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चार नहीं, आठ फर्जी शिक्षक दे रहे थे बोहर के परीक्षा केंद्र पर ड्यूटी

ब्यूरो/अमर उजाला, रोहतक बोहर के राजकीय कन्या वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय में मंगलवार को पकड़े गए चार फर्जी शिक्षकों के मामले में बुधवार को नया खुलासा हुआ है।
मामले की जांच कर रहे डिप्टी डीईओ की अंतरिम जांच रिपोर्ट में सामने आया है कि परीक्षा केंद्र में बोर्ड की ओर से ड्यूटी पर लगाए गए निजी स्कूलों के आठ असली शिक्षकों की जगह आठ फर्जी शिक्षक ड्यूटी दे रहे थे। फ्लाइंग ने आईडी जांची तो चार पकड़ में आ गए, जबकि बाकी के चार पेपर खत्म होने के बाद भाग गए। हालांकि, उनके नाम सामने नहीं आए हैं, लेकिन जांच की जा रही है।
मामले में सात निजी स्कूल संचालकों की मिलीभगत की भी आशंका जताई जा रही है। इन स्कूल संचालकों पर अनुशासनात्मक कार्रवाई के लिए शिक्षा निदेशालय और बोर्ड चेयरमैन से सिफारिश की जाएगी। वहीं, प्राथमिक जांच के बाद डीईओ ने बोहर के सेंटर को रद्द कर दिया है। अब इस सेंटर के परीक्षार्थियों की बाकी परीक्षाएं झज्जर रोड स्थित वैश्य गर्ल्स सीनियर सेकेंडरी स्कूल में होंगी। साथ ही, सुबह के सत्र में हुआ 10वीं का अंग्रेजी पेपर और बोर्ड की ओर से ड्यूटी पर लगाए स्टाफ को बदलने की सिफारिश की है।


जिनकी ड्यूटी परीक्षा केंद्र में वे स्कूल में पढ़ा रहे थे

रिलीविंग लेटर से लेकर मुहर और हस्ताक्षर तक हैं फर्जी


बोहर के परीक्षा केंद्र में जिन निजी स्कूलों के शिक्षकों की ड्यूटी लगी थी वह अपने स्कूल में पढ़ा रहे थे। निजी स्कूल संचालकों ने अपने शिक्षकों को रिलीव ही नहीं किया था। फर्जी शिक्षकोें ने निजी स्कूलों के नाम के जो रिलीविंग लेटर दिए हैं, वह फर्जी हैं। लेटर में लगाई गई मुहर और हस्ताक्षर भी फर्जी हैं। इसका खुलासा डीईओ सुनीता रूहिल की ओर से बुधवार को गठित की गई जांच कमेटी ने किया है।

डिप्टी डीईओ रोहतास वर्मा के नेेतृत्व में गठित जांच कमेटी में रोहतक बीईओ वीरेंद्र मलिक और महम बीईओ सुदर्शन छिल्लर शामिल थे। इन्होंने मामले की जांच की और संबंधित निजी स्कूल संचालकों के बयान लिए। निजी स्कूल संचालकों ने लिखित में बयान दिए कि उन्होंने अपने शिक्षकों को रिलीव नहीं किया है। परीक्षा के दौरान संबंधित शिक्षक स्कूलों में पढ़ा रहे थे।

सवाल : फर्जी शिक्षकों को कैसे पता चला कि असली शिक्षक रिलीव नहीं हुए
निजी स्कूल संचालकों की ओर से यह बयान देने के बाद की उन्होेंने अपने शिक्षकों को रिलीव नहीं किया था, कई सवाल उठने लगे हैं। मसलन, फर्जी शिक्षकों को कैसे मालूम चला कि सेंटर पर जिन निजी स्कूलों के शिक्षकों की ड्यूटी लगी है वह रिलीव नहीं किये गए हैं? फर्जी शिक्षकों ने संबंधित स्कूल का लेटर कैसे हासिल किया? संबंधित शिक्षकों का हस्ताक्षर कैसे मालूम किया?

जिन शिक्षकों की ड्यूटी लगी थी उनका नाम और पता कहां से और कैसे हासिल किया? पूरे प्रकरण में निजी स्कूल संचालक से लेकर उनके शिक्षक तक संदेह के घेरे में हैं। यह भी आशंका है कि मामले कोई संगठित नकल कराने वाला गिरोह काम कर रहा है। यह भी हो सकता है कि नकल कराने और पास कराने का किसी गिरोह ने ठेका लिया हो।

सात निजी स्कूलों के 13 शिक्षकाें की लगाई थी ड्यूटी
हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड की परीक्षा में निजी स्कूलाें के शिक्षकाें की भी ड्यूटी लगाई गई है। अब यह शिक्षक सेंटर सुपरिंटेंडेंट के लिए गले की फांस बन गए हैं। जहां ज्यादातर निजी स्कूलों के संचालकों ने अपने शिक्षकों को रिलीव नहीं किया है, वहीं असली शिक्षकों की जगह नकली शिक्षक ड्यूटी दे रहे हैं। बोहर के सरकारी स्कूल में सात निजी स्कूलों के 13 शिक्षकों की ड्यूटी लगाई गई थी। इनमें से दो निजी स्कूलों से असली शिक्षक ड्यूटी देने नहीं आए। एक स्कूल ने असली तो बाकी के बचे निजी स्कूलों से नकली शिक्षक आए। इसमें से चार फर्जी शिक्षक तो पकड़े गए। बाकी चार नकली शिक्षक जांच में सामने आए।

निष्कर्ष रिपोर्ट आज होगी तैयार, केस दर्ज करने की करेंगे सिफारिश
शिक्षा विभाग की ओर से गठित जांच कमेटी की ओर से वीरवार को निष्कर्ष रिपोर्ट तैयार की जाएगी। रिपोर्ट भिवानी बोर्ड और शिक्षा निदेशालय पंचकूला को भेजी जाएगी। रिपोर्ट के आधार पर कमेटी बाकी के चार फर्जी शिक्षकों पर केस दर्ज करने की सिफारिश करेगी।

व्यस्तता के चलते नहीं कर पाए आईडी की जांच
बोहर सेंटर के सुपरिंटेंडेंट ने जांच कमेटी को दिए बयान में कहा कि वे व्यस्तता के चलते शिक्षकों की आईडी की जांच नहीं कर पाए। फ्लाइंग द्वारा एक फर्जी शिक्षक पकड़े जाने के बाद उन्होंने बाकी की जांच की। इसमें सुपरवाइजरों को उत्तर पुस्तिकाएं जमा कराते समय आईडी कार्ड और रिलीविंग लेटर देने को कहा, लेकिन चार शिक्षक भाग गए। इसके चलते उन्हें शक हुआ।

सेंटर की परीक्षा रद्द करने की सिफारिश
बोहर के सरकारी स्कूल में फर्जी शिक्षक मामले में भिवानी बोर्ड को अंतरिम रिपोर्ट भेज दी गई है। इसके लिए डिप्टी डीईओ और दो बीईओ की कमेटी तैयार बनाई है। जिस सेंटर पर फर्जी शिक्षक पकड़े गए हैं उस सेंटर के 10वीं के नियमित विद्यार्थियों की अंग्रेजी परीक्षा को रद्द करने और स्टाफ बदलने की सिफारिश की है। जांच में जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
- सुनीता रूहिल, डीईओ, रोहतक।

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