कर्मचारियोंका पे बैंड 3600 से 3200 रुपए करने के एमडीयू प्रशासन के आदेश
पर शुक्रवार को नॉन टीचिंग स्टाफ बिफर पड़ा। डीएचई (डायरेक्टर हायर एजुकेशन)
के हवाले से भेजे गए पत्र में अपने वेतन से चार सौ रुपए के हिसाब से कटौती
को कर्मचारियों ने सिरे से नकार दिया।
अपनी मांगों को लेकर पहले से धरने पर बैठे कर्मचारियों ने सुबह प्रशासनिक भवन के बाहर गेट मीटिंग में हड़ताल का फैसला लिया। दिन भर काम बंद रहने के बाद शाम को वीसी से मुलाकात हुई। यहां वीसी के आश्वासन पर कर्मचारी माने और हड़ताल समाप्त की। इस बारे में सोमवार को गेट मीटिंग में घोषणा की जाएगी।
संघ के प्रधान रणधीर कटारिया ने कहा कि विवि प्रशासन ने कर्मचारियों को वेतन में कटौती का पत्र जारी किया है। इसमें पे बैंड चार सौ रुपए कम किया गया है। यह पत्र एक जनवरी 2006 से लागू रहेगा। ऐसे में कर्मचारियों को अब तक लिए अधिक वेतन का भुगतान करना होगा। साथ ही भविष्य में वेतन इसी हिसाब से मिलेगा। इस फैसले से कर्मचारियों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ेगा। इससे कर्मचारियों में रोष है। विवि प्रशासन ने कर्मचारियों की पुरानी मांगें तो अब तक पूरी नहीं की, ऊपर से नया फरमान और जारी कर दिया। इस कारण हड़ताल करनी पड़ी।
संघ के उपप्रधान निरंजन कुमार ने कहा कि 1987 में राज्यपाल की चेयरमैनशिप में हाई पावर कोआर्डिनेशन कमेटी गठित हुई थी। इसमें सभी विवि के वीसी रजिस्ट्रार शामिल थे। यहां विवि के मिनिस्ट्रियल स्टाफ कर्मचारियों को सचिवालय कर्मचारियों के समान मना गया। इनका वेतन भत्ते भी उनके समान रखे जाने का फैसला हुआ। डीएचई इससे अलग है। अब कर्मचारियों का वेतन कम करने का फरमान दिया जा रहा है। यह गलत है। इस बारे में सितंबर 2014 में सर्कुलर आया था। उस समय आचार संहिता लागू थी। इसके बावजूद ऐसा निर्देश जारी किया गया। इस बारे में चीफ इलेक्शन कमिशन को पत्र लिख जाएगा। इसके अलावा यह मामला अदालत में भी विचाराधीन है।
शुक्रवार को दिन भर कर्मचारियों की हड़ताल के बाद शाम को वीसी से उनकी मुलाकात हुई। यहां वीसी ने अदालत में केस का फैसला होने तक पे बैंड कम करने का पत्र वापस लेने का आश्वासन दिया। इसके बाद कर्मचारी वापस लौटे। एसोसिएशन अध्यक्ष ने बताया कि इस बारे में सोमवार को गेट मीटिंग में सभी को अवगत कराया जाएगा। इससे पूर्व विवि सचिवालय के गेट पर धरना दे रहे कर्मचारियों ने एसोसिएशन कार्यकारिणी की बैठक की। यहां अपनी मांगों को लेकर चर्चा की गई। इस मौके पर अनेक कर्मचारी मौजूद रहे।
विद्यार्थी रहे परेशान
कर्मचारियोंकी हड़ताल की वजह से दूर-दराज से आए विद्यार्थी काम होने की वजह से मायूस लौटे।
एमडीयू में गैर शिक्षक कर्मचारी संघ की हड़ताल के दौरान परीक्षा सदन में काम करवाने के लिए पंहुचे छात्रों को हड़ताल के बारे में बताता सुरक्षागार्ड।
रोहतक. एमडीयूके गैर शिक्षक कर्मचारी संघ के सदस्य मांगों को लेकर हड़ताल के दौरान धरने पर बैठे हुए।
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अपनी मांगों को लेकर पहले से धरने पर बैठे कर्मचारियों ने सुबह प्रशासनिक भवन के बाहर गेट मीटिंग में हड़ताल का फैसला लिया। दिन भर काम बंद रहने के बाद शाम को वीसी से मुलाकात हुई। यहां वीसी के आश्वासन पर कर्मचारी माने और हड़ताल समाप्त की। इस बारे में सोमवार को गेट मीटिंग में घोषणा की जाएगी।
संघ के प्रधान रणधीर कटारिया ने कहा कि विवि प्रशासन ने कर्मचारियों को वेतन में कटौती का पत्र जारी किया है। इसमें पे बैंड चार सौ रुपए कम किया गया है। यह पत्र एक जनवरी 2006 से लागू रहेगा। ऐसे में कर्मचारियों को अब तक लिए अधिक वेतन का भुगतान करना होगा। साथ ही भविष्य में वेतन इसी हिसाब से मिलेगा। इस फैसले से कर्मचारियों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ेगा। इससे कर्मचारियों में रोष है। विवि प्रशासन ने कर्मचारियों की पुरानी मांगें तो अब तक पूरी नहीं की, ऊपर से नया फरमान और जारी कर दिया। इस कारण हड़ताल करनी पड़ी।
संघ के उपप्रधान निरंजन कुमार ने कहा कि 1987 में राज्यपाल की चेयरमैनशिप में हाई पावर कोआर्डिनेशन कमेटी गठित हुई थी। इसमें सभी विवि के वीसी रजिस्ट्रार शामिल थे। यहां विवि के मिनिस्ट्रियल स्टाफ कर्मचारियों को सचिवालय कर्मचारियों के समान मना गया। इनका वेतन भत्ते भी उनके समान रखे जाने का फैसला हुआ। डीएचई इससे अलग है। अब कर्मचारियों का वेतन कम करने का फरमान दिया जा रहा है। यह गलत है। इस बारे में सितंबर 2014 में सर्कुलर आया था। उस समय आचार संहिता लागू थी। इसके बावजूद ऐसा निर्देश जारी किया गया। इस बारे में चीफ इलेक्शन कमिशन को पत्र लिख जाएगा। इसके अलावा यह मामला अदालत में भी विचाराधीन है।
शुक्रवार को दिन भर कर्मचारियों की हड़ताल के बाद शाम को वीसी से उनकी मुलाकात हुई। यहां वीसी ने अदालत में केस का फैसला होने तक पे बैंड कम करने का पत्र वापस लेने का आश्वासन दिया। इसके बाद कर्मचारी वापस लौटे। एसोसिएशन अध्यक्ष ने बताया कि इस बारे में सोमवार को गेट मीटिंग में सभी को अवगत कराया जाएगा। इससे पूर्व विवि सचिवालय के गेट पर धरना दे रहे कर्मचारियों ने एसोसिएशन कार्यकारिणी की बैठक की। यहां अपनी मांगों को लेकर चर्चा की गई। इस मौके पर अनेक कर्मचारी मौजूद रहे।
विद्यार्थी रहे परेशान
कर्मचारियोंकी हड़ताल की वजह से दूर-दराज से आए विद्यार्थी काम होने की वजह से मायूस लौटे।
एमडीयू में गैर शिक्षक कर्मचारी संघ की हड़ताल के दौरान परीक्षा सदन में काम करवाने के लिए पंहुचे छात्रों को हड़ताल के बारे में बताता सुरक्षागार्ड।
रोहतक. एमडीयूके गैर शिक्षक कर्मचारी संघ के सदस्य मांगों को लेकर हड़ताल के दौरान धरने पर बैठे हुए।
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