जागरण संवाददाता, समालखा अध्यापकों की कमी पर रोष जताते हुए ग्रामीणों ने पावटी राजकीय सीनियर
सेकेंडरी स्कूल में सुबह आठ बजे के करीब ताला जड़ दिया। ग्रामीण मुख्य गेट
पर प्रदर्शन करने लगे। विद्यार्थी और ग्रामीण बूंदाबांदी के बीच करीब पौने
दो घंटे तक मौजूद रहे। रहे।
खंड शिक्षा अधिकारी द्वारा दोनों लेक्चरर के डेप्यूटेशन को पांच सितंबर तक रोक देने के बाद ग्रामीणों ने ताला खोला। ग्रामीणों का कहना है कि स्कूल में पहले से ही भौतिक व वाणिज्य के लेक्चरर नहीं हैं। विद्यार्थियों की पढ़ाई बाधित हो रही है। ऊपर से गणित व अंग्रेजी के लेक्चरार का डेप्यूटेशन दूसरे स्कूल में किया जा रहा है।
ग्रामीण सुमेर सिंह, दीपक सिंह, राजबीर, पवन, आजाद, राजकुमार, राजेंद्र, प्रेम, मनोज, भूपेंद्र, मनोज ने बताया कि स्कूल में 9वीं से 12वीं तक के विद्यार्थियों की संख्या 215 के करीब है। अंग्रेजी विषय सभी के लिए अनिवार्य है। करीब 120 विद्यार्थी गणित पढ़ने वाले हैं। फिर विभागीय अधिकारी खाली लेक्चरार के पदों को भरने की बजाय अंग्रेजी की लेक्चरार सीमा व गणित के लेक्चरर अशोक गोयल को डेप्यूटेशन पर खोजकीपुर स्कूल भेज रहे हैं।
उन्होंने कहा कि दोनों अहम विषय हैं। इनके लेक्चरर के जाने से स्कूल का रिजल्ट खराब हो जाएगा। उन्होंने कहा कि राजकीय स्कूल में गरीब लोगों के विद्यार्थी ही पढ़ते हैं। उनके पास बच्चों को ट्यूशन पढ़ाने की क्षमता नहीं होती है। इससे बच्चों को भविष्य पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ेगा। विभाग के इसी फैसले के खिलाफ ग्रामीणों ने बुधवार सुबह आठ बजे के करीब स्कूल के मेनगेट पर ताला लगा दिया। शिक्षकों और विद्यार्थियों को अंदर नहीं जाने दिया।
कैसे मिलेगी बच्चों को गुणवत्ता पूर्ण शिक्षा : एक ओर प्रदेश सरकार राजकीय स्कूलों को प्राइवेट स्कूलों के समांतर लाने का दावा कर रही है, राजकीय स्कूल के बच्चों को गुणवत्ता परक शिक्षा देने की बात कह रही है, जिससे वे निजी स्कूलों के बच्चों के सामने स्पर्धा में टिका रहे। दूसरी तरफ बच्चों को पढ़ाने के लिए स्कूलों में विषयवार शिक्षक नहीं है। अभिभावकों को शिक्षकों की कमी पूरी करने के लिए स्कूल पर ताला लगाना पड़ रहा है। सोमवार को गांव नारायणा में भी राजकीय कन्या सीसे स्कूल में शिक्षकों की कमी के चलते ग्रामीणों ने ताला जड़ दिया था।
फैसले पर लगाई रोक : खंड शिक्षा अधिकारी बृजमोहन गोयल का कहना है कि खोजकीपुर स्कूल में लेक्चरार की कमी के कारण पावटी से गणित व अंग्रेजी विषय के लेक्चरर को सप्ताह में तीन-तीन दिन डेप्यूटेशन पर तबादला किया गया था। बुधवार को पावटी के ग्रामीणों ने इसका विरोध किया। उन्होंने बताया कि जिला शिक्षा अधिकारी के छुंट्टी से आने तक फिलहाल डेप्यूटेशन को रोक दिया गया है। पांच सितंबर के बाद समस्या का समाधान निकाला जाएगा।
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खंड शिक्षा अधिकारी द्वारा दोनों लेक्चरर के डेप्यूटेशन को पांच सितंबर तक रोक देने के बाद ग्रामीणों ने ताला खोला। ग्रामीणों का कहना है कि स्कूल में पहले से ही भौतिक व वाणिज्य के लेक्चरर नहीं हैं। विद्यार्थियों की पढ़ाई बाधित हो रही है। ऊपर से गणित व अंग्रेजी के लेक्चरार का डेप्यूटेशन दूसरे स्कूल में किया जा रहा है।
ग्रामीण सुमेर सिंह, दीपक सिंह, राजबीर, पवन, आजाद, राजकुमार, राजेंद्र, प्रेम, मनोज, भूपेंद्र, मनोज ने बताया कि स्कूल में 9वीं से 12वीं तक के विद्यार्थियों की संख्या 215 के करीब है। अंग्रेजी विषय सभी के लिए अनिवार्य है। करीब 120 विद्यार्थी गणित पढ़ने वाले हैं। फिर विभागीय अधिकारी खाली लेक्चरार के पदों को भरने की बजाय अंग्रेजी की लेक्चरार सीमा व गणित के लेक्चरर अशोक गोयल को डेप्यूटेशन पर खोजकीपुर स्कूल भेज रहे हैं।
उन्होंने कहा कि दोनों अहम विषय हैं। इनके लेक्चरर के जाने से स्कूल का रिजल्ट खराब हो जाएगा। उन्होंने कहा कि राजकीय स्कूल में गरीब लोगों के विद्यार्थी ही पढ़ते हैं। उनके पास बच्चों को ट्यूशन पढ़ाने की क्षमता नहीं होती है। इससे बच्चों को भविष्य पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ेगा। विभाग के इसी फैसले के खिलाफ ग्रामीणों ने बुधवार सुबह आठ बजे के करीब स्कूल के मेनगेट पर ताला लगा दिया। शिक्षकों और विद्यार्थियों को अंदर नहीं जाने दिया।
कैसे मिलेगी बच्चों को गुणवत्ता पूर्ण शिक्षा : एक ओर प्रदेश सरकार राजकीय स्कूलों को प्राइवेट स्कूलों के समांतर लाने का दावा कर रही है, राजकीय स्कूल के बच्चों को गुणवत्ता परक शिक्षा देने की बात कह रही है, जिससे वे निजी स्कूलों के बच्चों के सामने स्पर्धा में टिका रहे। दूसरी तरफ बच्चों को पढ़ाने के लिए स्कूलों में विषयवार शिक्षक नहीं है। अभिभावकों को शिक्षकों की कमी पूरी करने के लिए स्कूल पर ताला लगाना पड़ रहा है। सोमवार को गांव नारायणा में भी राजकीय कन्या सीसे स्कूल में शिक्षकों की कमी के चलते ग्रामीणों ने ताला जड़ दिया था।
फैसले पर लगाई रोक : खंड शिक्षा अधिकारी बृजमोहन गोयल का कहना है कि खोजकीपुर स्कूल में लेक्चरार की कमी के कारण पावटी से गणित व अंग्रेजी विषय के लेक्चरर को सप्ताह में तीन-तीन दिन डेप्यूटेशन पर तबादला किया गया था। बुधवार को पावटी के ग्रामीणों ने इसका विरोध किया। उन्होंने बताया कि जिला शिक्षा अधिकारी के छुंट्टी से आने तक फिलहाल डेप्यूटेशन को रोक दिया गया है। पांच सितंबर के बाद समस्या का समाधान निकाला जाएगा।
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