गरीब बच्चों को नियमावली 134-ए के तहत फ्री शिक्षा देने वाले निजी स्कूलों ने सरकारी अध्यापकों की ड्यूटी पर सवालिया निशान लगाए है।
निजी स्कूल संचालकों का आरोप है कि लिखित परीक्षा के दौरान सरकारी अध्यापक अपने चहेते बच्चों को नकल करवाते है। इसलिए परीक्षा केंद्रों पर एक निजी स्कूल की तरफ से स्टाफ को ड्यूटी में शामिल किया जाए। इसी मांग को लेकर निजी स्कूल संचालकों का एक प्रतिनिधिमंडल उपायुक्त डाॅ.हरदीप सिंह से मिला। उपायुक्त ने उनकी मांग पर स्वीकृति प्रदान की है। डीसी ने आश्वासन दिया है कि शिक्षा विभाग द्वारा बनाए जाने वाले परीक्षा केंद्रों में एक प्रतिनिधि निजी स्कूल की तरफ से भी लिया जाएगा। ताकि परीक्षा की गोपनीयता बनी रहे। उन्होंने शिक्षा विभाग के अधिकारियों को इसके लिए निर्देश भी जारी किये हैं।
हर छात्र को मिले लाभ
डीसी से मिलने आएं निजी स्कूलों के प्रतिनिधिमंडल ने कहा कि शिक्षा के अधिकार की नियमावली 134-ए के तहत गरीब बच्चों को फ्री शिक्षा दी जाती है। इस योजना का लाभ लेने के लिए लिखित परीक्षा में 55 फीसदी अंक आने चाहिए। लिखित परीक्षा में सरकारी स्कूलों के अध्यापकों की ड्यूटी होती है। इस परीक्षा में निजी स्कूलों से स्टाफ को नहीं लिया जाता। इसलिए परीक्षा में भेदभाव हो सकता है। ऐसे में परीक्षा केंद्रों में कम से कम एक शिक्षक को स्टाफ ड्यूटी में शामिल किया जाएं। उपायुक्त ने प्रतिनिधिमंडल को आश्वासन देते हुए अपनी स्वीकृति प्रदान की।
योजना का लाभ लेने के लिए लिखित परीक्षा में 55 फीसदी अंक आने चाहिए
अंतिम दिन फार्म जमा करने के लिए लगी रही भीड़
नियम 134 ए के तहत निजी स्कूलों में बच्चों का दाखिला करवाने के लिए खंड शिक्षा अधिकारी कार्यालय में फार्म जमा करवाते हुए अभिभावक।
कॉमर्स संकाय के उत्थान के लिए बोर्ड चेयरमैन ने माने सुझाव
टोहाना | कॉमर्स प्रवक्ताओं ने कॉमर्स संकाय के उत्थान के लिए हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड चेयरमैन जगबीर मलिक को 9 सुझाव दिए हैं। जिसे बोर्ड चेयरमैन ने मान लिया है तथा इन्हें लागू करने के लिए कवायद भी शुरू कर दी है। इसके लिए प्रवक्ताओं ने चेयरमैन से उनके कार्यालय में जाकर भेंट की।
सात सदस्यीय प्रतिनिधि मंडल में राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय, ललौदा से सुनील बंसल, राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय, टोहाना से कृष्ण कुमार, राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय, अमानी से मनोज कुमार, राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय, बवानीखेड़ा से बजरंग लाल शर्मा, राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय, तावड़ू से गौरी शंकर, जाट वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय, हिसार से राकेश मोर व राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय, झज्जर से गोबिंद गुप्ता शामिल थे। उन्होंने बोर्ड चेयरमैन को विस्तृत जानकारी देकर आग्रह किया कि यदि बोर्ड इन सुझावों पर अमल करता है तो कॉमर्स संकाय के बच्चों को बहुत लाभ हो सकता है। इस पर चेयरमैन ने तुरंत शैक्षणिक शाखा सहायक निदेशक राजेश कुमार को आवश्यक निर्देश जारी किए।
शिक्षा बोर्ड को ये दिए गए थे सुझाव
सुझाव नंबर 1 : प्रश्न पत्रों का पैटर्न एक समान किया जाए और कम से कम 20 प्रतिशत प्रश्न बहुविकल्पीय हों। उन्होंने बताया कि जिस बच्चे ने पाठ (लैसन) को पूरी गहराई से पढ़ा है वही बच्चा छोटे व बहुविकल्पीय प्रश्नों के उत्तर दे सकता है। इस कारण ये प्रश्न पूछे जाने अनिवार्य हैं।
सुझाव नंबर 2 : कोड प्रणाली को समाप्त किया जाए क्योंकि यदि कोड प्रणाली अच्छी है तो सभी विषयों में लागू होनी चाहिए थी। वैसे भी सभी कोड के प्रश्न पत्रों का स्तर एक जैसा नहीं होता और इसका उदाहरण लेखांकन के कोड ए व कोड सी के प्रश्न 16 का सिलेबस से बाहर होना। यदि कोड प्रणाली को समाप्त करना संभव नहीं हो तो कोड को सभी विषयों में लागू किया जाए और सभी कोड के प्रश्न पत्र एक ही स्तर के होने चाहिए ताकि किसी भी कोड के छात्र के साथ धोखा ना हो। इसके लिए न्यूमेरिकल प्रश्नों में केवल आंकड़े बदलने चाहिए न कि पूरा प्रश्न।
सुझाव नंबर 3 : लेखांकन व अर्थशास्त्र विषय में गणना की जटिलताओं को ध्यान में रखते हुए साधारण केलकुलेटर के प्रयोग की अनुमति दी जाए।
सुझाव नंबर 4 : हमारा सिलेबस सीबीएसई की तुलना में काफी अधिक है इसे कम करके सीबीएसई के समकक्ष लाया जाए।
सुझाव नंबर 5 : लेखांकन के जो न्यूमेरिकल काफी बड़े हैं, या तो उनके अंक बढ़ाये जाएं या उन्हें सिलेबस से हटाया जाए, या केवल उतना ही हिस्सा पूछा जाए जितने अंक उस प्रश्न के दिये जाने हैं ना कि पूरा प्रश्न।
सुझाव नंबर 6 : भविष्य में डेट शीट बनाते समय व्यवसायिक अध्ययन में कम तथा लेखांकन में छुट्टियां अधिक की जाएं क्योंकि लेखांकन में बच्चों को तुलनात्मक रूप में अधिक छुटिट्यों की आवश्यकता होती है।
सुझाव नंबर 7 :अन्य विषयों की तरह लेखांकन व व्यवसायिक अध्ययन विषयों को कक्षा 9 से शुरू किया जाए।
सुझाव नंबर 8 : पेपर सेटर स्कूल प्रवक्ताओं में से ही लिए जाएं किसी अन्य स्तर से नहीं। यदि ऐसा करने के पीछे गोपनीयता आड़े आ रही है तो भी उन्हें नजरअंदाज न किया जाए।
सुझाव नंबर 9 : बोर्ड की शैक्षणिक शाखा में सार्वजनिक तौर पर आवेदन लेकर प्रत्येक विषय का प्रतिनिधि मंडल मनोनीत किया जाए ताकि पारदर्शिता तो बनी ही रहे साथ में किसी विषय बारे कोई समस्या न रहे।
अब तक4298 आवेदन आए
जिले में अब तक जिले के छह खंडों में 4 हजार 298 आवेदन आए हैं। टोहाना खंड में अभी तक कई स्कूलों ने सीटों से संबंधित जानकारी ही उपलब्ध नहीं कराई है।
खंड आवेदन सीटें
फतेहाबाद 1165 1312
टोहाना 874 बीईओ ऑफिस को जानकारी नहीं मिली
रतिया 1420 बीईओ ऑफिस को जानकारी नहीं मिली
भूना 630 777
भट्टूकलां 129 451
जाखल 80 169
जिले में बनेंगे 8 परीक्षा केंद्र
जिला शिक्षा अधिकारी दयानंद सिहाग ने बताया कि रतिया, टोहाना, भूना व फतेहाबाद खंड में दो-दो परीक्षा केंद्र बनाये जाएंगे। जबकि खंड जाखल व भट्टूकलां में एक-एक परीक्षा केंद्र बनेंगे। डीईओ ने बताया कि शिक्षा विभाग द्वारा 134-ए को लेकर बनी खंड स्तरीय कमेटियों में निजी स्कूलों से भी एक प्रतिनिधि को शामिल किया गया है। लिखित परीक्षा के दौरान किसी भी तरह की कोई गड़बड़ी की संभावना नहीं है।
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