद रहे।
ये है मुख्य विशेषताएं :
1. अपने करियर के लिए 1 से 7 तक वरीयता के अनुसार क्षेत्र चुनने का विकल्प।
2. आठवें विकल्प के रूप में जिला व राज्य में कही का भी विकल्प भी चुन सकता है।
3. मोरनी या मेवात क्षेत्र में स्थानांतरित करने की स्थिति में उसका बेसिक वेतन का 10 प्रतिशत व उस पर डीए देय होगा।
4. जिन अध्यापकों की सेवानिवृति का एक वर्ष से कम रह गया है, उनकी इच्छा के विरूद्ध स्थानांतरण नहीं होगा।
5. अध्यापकों को उनका पसंददीदा क्षेत्र व विद्यालय का आवंटन अध्यापक द्वारा अर्जित अंकों के आधार पर होगा।
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