चंडीगढ़ [डॉ.सुमित सिंह श्योराण]। सरकारी स्कूल में
शिक्षक बनने का इंतजार कर रहे युवाओं के लिए खुशखबरी। शिक्षा विभाग ने
शिक्षकों की भर्ती प्रक्रिया पर काम शुरू कर दिया है। विभाग के सूत्रों के
अनुसार शिक्षा विभाग जल्द ही नए शिक्षकों की नियुक्ति करेगा। सब ठीक रहा तो
शिक्षा विभाग अगले महीने तक शिक्षक भर्ती के लिए विज्ञापन भी जारी कर
देगा।
शिक्षा विभाग ने 605 शिक्षकों की भर्ती का प्रपोजल उच्च स्तर पर भेजा
था, जिसे केंद्र सरकार से मंजूरी मिल गई। नए शिक्षकों की भर्ती सर्व
शिक्षा अभियान (एसएसए) के तहत होगी।
नई भर्ती में 400 जूनियर बेसिक टीचर (जेबीटी) और 200 ट्रेंड ग्रेजुएट
टीचर्स(टीजीटी) शामिल होंगे। शिक्षा विभाग के इस फैसले से कई सालों से
चंडीगढ़, हरियाणा, पंजाब, हिमाचल, दिल्ली सहित देश भर के हजारों युवाओं के
लिए शिक्षक बनने का रास्ता खुलेगा। भर्ती घोटाले से सबक, हाईकोर्ट की
एजेंसी करेगी भर्ती 2014 में शिक्षा विभाग ने करीब 1140 रेगुलर शिक्षकों
भर्ती का जिम्मा पंजाब यूनिवर्सिटी की रिक्रूटमेंट एजेंसी को दिया। भर्ती
में बड़े स्तर पर धांधली हुई और प्रश्न पत्र तक लाखों में बेचे गए। पुरानी
गलती से सबक लेते हुए शिक्षा विभाग नए भर्ती किसी पुख्ता और भरोसमंद एजेंसी
से करवाएगा।
सूत्रों के अनुसार शिक्षा विभाग ने मंजूर हुए 605 एसएसए शिक्षकों की
भर्ती की जिम्मेदारी पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट की रिक्रूटमेंट एजेंसी को
देने का फैसला किया है। इस संबंध में एजेंसी को पत्र लिखा जा चुका है।
हाईकोर्ट एजेंसी ही पेपर सेटिंग से लेकर परीक्षा आयोजित करने तक का पूरा
जिम्मा लेगी। एसएसए में छह साल बाद होगी भर्ती शिक्षा विभाग में चार तरह
सेशिक्षकों को नियुक्त किया गया है। उसमें कांट्रेक्ट टीचर्स, गेस्ट
टीचर्स, एसएसए और रेगुलर टीचर्स शामिल हैं।
एसएसए के तहत शिक्षकों की पिछली भर्ती 2012 में हुई थी। उसमें 880
टीचर्स की नियुक्ति हुई। उस भर्ती के काफी शिक्षक नौकरी छोड़ चुके हैं।
एसएसए और रेगुलर शिक्षकों के वेतन में सिर्फ 4 से 5 हजार तक अंतर है।
एमएचआरडी स्कीम के तहत एसएसए शिक्षकों की नियुक्ति होती है। इतना मिलता है
वेतन यूटी में एसएसए के तहत टीजीटी को इस समय 44,096 रुपये और जेबीटी को 38
हजार वेतन दिया जाता है।
रेगुलर और एसएसए टीचर्स की भर्ती के लिए एक जैसे नियम होते हैं। इस बार
होने वाली भर्ती में शिक्षकों की भर्ती की अधिकतम आयु सीमा 37 वर्ष होगी।
2014 में रेगुलर भर्ती किए गए शिक्षकों में 548 टीजीटी, 489 जेबीटी और 103
एनटीटी शिक्षक शामिल थे, लेकिन अभी यह भर्ती विवादों में है।
नौकरी पर लटकी तलवार, 30 शिक्षक छोड़ गए नौकरी
2015 में भर्ती किए शिक्षकों को शिक्षा विभाग ने 30 मई 2018 को भर्ती
घोटाले के बाद गठित की गई छह सदस्यों की एडवाइजरी कमेटी की रिपोर्ट के बाद
टर्मिनेट कर दिया था। मामले में करीब 850 शिक्षकों को कैट ने स्टे देकर
राहत भी दे दी थी, लेकिन नौकरी पर खतरा मंडराते देख सरकारी स्कूलों के करीब
30 शिक्षकों ने नौकरी छोड़ दी है। जानकारी अनुसार नौकरी छोड़ने वालों में
अधिकतर जेबीटी टीचर्स हैं। इन शिक्षकों ने हरियाणा की शिक्षक भर्ती वेटिंग
लिस्ट में नाम आने के बाद ज्वाइन कर लिया है। 115 हो गए सरकारी स्कूल, 80
स्टूडेंट्स पर एक शिक्षक यूटी के सरकारी स्कूलों में शिक्षकों की भारी कमी
है।
कई स्कूलों में 80 से 90 स्टूडेंट्स पर एक टीचर नियुक्त है। हरियाणा और
पंजाब में शिक्षकों की रेगुलर भर्ती के कारण भी पिछले दो साल में 300 से
अधिक जेबीटी और टीजीटी टीचर्स नौकरी छोड़कर जा चुके हैं। मई में टर्मिनेट
किए गए 850 शिक्षकों की भर्ती पर अदालत का फैसला कभी भी आ सकता है। ऐसे में
शिक्षा विभाग जल्द से जल्द 600 नए शिक्षकों की नियुक्ति करना चाहता है।
सरकारी स्कूलों की संख्या भी 115 तक पहुंच चुकी है। पांच नए स्कूलों का
निर्माण भी होना है।
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