जेबीटी
शिक्षक भर्ती चार साल से केसों में उलझी है। अब तक करीब 45 केस लगे हैं।
पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट में एमए दो नंबर का भी एक केस शामिल हैं। इसकी
सुनवाई 14 फरवरी को होगी। इसमें वे 2011 के अन सिलेक्टिड पात्र व 2013 के
अन सिलेक्टिड पात्रों की तर्ज पर फाइनल रिजल्ट तक एडहॉक पर रखे जाने की
मांग करेंगे। एमए दो नंबर यूनियन के प्रधान संदीप सरदाना व पबनावा गांव
निवासी जितेंद्र भार्गव ने बताया कि वर्ष 2011 के एचटेट पर जेबीटी की भर्ती
ली गई थी। फार्म भरे जाने के बाद 2013 में एचटेट पास करने वालों ने कोर्ट
केस कर भर्ती में शामिल हो गए। रिजल्ट में वर्ष 2011 के एचटेट वालों के
आधार पर आ गया।
इसमें उनकी एमए के आधार पर दिए जाने वाले दो नंबर एड न होने पर उन्होंने केस डाल दिया। अब तक एचटेट 2011 व एचटेट 2013 वालों को सिलेक्टिड के बाद अन सिलेक्टिड कर दिया। सरकार ने दोनों ही तरह के पात्रों को 20/76-2017 पत्र क्रमांक पर एडहॉक पर ज्वानिंग करवा दिया। जबकि इसका फाइनल फैसला भी नहीं आया है। ऐसी ही स्थिति उनके साथ है। उनका भी अंतिम फैसला आने तक एडहॉक पर ज्वाइनिंग करवाई जाए। ताकि वे अपनी परिवार का गुजारा कर सके। इसी बात को वे आज कोर्ट में रखेंगे ताकि कोर्ट आधार बनाकर सरकार से उन्हें एडहॉक पर ज्वाइन करवा सके दे।
एमए के दो अंकों को न जोड़ने का मामला
9455 जेबीटी शिक्षकों की भर्ती को उन उम्मीदवारों ने चुनौती दी थी, जिन्होंने एमए की हुई थी लेकिन उन्हें एमए के अतिरिक्त दो अंक नहीं दिए गए थे। सरकार ने जवाब दिया था कि तकनीकी कारणों से एमए के दो नंबर इंटरव्यू में ही जुड़ गए हैं। इसी की जांच के लिए कंप्यूटर की हार्ड डिस्क की सीएफएसएल से जांच करवाई गई। जो अभी तक लंबित है।