जागरण संवाददाता, पानीपत
कृमि नाशक अभियान के तहत जिला पानीपत के 977 शिक्षण संस्थानों और स्लम
एरिया में 20 से 27 अगस्त तक 4 लाख 25 हजार 498 बच्चों-किशोरों को पेट के
कीड़े मारने की गोली एज्बेंडाजोल खिलाई जाएगी।
अभियान में 31 कॉलेजों के
4500 छात्र-छात्राओं को पहली बार शामिल किया गया है। बता दें कि विभाग ने
पहले 10-17 अगस्त, इसके बाद 10-17 सितंबर की तारीख निर्धारित की थी। तीसरी
बार अभियान की तारीख तय की गई है।
अभियान के जिला नोडल अधिकारी डिप्टी सिविल सर्जन डॉ. मुनीष गोयल ने
बताया कि जिले में 249 प्राइमरी स्कूल हैं और 51 हजार 610 विद्यार्थी पढ़ते
हैं। कक्षा 6-12 तक के 187 विद्यालयों में 58 हजार 995 विद्यार्थी, कक्षा
1-12 तक के प्राइवेट स्कूलों में 2 लाख 38 हजार 984 विद्यार्थी पढ़ते हैं।
जिले के 31 कॉलेजों में लगभग 4500 छात्र-छात्राएं शिक्षा ले रहे हैं। स्लम
एरिया में 3 हजार 313 बच्चों के अलावा जिले की 1048 आंगनबाड़ी में भी पांच
साल और इससे अधिक आयु के बच्चों को गोली खिलाई जाएगी। सभी शिक्षण संस्थानों
को शिक्षा विभाग के माध्यम से अभियान की जानकारी दी गई है ताकि अधिकांश
विद्यार्थी संस्थानों में पहुंचें।
डॉ. गोयल के मुताबिक विद्यार्थियों को एल्बेंडाजोल टेबलेट खिलाने में
सहयोग नहीं करने वाले संस्थानों की सूची जिला प्रशासन और शिक्षा विभाग को
सौंपी जाएगी, ताकि उनके खिलाफ कार्रवाई सुनिश्चित हो सके। एल्बेंडाजोल
इसलिए जरूरी :
बच्चों और किशोरों के पेट में कीड़े हो जाते हैं। इससे उनके पेट में
दर्द रहने लगता है। कृमि शरीर के लिए उपयोगी पोषक तत्वों को खा जाते हैं।
इससे शरीर में रक्त की कमी, ऊर्जा शक्ति कमजोर हो जाती है। शरीर का विकास
रुक जाता है। पांच से उन्नीस साल तक के बच्चों-किशोरों को इन दिक्कतों से
बचाने के लिए वर्ष में दो बार एल्बेंडाजोल टेबलेट खिलाई जाती है।
Haryana2Day brings you the latest news, government updates, education news, job notifications, and local events from Haryana.
Important Posts
Advertisement
UPTET news
';
(function() {
var dsq = document.createElement('script'); dsq.type = 'text/javascript'; dsq.async = true;
dsq.src = '//' + disqus_shortname + '.disqus.com/embed.js';
(document.getElementsByTagName('head')[0] || document.getElementsByTagName('body')[0]).appendChild(dsq);
})();