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दीवारों पर पोस्टर चिपका कर प्रचार नहीं कर पाएंगे गजुटा चुनाव के प्रत्याशी

जीजेयूमें 24 जनवरी काे होने वाले गजुटा यानि शिक्षक कर्मचारी संघ के चुनाव को लेकर जीजेयू प्रशासन कई तरह की तैयारियों में जुट गया है। चुनाव में होने वाले विवादों के निदान के लिए पहली बार इलेक्शन कमेटी बनाई है और नई गाइडलाइन भी तैयार की हैं।
मगर इसमें कई रोचक बातें भी हैं। इस बार गजुटा चुनाव के प्रत्याशी चुनाव प्रचार के लिए दीवारों पर पोस्टर या बैनर को चस्पा नहीं कर सकेंगे। महज पंफ्लेट वोटरों के हाथों में दे सकते हैं। ऐसा पर्यावरण संरक्षण करने और विवाद को कम करने के लिए किया है। वहीं बुधवार को नामांकन वापस लेने की अवधि भी पूरी हुई। इसमें एक्जीक्यूटिव काउंसिल में तीन प्रत्याशियों ने नामांकन वापस लिया है।

गजुटा चुनाव में महज उपप्रधान पद ही एक प्रत्याशी ने नामांकन वापस लिया है। जिससे इस पद पर अब चुनाव नहीं होंगे। प्रधान पद पर तीनों प्रत्याशी चुनाव लड़ेंगे। बता दें कि पहले शिक्षक और गैर शिक्षक चुनाव विवादित रहे हैं। ऐसे में सोसायटी रजिस्ट्रेशन के काम को भी पूरा करवाया जा रहा है। साथ ही इस बार छुट्टी पर जाने वाले प्रोफेसर को भी वोट डालने का मौका दिया जाएगा।

प्रधान के तीन, उपप्रधान पद पर एक प्रत्याशी

मुख्यचुनाव अधिकारी डॉ. मिलिंद पारले प्रधान पद पर तीन दावेदारों में मनोवैज्ञानिक विभाग से प्रोफेसर राकेश बहमनी, मैथेमेटिक्स विभाग से प्रोफेसर कपिल अौर डिस्टेंस एजुकेशन से प्रो. विनोद गोयल शामिल हैं। वहीं उपप्रधान पद पर एक प्रत्याशी द्वारा नामांकन वापिस लिए जाने से डॉ. राजेश ठाकुर अकेले प्रत्याशी रह गए हैं। इस पद पर अब चुनाव नहीं होगा। वहीं एक्जीक्यूटिव काउंसिल में कुल 12 प्रत्याशियों में विनिता चौहान, डॉ. तरुण, डॉ. अनिल भानखड़ ने नामांकन वापस ले लिया है। इसमें अब 6 पदों पर 9 कंडीडेट ही रह गए हैं।

वोट बराबर मिले तो छह-छह महीने मिलेगी प्रधानी

नएनियमों मे एक पद एक प्रत्याशी, प्रपोजर की जरूरत होना था ही, अब कुछ और भी तब्दीली की गई है। इसमें नया ये है कि अगर प्रधान पद पर वोटिंग बराबर होती है तो दोनों प्रत्याशियों को छह-छह महीने प्रधान पद पर बने रहने का मौका मिलेगा। मगर खास बात ये है कि पहले छह महीने प्रधान वो बनेगा जो उम्र में बड़ा होगा। इसके अलावा इस चुनाव में विजेता बॉडी का कार्यकाल खत्म कब होगा यह भी सुनिश्चित कर दिया गया है। ऐसे में अब 15 दिसंबर 2017 काे ही कार्यकाल खत्म हो जाएगा और इससे पहले ही आगामी चुनाव की तारीख घोषित करनी पड़ेगी। 

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