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162 बेरोजगार युवकों से करोड़ों रुपये की ठगी

तीन लोगों ने एक स्वयं सेवी संगठन बनाकर उसमें बेरोजगार लोगों को नौकरी देने की बात कहकर करीब दो करोड़ रुपये ठग लिए। ठगी के शिकार हुए बेरोजगार युवकों की संख्या 162 है। शिकायत मिलने के बाद आर्थिक अपराध जांच शाखा ने इस मामले की जांच शुरू कर दी है।

ठगी का शिकार हुए बेरोजगार युवकों ने डीसीपी सेंट्रल वीरेंद्र विज को दी गई शिकायत के मुताबिक, सेंट जॉन पुअर चिल्ड्रन एज्युकेशन एंड वेलफेयर एसोसिएशन, फरीदाबाद नाम के स्वयंसेवी संगठन ने अध्यापक, क्षेत्रिय अधिकारी, गृह शिक्षक, तहसील अधिकारी आदि के पदों के लिए बेरोजगार युवकों से आवेदन करने के लिए इश्तेहार वितरित किए थे।
इस स्वयंसेवी संगठन का कार्यालय सेक्टर-37 में था। इस पर बेरोजगार युवक-युवतियों ने संस्था की शर्तों के मुताबिक चेक, बैंक ड्राफ्ट और नकद जमा करवा दी। तहसील अधिकारी के लिए एक लाख 70 हजार रुपये, क्षेत्रिय अधिकारी एक लाख 20 हजार रुपये, अध्यापक और गृह शिक्षक से 80 हजार रुपये लिए गए। कुल 162 बेरोजगार युवक-युवतियों को इस संगठन ने नौकरी पर रखा था।

संगठन के पदाधिकारियों ने कहा था कि उनके पास पांच वर्ष तक वेतन देने के लिए पर्याप्त रकम है। पांच वर्ष के बाद उनके अनुबंध का नवीनीकरण कर दिया जाएगा। उसके बाद रुपये जमा करने वाले युवक-युवतियों को दो माह तक वेतन दिया गया था। उसके बाद संगठन के पदाधिकारी अपना दफ्तर बंद कर फरार हो गए। ठगी का पता चलने पर दो दिन पहले पीड़ित बेरोजगारों ने इस मामले की शिकायत डीसीपी सेंट्रल को दी थी। मंगलवार से आर्थिक अपराध जांच शाखा ने इस मामले की जांच शुरू कर दी है।
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