जागरण संवाददाता, रोहतक : नियम-34ए के तहत निजी स्कूलों में बच्चों का दाखिला कराना अभिभावकों के
जी का जंजाल बना हुआ है। दाखिले के लिए विद्यार्थी भटक रहे हैं। अभिभावक
अधिकारियों से लेकर मंत्री तक गुहार लगा चुके हैं लेकिन निजी स्कूलों की
मनमानी के चलते अभी तक भी बच्चों के दाखिले नहीं हुए हैं।
नियम-134ए के तहत स्कूल अलॉट होने के बाद भी बच्चों को दाखिला दिलाने के लिए अधिकारी भी ठोस कदम नहीं उठा रहे हैं। करीब एक महीने से अधिकारियों और स्कूलों के चक्कर लगा रहे अभिभावकों में रोष बढ़ता जा रहा है। शीघ्र बच्चों के दाखिले न होने पर अभिभावक प्रदर्शन भी कर सकते हैं। नियम-134ए के तहत 14 अप्रैल को हुई परीक्षा का 19 अप्रैल को परिणाम घोषित किया गया था। जिसमें 3054 विद्यार्थी पास हुए थे। इसके बाद स्कूल अलॉटमेंट की जद्दोजहद शुरू हुई। स्कूल अलॉटमेंट की सूची मोबाइल पर आई तो निजी स्कूलों की मनमानी शुरू हो गई। अभिभावक पिछले कई दिनों से कभी निजी स्कूलों तो कभी शिक्षा विभाग के चक्कर काट रहे हैं लेकिन अभिभावकों को राहत मिली है। शिक्षा विभाग की ओर से निजी स्कूलों को नियम-134ए के तहत बच्चों के दाखिले के लिए दिशा-निर्देश भी जारी किए गए हैं लेकिन निजी स्कूल कभी फंड तो कभी नई-नई शर्तें लगा रहे हैं। ऐसे में अभिभावक आए दिन चक्कर लगा लगा कर परेशान हो चले हैं। अभिभावकों का कहना है कि अब कब उनके बच्चों का स्कूलों में दाखिला होगा और कब उनके बच्चे सिलेबस को कवर करेंगे। यह सोच कर उनकी परेशानी बढ़ी हुई है। सोमवार को फिर अधिकारियों से मिलेंगे
अभिभावकों का कहना है कि समस्या का समाधान न होने पर अब सोमवार को फिर
से वे अधिकारियों से मिलेंगे। निजी स्कूल संचालक स्मार्ट कक्षाएं, पहचान
पत्र व काफी किताबों के लिए अधिक राशि मांग कर रहे हैं। उधर, अधिकारियों का
कहना है कि नियम-134-ए के तहत दाखिला न होने की शिकायतें भी आ रही हैं।
सभी विद्यार्थियों को दाखिला दिलवाया जाएगा। सभी अभिभावकों की समस्या को
दूर कर दिया जाएगा। पहले ड्रा में जिन विद्यार्थियों का नंबर नहीं आया है
उन्हें दूसरे ड्रा में शामिल किया जाएगा। नियम-134ए के तहत बच्चों को स्कूल
अलॉट होने के बाद सभी निजी स्कूलों को दाखिला दिए जाने के आदेश दिए गए
हैं। जो स्कूल दाखिला नहीं देंगे उनकी रिपोर्ट शिक्षा निदेशालय को भेज दी
जाएगी। उच्च अधिकारियों की ओर से जो दिशा-निर्देश दिए जाएंगे उसी आधार पर
आगामी कार्रवाई की जाएगी। इसके अलावा जो छात्र पहले ड्रा में वंचित रह गए
हैं, उन्हें दूसरे ड्रा में शामिल किया जाएगा।
परमेश्वरी हुड्डा, जिला शिक्षा अधिकारी, रोहतक।
नियम-134ए के तहत स्कूल अलॉट होने के बाद भी बच्चों को दाखिला दिलाने के लिए अधिकारी भी ठोस कदम नहीं उठा रहे हैं। करीब एक महीने से अधिकारियों और स्कूलों के चक्कर लगा रहे अभिभावकों में रोष बढ़ता जा रहा है। शीघ्र बच्चों के दाखिले न होने पर अभिभावक प्रदर्शन भी कर सकते हैं। नियम-134ए के तहत 14 अप्रैल को हुई परीक्षा का 19 अप्रैल को परिणाम घोषित किया गया था। जिसमें 3054 विद्यार्थी पास हुए थे। इसके बाद स्कूल अलॉटमेंट की जद्दोजहद शुरू हुई। स्कूल अलॉटमेंट की सूची मोबाइल पर आई तो निजी स्कूलों की मनमानी शुरू हो गई। अभिभावक पिछले कई दिनों से कभी निजी स्कूलों तो कभी शिक्षा विभाग के चक्कर काट रहे हैं लेकिन अभिभावकों को राहत मिली है। शिक्षा विभाग की ओर से निजी स्कूलों को नियम-134ए के तहत बच्चों के दाखिले के लिए दिशा-निर्देश भी जारी किए गए हैं लेकिन निजी स्कूल कभी फंड तो कभी नई-नई शर्तें लगा रहे हैं। ऐसे में अभिभावक आए दिन चक्कर लगा लगा कर परेशान हो चले हैं। अभिभावकों का कहना है कि अब कब उनके बच्चों का स्कूलों में दाखिला होगा और कब उनके बच्चे सिलेबस को कवर करेंगे। यह सोच कर उनकी परेशानी बढ़ी हुई है। सोमवार को फिर अधिकारियों से मिलेंगे
परमेश्वरी हुड्डा, जिला शिक्षा अधिकारी, रोहतक।