करनाल। नौकरी के लिए भूख हड़ताल पर बैठे जेबीटी की हालत देख कर उनके मां-बाप और बच्चे भी अश्रु बहा रहे हैं। इन शिक्षकों की तबीयत बिगड़ती जा रही है। मंगलवार को धरना स्थल पर ऐसा ही नजारा देखने को मिला। मां को बीमार हालत में देखकर बच्ची उसके गले लगकर रोती रही।
मां इस हालत में नहीं थी कि वह बच्ची को चुप भी करवा सके। इधर भूख हड़ताल पर बैठे शिक्षक इलाज करवाने से भी मना कर रहे हैं। उनका साफ कहना है कि जब तक नौकरी नहीं मिलती वह कुछ नहीं खाएंगे।
धरने की अध्यक्षता कर रहे सर्वप्रीत संधु और रश्मि सैनी ने कहा कि सरकार ने शिक्षकों का घोर अपमान किया है। एक महीना नौकरी पर रखकर उन्हें हटा देना किसी भद्दे मजाक से कम नहीं है। शिक्षकों ने कहा कि सरकार बड़े हादसे का इंतजार कर रही है। शिक्षक भूख हड़ताल पर अडिग हैं और किसी भी सूरत में नौकरी लेकर ही दम लेंगे।
ये रहे अनशन में शामिल
अनशन पर बैठने वाले शिक्षकों में सत्यवान सचिन, वीर सिंह, सोनू कुंडु, महेश, पंकज रानी, राज कुमार, सीमा रानी, सुनीता, ऋषिपाल, ब्रह्म प्रकाश, सूरज प्रकाश, वीरेंद्र, सोनू, कुलदीप और रेशमा कांबोज शामिल हैं। सर्व कर्मचारी संघ सहित कई संगठनों ने शिक्षकों की मांग को जायज बताते हुए उन्हें समर्थन दिया है।
मां इस हालत में नहीं थी कि वह बच्ची को चुप भी करवा सके। इधर भूख हड़ताल पर बैठे शिक्षक इलाज करवाने से भी मना कर रहे हैं। उनका साफ कहना है कि जब तक नौकरी नहीं मिलती वह कुछ नहीं खाएंगे।
धरने की अध्यक्षता कर रहे सर्वप्रीत संधु और रश्मि सैनी ने कहा कि सरकार ने शिक्षकों का घोर अपमान किया है। एक महीना नौकरी पर रखकर उन्हें हटा देना किसी भद्दे मजाक से कम नहीं है। शिक्षकों ने कहा कि सरकार बड़े हादसे का इंतजार कर रही है। शिक्षक भूख हड़ताल पर अडिग हैं और किसी भी सूरत में नौकरी लेकर ही दम लेंगे।
ये रहे अनशन में शामिल
अनशन पर बैठने वाले शिक्षकों में सत्यवान सचिन, वीर सिंह, सोनू कुंडु, महेश, पंकज रानी, राज कुमार, सीमा रानी, सुनीता, ऋषिपाल, ब्रह्म प्रकाश, सूरज प्रकाश, वीरेंद्र, सोनू, कुलदीप और रेशमा कांबोज शामिल हैं। सर्व कर्मचारी संघ सहित कई संगठनों ने शिक्षकों की मांग को जायज बताते हुए उन्हें समर्थन दिया है।