पंचकूला/चंडीगढ़, 26 अप्रैल (नस) जेबीटी शिक्षकों को मैरिट के आधार पर नियुक्ति देने के पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट के फैसले के बीच एचटेट-2013 बैच के 2,300 जेबीटी अध्यापकों ने बुधवार को सरकार के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए जेबीटी शिक्षकों की नियुक्ति के मानदंडों को गलत ठहराया।
शिक्षकों ने बुधवार को चंडीगढ़ में सीएम हाऊस के बाहर प्रदर्शन किया, वहीं देर शाम रिहा किये जाने के साथ ही उन्होंने पंचकूला के शिक्षा सदन का घेराव किया।
गुस्साये शिक्षकों ने बताया कि 20 अप्रैल को हाईकोर्ट ने सरकार को आदेश दिये कि शिक्षकों की भर्ती मेरिट के आधार पर की जाये परंतु सरकार ने वर्ष- 2011 में हुड्डा सरकार में चयनित जेबीटी शिक्षकों को नियुक्ति देने का फैसला किया, जबकि खुद सरकार ने वर्ष-2013 में चयनित जेबीटी शिक्षकों को नियुक्ति से दूर कर दिया। रवि दहिया ने कहा कि हाईकोर्ट के डबल बैंच ने उनकी नियुक्ति पर से स्टे हटा दिया था, बावजूद इसके सरकार ने मैरिट आधार पर जेबीटी की वर्ष-2013 की सूची को छोड़ दिया। प्रदेश में दूसरी सूची के अंतर्गत करीब 2,300 अध्यापक हैं, जो खुद को ठगा महसूस कर रहे हैं। शिक्षक संघ के नेता संजय तालू, नरेन्द्र मलिक, विकास व रवि दहिया की अगुआई में प्रदर्शन किया।
इस अवसर पर उन्होंने हाईकोर्ट के आदेशों के अनुरूप नियुक्ति देने की मांग की। प्रदर्शनकारियों को उग्र होते देख पुलिस ने शिक्षकों को हिरासत में ले लिया और देरशाम रिहा कर दिया।
टावर पर चढ़ा शिक्षक
शिक्षकों ने बुधवार शाम 7 बजे शिक्षा सदन का घेराव शुरू किया। जिसमें महिलाएं भी शामिल थीं, उन्होंने अपने दुपट्टे सदन के बाहर फेंककर प्रदर्शन किया। इस दौरान शिक्षक मोहित मोबाइल टॉवर पर जा चढ़ा। जिला पंचकूला की सीटीएम ममता शर्मा और एसीपी मुकेश मल्होत्रा ने शिक्षकों की मांग सरकार तक पहुंचाने की बात कही। फायर विभाग के कर्मचारियों की मदद से उसे ढाई घंटे बाद उतारा और पुलिस के हवाले किया।
शिक्षकों ने बुधवार को चंडीगढ़ में सीएम हाऊस के बाहर प्रदर्शन किया, वहीं देर शाम रिहा किये जाने के साथ ही उन्होंने पंचकूला के शिक्षा सदन का घेराव किया।
गुस्साये शिक्षकों ने बताया कि 20 अप्रैल को हाईकोर्ट ने सरकार को आदेश दिये कि शिक्षकों की भर्ती मेरिट के आधार पर की जाये परंतु सरकार ने वर्ष- 2011 में हुड्डा सरकार में चयनित जेबीटी शिक्षकों को नियुक्ति देने का फैसला किया, जबकि खुद सरकार ने वर्ष-2013 में चयनित जेबीटी शिक्षकों को नियुक्ति से दूर कर दिया। रवि दहिया ने कहा कि हाईकोर्ट के डबल बैंच ने उनकी नियुक्ति पर से स्टे हटा दिया था, बावजूद इसके सरकार ने मैरिट आधार पर जेबीटी की वर्ष-2013 की सूची को छोड़ दिया। प्रदेश में दूसरी सूची के अंतर्गत करीब 2,300 अध्यापक हैं, जो खुद को ठगा महसूस कर रहे हैं। शिक्षक संघ के नेता संजय तालू, नरेन्द्र मलिक, विकास व रवि दहिया की अगुआई में प्रदर्शन किया।
इस अवसर पर उन्होंने हाईकोर्ट के आदेशों के अनुरूप नियुक्ति देने की मांग की। प्रदर्शनकारियों को उग्र होते देख पुलिस ने शिक्षकों को हिरासत में ले लिया और देरशाम रिहा कर दिया।
टावर पर चढ़ा शिक्षक
शिक्षकों ने बुधवार शाम 7 बजे शिक्षा सदन का घेराव शुरू किया। जिसमें महिलाएं भी शामिल थीं, उन्होंने अपने दुपट्टे सदन के बाहर फेंककर प्रदर्शन किया। इस दौरान शिक्षक मोहित मोबाइल टॉवर पर जा चढ़ा। जिला पंचकूला की सीटीएम ममता शर्मा और एसीपी मुकेश मल्होत्रा ने शिक्षकों की मांग सरकार तक पहुंचाने की बात कही। फायर विभाग के कर्मचारियों की मदद से उसे ढाई घंटे बाद उतारा और पुलिस के हवाले किया।