जागरण संवाददाता, फरीदाबाद : हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड की
परीक्षाओं में जिले में खराब परीक्षा परिणाम को लेकर अब उपायुक्त ने
शिक्षकों की क्लास लगाने का निर्णय लिया है। उपायुक्त समीर पाल सरो
बृहस्पतिवार को हाई और सीनियर सेकेंडरी स्कूल के शिक्षकों की बैठक लेंगे।
बोर्ड परीक्षा में दसवीं और बारहवीं में जिला अंतिम पायदान पर रहा था।
उपायुक्त शिक्षकों की बैठक सेक्टर-12 के हुडा प्रदर्शनी हाल में लेंगे, जिसमें शिक्षकों से खराब परीक्षा परिणाम का कारण पूछा जाएगा।
पिछले वर्ष भी दसवीं और बारहवीं की परीक्षा में फरीदाबाद जिला अंतिम स्थान पर रहा था। इसके अलावा मंगलवार से जिला शिक्षा विभाग ने भी परीक्षा परिणाम की समीक्षा करनी शुरू कर दी है। प्रत्येक दिन 10 स्कूलों के शिक्षकों को बैठक में बुलाया जा रहा है। बुधवार को भी शिक्षा अधिकारी मनोज कौशिक ने 10 स्कूल के शिक्षकों की बैठक ली।
लापरवाही कबूलने के बजाय शिक्षा नीति में ही खामियां निकाल रहे शिक्षक खराब परीक्षा परिणाम का असर शिक्षकों पर बिल्कुल भी नजर नहीं आ रहा है। बैठक में आने वाले शिक्षक अपनी लापरवाही कबूलने के बजाय शिक्षा नीति में ही खामियां बता रहे हैं। बैठक में आए कई शिक्षकों ने तो मूल्यांकन विधि पर ही सवाल उठा दिया है। इसके अलावा कई शिक्षकों का कहना था कि उन्हें सरकारी स्कूलों को पर्याप्त सुविधाएं न मिलने के कारण परीक्षा परिणाम खराब रहता है।
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जिला शिक्षा विभाग खराब परीक्षा परिणाम को लेकर लगातार समीक्षा कर रहा है। बृहस्पतिवार को उपायुक्त समीर पाल सरो भी परीक्षा परिणाम की समीक्षा करेंगे।
डॉ. मनोज कौशिक, जिला शिक्षा अधिकारी।
उपायुक्त शिक्षकों की बैठक सेक्टर-12 के हुडा प्रदर्शनी हाल में लेंगे, जिसमें शिक्षकों से खराब परीक्षा परिणाम का कारण पूछा जाएगा।
पिछले वर्ष भी दसवीं और बारहवीं की परीक्षा में फरीदाबाद जिला अंतिम स्थान पर रहा था। इसके अलावा मंगलवार से जिला शिक्षा विभाग ने भी परीक्षा परिणाम की समीक्षा करनी शुरू कर दी है। प्रत्येक दिन 10 स्कूलों के शिक्षकों को बैठक में बुलाया जा रहा है। बुधवार को भी शिक्षा अधिकारी मनोज कौशिक ने 10 स्कूल के शिक्षकों की बैठक ली।
लापरवाही कबूलने के बजाय शिक्षा नीति में ही खामियां निकाल रहे शिक्षक खराब परीक्षा परिणाम का असर शिक्षकों पर बिल्कुल भी नजर नहीं आ रहा है। बैठक में आने वाले शिक्षक अपनी लापरवाही कबूलने के बजाय शिक्षा नीति में ही खामियां बता रहे हैं। बैठक में आए कई शिक्षकों ने तो मूल्यांकन विधि पर ही सवाल उठा दिया है। इसके अलावा कई शिक्षकों का कहना था कि उन्हें सरकारी स्कूलों को पर्याप्त सुविधाएं न मिलने के कारण परीक्षा परिणाम खराब रहता है।
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जिला शिक्षा विभाग खराब परीक्षा परिणाम को लेकर लगातार समीक्षा कर रहा है। बृहस्पतिवार को उपायुक्त समीर पाल सरो भी परीक्षा परिणाम की समीक्षा करेंगे।
डॉ. मनोज कौशिक, जिला शिक्षा अधिकारी।