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तबादला नीति की विसंगतियों से प्राध्यापकों में रोष

जागरण संवाददाता, रेवाड़ी: शिक्षा विभाग द्वारा रविवार को जारी हुई तबादला सूची में विभिन्न विसंगतियों के आरोप लगने आरंभ हो गए हैं। जिले के एक दर्जन से अधिक स्कूलों के प्राध्यापकों को दूरदराज के जिलों में स्टेशन मिलने से भारी रोष व्याप्त है।
हरियाणा स्कूल लेक्चरर एसोसिएशन (हसला) के पूर्व राज्य प्रधान अनिल यादव ने विभाग को पत्र लिखकर उक्त विसंगतियों को दूर करने तथा संबन्धित प्राध्यापकों को जिले में ही समायोजित करने की मांग की है।
उन्होंने कहा कि माध्यमिक शिक्षा विभाग द्वारा जिले में अनेक स्कूलों में संबंधित पद रिक्त न होने के कारण उस स्टेशन पर नयी स्थानांतरण सूची के तहत पदभार ग्रहण करने पहुंचे अर्थशास्त्र प्राध्यापिका मंजू को गढ़ी बोलनी, कुलदीप को बगथला, ममता यादव को नांगल तेजू, धर्मबीर को सीहा में परेशानी का सामना करना पड़ा है। विभाग द्वारा जिले में अधिक संख्या में निर्धारित की गयी कैप्ट वेकेन्सी के चलते एक दर्जन से ज्यादा प्राध्यापकों को दूसरे जिलों में स्थानांतरित किया गया है।
इनमें मनोज कुमार झाबुआ से लुहारू, सुनील कुमार नांगल शहबाजपुर से नांगल चौधरी, अजीत कुमार कंवाली से पानीपत, संयोगिता खटावली से सिरसा, नरेन्द्र कुमार रेवाड़ी से अंबाला, जयसुधा रेवाड़ी से यमुनानगर, सोनिया डहीना से होडल, कैलाश नांगल पठानी से पलवल, स्नेहलता रेवाड़ी से कनीना, कंवर ¨सह हुसैनपुर से चरखी दादरी, दिनेश कुमार हुसैनपुर से लोहारू, योगिता कन्हौरी से पलवल, बिजेंद्र कंवाली से बल्लभगढ़, विजयदीप भाड़ावास से भट्टू, नीरु शर्मा बूढ़पुर से निलोखेड़ी, कामना नांगल जमालपुर से अंबाला, सुनीता मुंदी से रतिय, हेमलता डीजीपुरा से पलवल स्थानांतरित हुए हैं।

उन्होंने बताया कि विभाग ने स्थानांतरण नीति के साथ ही पदोन्नति, रेशनेलाइजेशन तथा पांच वर्ष से कम विकल्प एक साथ लेकर उक्त विसंगतियों को जन्म दिया है। इसके चलते प्राध्यापकों की वरिष्ठता को ताक पर रखा गया है। उन्होंने पत्र में उक्त विसंगतियों को प्राथमिकता के आधार पर दूर करने तथा सभी प्राध्यापकों को कैप्ट वेकेंसी में से स्टेशन देकर जिले में ही समायोजित करने की मांग की है।
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