चंडीगढ़ – लोकसभा चुनाव
के कारण चंडीगढ़ के सरकारी स्कूलों में नए शिक्षकों की ज्वाइनिंग का मामला
लटक गया है। सर्व शिक्षा अभियान (एसएसए) के तहत भर्ती किए जाने वाले 418
जेबीटी शिक्षकों की डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन का काम पूरा हो चुका है, लेकिन
आचार संहिता के कारण इन शिक्षकों की नियुक्ति नहीं हो पा रही है।
इन
शिक्षकों को शहर के 114 सरकारी स्कूलों में शिक्षकों की ज्वाइन कराया जाना
था। वहीं, इस वर्ष एसएसए के तहत 196 टीजीटी शिक्षकों की भर्ती के लिए लिखित
परीक्षा में अब कुछ बदलाव होगा। सूत्रों के अनुसार लिखित परीक्षा में अब
हिंदी और अंग्रेजी के साथ ही पंजाबी भाषा को भी शामिल किया जाएगा। बता दें
कि पंजाबी को शामिल नहीं किए जाने को लेकर शिरोमणी अकाली दल के नेताओं
द्वारा काफी विरोध किया गया था, जिसके बाद यूटी प्रशासन ने लीगल राय लेकर
अब तीनों भाषाओं के लिए 10-10 अंक निर्धारित करने का फैसला लिया है। अब
टीजीटी लिखित परीक्षा में अभ्यर्थियों को अंग्रेजी और हिंदी के साथ पंजाबी
भाषा में भी प्रश्न पत्र मिलेगा।
डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन का काम पूरा
सूत्रों के अनुसार यूटी
प्रशासन द्वारा जेबीटी शिक्षकों की जल्द ज्वाइनिंग के लिए चुनाव आयोग से
अनुमति मांगी गई है। आयोग को भेजे पत्र में सरकारी स्कूलों में शिक्षकों की
कमी का हवाला दिया गया है। बता दें कि शिक्षा विभाग ने जेबीटी शिक्षकों की
भर्ती प्रक्रिया बीते साल अक्तूबर से ही शुरू कर दी थी।उधर, टीजीटी के 196
पदों पर होने वाली भर्ती प्रक्रिया भी अब अगस्त से सितंबर तक पूरी होने की
उम्मीद है।
350 से अधिक शिक्षकों ने छोड़ी नौकरी
शिक्षा विभाग द्वारा
बीते सालों में दस नए सरकारी स्कूल शुरू कर दिए हैं, लेकिन शिक्षकों की
संख्या लगातार कम हो रही है। जानकारी के अनुसार हरियाणा और दिल्ली में
चयनित होने के कारण 350 से अधिक शिक्षक एक साल में नौकरी छोड़ चुके हैं।
2014 चंडीगढ़ शिक्षा विभाग में टीचर भर्ती घोटाले के बाद चयनित उम्मीदवार
नौकरी खोने के डर से दूसरी जगह पर ज्वाइन कर रहे हैं। हाल ही में हरियाणा
में 15 हजार से अधिक टीजीटी और पीजीटी शिक्षकों की भर्ती हुई है, जिसमें
चंडीगढ़ के काफी शिक्षकों ने ज्वाइनिंग की है।