अलेवा | धनखेड़ीके राजकीय हाई स्कूल में काफी समय से विज्ञान और संस्कृत
विषय के अध्यापक के पद खाली होने से नाराज विद्यार्थियों ने सोमवार को
स्कूल के मुख्य गेट पर ताला लगा दिया। सुबह ही कई विद्यार्थियों ने मेन गेट
के बाहर खड़े होकर शिक्षा विभाग के खिलाफ नारेबाजी कर रोष जताया।
काफी देर तक शिक्षा विभाग का कोई अधिकारी नहीं पहुंचा। बाद में ताला जड़ने की सूचना मिलते ही हिंदी अध्यापक जगदीश कुमार मौके पर पहुंचे और मामला उच्च अधिकारियों के संज्ञान में लाने का आश्वासन देकर करीब एक घंटे बाद ताले को खुलवाया।
अध्यापक जगदीश कुमार को अपनी परेशानी बताते हुए छात्र रोहित, सोनू, मोहित, अमित ने बताया कि स्कूल में काफी समय से विज्ञान और संस्कृत विषय के अध्यापक के पद खाली हैं। इससे विद्यार्थियों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है। उन्होंने कहा कि शिक्षक के खाली पद के कारण बच्चों को मजबूरन ट्यूशन के जरिए शिक्षा लेनी पड़ रही है। ग्रामीण सत्यवान, राममेहर, प्रदीप ने कहा कि बच्चों को आर्थिक और मानसिक परेशानी से जूझना पड़ रहा है। मामले को लेकर पंचायत को भी अवगत करवाया, लेकिन पंचायत द्वारा विभाग के उच्च अधिकारियों से मिलने का आश्वासन देकर हर बार विद्यार्थियों को बरगलाने का काम किया। इसके कारण बच्चों को मजबूर होकर स्कूल के मुख्य गेट पर ताला जड़ना पड़ा। उन्होंने कहा कि अगर सरकार शिक्षा विभाग द्वारा स्कूल में शिक्षकों के रिक्त पदों जल्द नहीं भरा गया तो ग्रामीण कोई भी बड़ा कदम उठा सकते हैं। जिसकी सारी जिम्मेदारी शिक्षा विभाग प्रशासन की होगी।
उच्च अधिकारियों को कराया सूचित : मुख्याध्यापक
इसमामले को लेकर स्कूल मुख्याध्यापक रोशनलाल ने बताया कि स्कूल में विज्ञान और संस्कृत के अध्यापकों के पद खाली हैं। इसको लेकर समय-समय पर विभाग को सूचित किया जाता है। अध्यापकों को लगाना विभाग के उच्च अधिकारियों का काम है। फिलहाल जैसे-तैसे करके उक्त विषयों की पढ़ाई दूसरे शिक्षकों से करवाई जा रही है।
काफी देर तक शिक्षा विभाग का कोई अधिकारी नहीं पहुंचा। बाद में ताला जड़ने की सूचना मिलते ही हिंदी अध्यापक जगदीश कुमार मौके पर पहुंचे और मामला उच्च अधिकारियों के संज्ञान में लाने का आश्वासन देकर करीब एक घंटे बाद ताले को खुलवाया।
अध्यापक जगदीश कुमार को अपनी परेशानी बताते हुए छात्र रोहित, सोनू, मोहित, अमित ने बताया कि स्कूल में काफी समय से विज्ञान और संस्कृत विषय के अध्यापक के पद खाली हैं। इससे विद्यार्थियों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है। उन्होंने कहा कि शिक्षक के खाली पद के कारण बच्चों को मजबूरन ट्यूशन के जरिए शिक्षा लेनी पड़ रही है। ग्रामीण सत्यवान, राममेहर, प्रदीप ने कहा कि बच्चों को आर्थिक और मानसिक परेशानी से जूझना पड़ रहा है। मामले को लेकर पंचायत को भी अवगत करवाया, लेकिन पंचायत द्वारा विभाग के उच्च अधिकारियों से मिलने का आश्वासन देकर हर बार विद्यार्थियों को बरगलाने का काम किया। इसके कारण बच्चों को मजबूर होकर स्कूल के मुख्य गेट पर ताला जड़ना पड़ा। उन्होंने कहा कि अगर सरकार शिक्षा विभाग द्वारा स्कूल में शिक्षकों के रिक्त पदों जल्द नहीं भरा गया तो ग्रामीण कोई भी बड़ा कदम उठा सकते हैं। जिसकी सारी जिम्मेदारी शिक्षा विभाग प्रशासन की होगी।
उच्च अधिकारियों को कराया सूचित : मुख्याध्यापक
इसमामले को लेकर स्कूल मुख्याध्यापक रोशनलाल ने बताया कि स्कूल में विज्ञान और संस्कृत के अध्यापकों के पद खाली हैं। इसको लेकर समय-समय पर विभाग को सूचित किया जाता है। अध्यापकों को लगाना विभाग के उच्च अधिकारियों का काम है। फिलहाल जैसे-तैसे करके उक्त विषयों की पढ़ाई दूसरे शिक्षकों से करवाई जा रही है।