दोजमा पांच मुद्दे जन आंदोलन के प्रदेशस्तरीय सम्मेलन में सभी ने नि:शुल्क
बराबर शिक्षा मिलने की आवाज उठाई। छोटूराम स्टेडियम में हुए इस सम्मेलन में
134ए के तहत पिछड़े वर्ग के बच्चों को निजी स्कूलों में नि:शुल्क दाखिला
देने की व्यवस्था दुरुस्त करने पर जोर दिया।
बेरोजगारी भत्ता जल्द लागू कर युवाओं को दिए जाने का प्रस्ताव भी पारित किया गया। ऐसा नहीं होने पर संगठन मामले को राजनीतिक मुद्दा बनाएगा। इसी मुद्दे के समर्थन में वोट डाले जाएंगे। संचालक एडवोकेट सत्यवीर सिंह हुड्डा ने कहा कि राजनीतिक पार्टियों ने लोगों की आदत बिगाड़ दी है। लोग वहीं जाते हैं, जहां आना, जाना खाना फ्री हो। शिक्षा जैसे मुद्दे को लेकर भी चंद लोग ही घरों से निकल पा रहे हैं। भले ही ऐसे लोगों की संख्या कम है, मगर शिक्षा की अलख जगाने के लिए काफी हैं। शिक्षित बनना हर आदमी का अधिकार है। शिक्षा सभी को बराबर मिलनी चाहिए। नियम 134ए भी यही कहता है।
किसानोंमजदूरों को हक देने की अपील : उन्होंनेसरकार से किसानों मजदूरों का हक उन्हें देने की अपील करते हुए कहा कि अक्टूबर में किसान मजदूर रैली निकाली जाएगी। इसके जरिए अनाज के उचित भाव किसान को दिलाना मजदूरों को उनका हक दिलाने की आवाज उठाई जाएगी। अनाज के भाव को लेकर सुप्रीम कोर्ट में याचिका भी दायर की जाएगी। इस मौके पर रोहताश सिंहमार, बलबीर सरोहा, रणबीर सिंह, विनोद शर्मा, अर्जुन प्रजापत, सुमन श्योराण, दलबीर, नवीन, सत्ते फरमाणा समेत अनेक लोग मौजूद रहे।
आर्थिक रूप से कमजोर बच्चों को नि:शुल्क पढ़ाई का हक
आर्थिकरूप से कमजोर परिवारों के बच्चों को निजी स्कूलों में नि:शुल्क पढ़ाई का हक है। उन्हें स्कूल संचालक नियमानुसार दाखिला दें ताकि वे भी समाज की मुख्यधारा से जुड़ सकें। नियमों का उल्लंघन किया जाए। सरकार शिक्षा विभाग नियमों को लागू कराने में सहयोग करे। ऐसा नहीं करने पर कोर्ट ऑफ कंटेम्प्ट का केस बनता है। संगठन इस मामले में जरूरत पड़ी तो अधिकारियों के खिलाफ भी कोर्ट जाएंगे।
बेरोजगारी भत्ता जल्द लागू कर युवाओं को दिए जाने का प्रस्ताव भी पारित किया गया। ऐसा नहीं होने पर संगठन मामले को राजनीतिक मुद्दा बनाएगा। इसी मुद्दे के समर्थन में वोट डाले जाएंगे। संचालक एडवोकेट सत्यवीर सिंह हुड्डा ने कहा कि राजनीतिक पार्टियों ने लोगों की आदत बिगाड़ दी है। लोग वहीं जाते हैं, जहां आना, जाना खाना फ्री हो। शिक्षा जैसे मुद्दे को लेकर भी चंद लोग ही घरों से निकल पा रहे हैं। भले ही ऐसे लोगों की संख्या कम है, मगर शिक्षा की अलख जगाने के लिए काफी हैं। शिक्षित बनना हर आदमी का अधिकार है। शिक्षा सभी को बराबर मिलनी चाहिए। नियम 134ए भी यही कहता है।
किसानोंमजदूरों को हक देने की अपील : उन्होंनेसरकार से किसानों मजदूरों का हक उन्हें देने की अपील करते हुए कहा कि अक्टूबर में किसान मजदूर रैली निकाली जाएगी। इसके जरिए अनाज के उचित भाव किसान को दिलाना मजदूरों को उनका हक दिलाने की आवाज उठाई जाएगी। अनाज के भाव को लेकर सुप्रीम कोर्ट में याचिका भी दायर की जाएगी। इस मौके पर रोहताश सिंहमार, बलबीर सरोहा, रणबीर सिंह, विनोद शर्मा, अर्जुन प्रजापत, सुमन श्योराण, दलबीर, नवीन, सत्ते फरमाणा समेत अनेक लोग मौजूद रहे।
आर्थिक रूप से कमजोर बच्चों को नि:शुल्क पढ़ाई का हक
आर्थिकरूप से कमजोर परिवारों के बच्चों को निजी स्कूलों में नि:शुल्क पढ़ाई का हक है। उन्हें स्कूल संचालक नियमानुसार दाखिला दें ताकि वे भी समाज की मुख्यधारा से जुड़ सकें। नियमों का उल्लंघन किया जाए। सरकार शिक्षा विभाग नियमों को लागू कराने में सहयोग करे। ऐसा नहीं करने पर कोर्ट ऑफ कंटेम्प्ट का केस बनता है। संगठन इस मामले में जरूरत पड़ी तो अधिकारियों के खिलाफ भी कोर्ट जाएंगे।