रोहतक। नियम 134ए के तहत आर्थिक कमजोर अभ्यर्थियों के दाखिले का शेड्यूल शिक्षा मौलिक निदेशालय ने जारी कर दिया है।
निजी स्कूलों को दाखिलों की जानकारी सोमवार को दोपहर एक बजे से पहले पोर्टल
पर अपडेट करनी है। अगर कोई स्कूल अपने यहां पर दाखिल किए गए विद्यार्थियों
की जानकारी अपडेट नहीं करेगा तो वहां पर वे सीटें रिक्त मानी जाएंगी।
अकेले रोहतक ब्लॉक में पहले राउंड में 1487 विद्यार्थियों को स्कूल अलॉट
हुए थे, जिनमें से लगभग 400 विद्यार्थियों के दाखिलों की जानकारी पोर्टल पर
अपेडट नहीं हुई है। इसके अतिरिक्त कुछ स्कूलों ने ऐसे विद्यार्थियों को भी
दाखिला दे दिया है, जिन्हें पहले तो वह स्कूल अलॉट हो गया था, परंतु
री-अलॉटमेंट की सूची जारी होने के बाद इन विद्यार्थियों का दाखिला किसी
अन्य स्कूल में होना चाहिए था। लेकिन ऐसा नहीं हुआ है। ऐसे स्कूलों में इन
सीटों को रिक्त माना जाएगा। यह जानकारी रोहतक की खंड शिक्षा अधिकारी आदर्श
राजन ने दी।
बता दें कि निदेशालय की ओर से इस तरह का कदम उठाने के पीछे वे सभी अभ्यर्थी हैं जिनको स्कूल अलॉटमेंट की पहली सूची में स्कूल तो अलॉट हो गए थे, परंतु निजी स्कूल संचालक उन अभ्यर्थियों को दाखिला देने में आनाकानी कर रहे थे। ऐसे में इनमें से बहुत से अभ्यर्थी जानकारी के अभाव में अपने अभिभावकों के साथ शिक्षा निदेशालय में इन निजी स्कूल संचालकों की शिकायत लेकर पहुंचे। इस तरह की शिकायत लेकर शिक्षा निदेशालय पहुंचने वालों की संख्या हर रोज बढ़ रही थी। जिस पर एक्शन लेते हुए शिक्षा विभाग के अधिकारियों ने प्रदेश के सभी खंड स्तर के अधिकारियों को निर्देश देते हुए इस तरह के अभ्यर्थियों की शिकायत अपने स्तर पर सुलझाने के निर्देश दिए हैं।
खंड शिक्षा अधिकारी होंगे अपने ब्लॉक के नोडल अधिकारी :
मौलिक शिक्षा निदेशालय की ओर से जारी किए गए इस पत्र में नियम 134ए की दाखिला प्रक्रिया में खंड शिक्षा अधिकारी को नोडल अधिकारी बनाया गया है। इस पत्र के अनुसार हर खंड का खंड शिक्षा अधिकारी (बीईओ) नियम 134ए से संबंधित सभी शिकायतें सुनेंगे, उनके प्रस्ताव जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी (डीईईओ), जिला शिक्षा अधिकारी (डीईओ) को भेजेंगे व नियम 134ए की दाखिला प्रक्रिया को तीव्र बनाने के लिए जिम्मेवार होंगे।
दाखिले नहीं लेने के इच्छुक विद्यार्थियों से जानकारी लेकर पोर्टल पर करें अपडेट
निदेशालय की ओर से जारी किए गए इस पत्र में स्पष्ट किया गया कि पहले चरण में स्कूल अलॉटमेंट में से कुछ अभ्यर्थी ऐसे हैं जो किसी कारण से अलॉट किए गए स्कूल में दाखिला नहीं लेना चाहते हैं। खंड कार्यालय की ओर से ऐसे सभी अभ्यर्थियों से फोन पर संपर्क कर स्थिति की जांच करनी चाहिए। इसके बाद ही वास्तविक स्थिति को व उन अभ्यर्थियों के स्कूल में दाखिला न लेेने के कारण को पोर्टल पर अपलोड करना होगा।
बता दें कि निदेशालय की ओर से इस तरह का कदम उठाने के पीछे वे सभी अभ्यर्थी हैं जिनको स्कूल अलॉटमेंट की पहली सूची में स्कूल तो अलॉट हो गए थे, परंतु निजी स्कूल संचालक उन अभ्यर्थियों को दाखिला देने में आनाकानी कर रहे थे। ऐसे में इनमें से बहुत से अभ्यर्थी जानकारी के अभाव में अपने अभिभावकों के साथ शिक्षा निदेशालय में इन निजी स्कूल संचालकों की शिकायत लेकर पहुंचे। इस तरह की शिकायत लेकर शिक्षा निदेशालय पहुंचने वालों की संख्या हर रोज बढ़ रही थी। जिस पर एक्शन लेते हुए शिक्षा विभाग के अधिकारियों ने प्रदेश के सभी खंड स्तर के अधिकारियों को निर्देश देते हुए इस तरह के अभ्यर्थियों की शिकायत अपने स्तर पर सुलझाने के निर्देश दिए हैं।
खंड शिक्षा अधिकारी होंगे अपने ब्लॉक के नोडल अधिकारी :
मौलिक शिक्षा निदेशालय की ओर से जारी किए गए इस पत्र में नियम 134ए की दाखिला प्रक्रिया में खंड शिक्षा अधिकारी को नोडल अधिकारी बनाया गया है। इस पत्र के अनुसार हर खंड का खंड शिक्षा अधिकारी (बीईओ) नियम 134ए से संबंधित सभी शिकायतें सुनेंगे, उनके प्रस्ताव जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी (डीईईओ), जिला शिक्षा अधिकारी (डीईओ) को भेजेंगे व नियम 134ए की दाखिला प्रक्रिया को तीव्र बनाने के लिए जिम्मेवार होंगे।
दाखिले नहीं लेने के इच्छुक विद्यार्थियों से जानकारी लेकर पोर्टल पर करें अपडेट
निदेशालय की ओर से जारी किए गए इस पत्र में स्पष्ट किया गया कि पहले चरण में स्कूल अलॉटमेंट में से कुछ अभ्यर्थी ऐसे हैं जो किसी कारण से अलॉट किए गए स्कूल में दाखिला नहीं लेना चाहते हैं। खंड कार्यालय की ओर से ऐसे सभी अभ्यर्थियों से फोन पर संपर्क कर स्थिति की जांच करनी चाहिए। इसके बाद ही वास्तविक स्थिति को व उन अभ्यर्थियों के स्कूल में दाखिला न लेेने के कारण को पोर्टल पर अपलोड करना होगा।