जालंधर : सरकारी स्कूलों के फंड का सही इस्तेमाल हो, हर पेंशनर को उसका
हक मिले, केसों का हल नियमों व पहल के आधार पर हो और शिक्षा विभाग अदालती
चक्कर में न पड़े। यह सभी काम सुचारू रूप से चलें, इसके लिए राज्यभर के
क्लर्कों और सहायकों को शिक्षा विभाग की ओर से नियमों का पाठ पढ़ाया जा रहा
है। स्कूल हो या विभाग से जुड़े अन्य दफ्तर, यहां लेखाकार के कामों के
साथ-साथ सीएसआर नियमों संबंधी जानकारी दी जा रही है।
पांच दिनों के इस ट्रेनिग सेशन-कम-क्लास का पहला ग्रुप सुबह नौ से दोपहर एक बजे तक एसओ ट्रेनिग और बाद दोपहर दो से पांच बजे तक एमआइएस विग के कर्मचारी कंप्यूटर ट्रेनिग देंगे, ताकि सारा रिकार्ड ऑनलाइन रखा जा सके और समय की बचत भी हो। इस ट्रेनिग में वे भी शामिल हैं, जो हाल ही में प्रमोट होकर क्लर्क बने हैं। वे दफ्तरी कामकाज तो कर रहे हैं, लेकिन उन्हें नियमों का ज्यादा ज्ञान नहीं है। जालंधर, पटियाला व फरीदकोट सेंटरों में दी जा रही ट्रेनिंग
जिला शिक्षा एंड सिखलाई संस्था रामपुर लल्लियां जालंधर में जालंधर के
क्लर्क व जूनियर सहायकों सहित गुरदासपुर, अमृतसर, कपूरथला, होशियारपुर,
पठानकोट, एसबीएस नगर, तरनतारन को शामिल किया है। इसी तरह पटियाला सेंटर में
पटियाला सहित फतेहगढ़ साहिब, लुधियाना, रूपनगर, एसबीएस नगर, संगरूर,
बरनाला और फरीदकोट सेंटर में फरीदकोट सहित मोगा, फिरोजपुर, फाजिल्का,
मुक्तसर साहिब, मानसा और बठिडा वालों को 24 जून तक ट्रेनिग दी जाएगी।
ट्रेनिंग में क्लर्को को बताए जा रहे यह काम ::::
लेखा के काम की जानकारी
कैश बुक लिखनी, हर तरह के बिल तैयार करने, पे-फिक्सेशन की जानकारी देना, एसीपी के लाभ देना, पेंशन केस तैयार करना, लीव एनकैशमेंट, ग्रेच्युटी के बिल तैयार करना, जीआइएस मेनटेन करना, जीपीएफ मेनटेन करना व ऑडिट आदि नियमों की जानकारी दी जाएगी।
सीएसआर रूल बताना
सभी क्लर्को को पंजाब सिविल सर्विस नियमों, नोटिग और ड्राफ्टिग की जानकारी देना, सेवा पत्रियां और एतराज करने संबंधी जानकारी, पहल के आधार पर नियुक्तियां देने के लिए केस तैयार करना, कंफर्मेशन के केस और रेगुलर करने के केसों के बारे में बताना, तरक्की के केसों को पूरा करने संबंधी जानकारी देने के साथ-साथ इन्हें एसीआर के आधार पर बेंचमार्क करना और दफ्तरी मसलों की संभाल रखने की जानकारी दी जाएगी। पांच दिन की ट्रेनिग के बाद लिखित परीक्षा
पांच दिनों की ट्रेनिग पूरी होने के बाद सभी की लिखित परीक्षा भी ली जाएगी, ताकि पता लगे कि क्लर्क और जूनियर सहायकों ने इस ट्रेनिंग को गंभीरता से लिया या नहीं। एक सप्ताह के भीतर सभी का फेल-पास पर आधारित नतीजा डीईओ सेकेंडरी द्वारा मुख्य दफ्तर में भेजा जाएगा। साथ ही यह भी पक्का किया जाएगा कि जिले में कोई क्लर्क व सहायक ट्रेनिग से वंचित तो नहीं रहा। ट्रेनिंग में पहले ही दिन बिगड़ा सिस्टम, मार्निग सेशन में नहीं पहुंचे रिसोर्सपर्सन
गांव लल्लियां कलां स्थित जिला शिक्षा एंड सिखलाई संस्था (डाइट सेंटर) में ट्रेनिग के लिए आठ जिलों के क्लर्क और सहायक पहुंच चुके थे। ट्रेनिग का पहला सेशन सुबह नौ बजे से शुरू होना था और दूसरा दोपहर दो बजे से। ऐसे में पहले ट्रेनिग देने के लिए रिसोर्सपर्सन पहुंचे ही नहीं। इसके चलते आठ जिलों के आए स्टाफ ने प्रबंधों प्रति नराजगी भी जाहिर की, क्योंकि उनका हाल जानने के लिए जिला शिक्षा अधिकारी तक नहीं पहुंचे थे। ऐसे में दूसरे सेशन से ट्रेनिग का प्रोसेस शुरू किया गया।
पांच दिनों के इस ट्रेनिग सेशन-कम-क्लास का पहला ग्रुप सुबह नौ से दोपहर एक बजे तक एसओ ट्रेनिग और बाद दोपहर दो से पांच बजे तक एमआइएस विग के कर्मचारी कंप्यूटर ट्रेनिग देंगे, ताकि सारा रिकार्ड ऑनलाइन रखा जा सके और समय की बचत भी हो। इस ट्रेनिग में वे भी शामिल हैं, जो हाल ही में प्रमोट होकर क्लर्क बने हैं। वे दफ्तरी कामकाज तो कर रहे हैं, लेकिन उन्हें नियमों का ज्यादा ज्ञान नहीं है। जालंधर, पटियाला व फरीदकोट सेंटरों में दी जा रही ट्रेनिंग
लेखा के काम की जानकारी
कैश बुक लिखनी, हर तरह के बिल तैयार करने, पे-फिक्सेशन की जानकारी देना, एसीपी के लाभ देना, पेंशन केस तैयार करना, लीव एनकैशमेंट, ग्रेच्युटी के बिल तैयार करना, जीआइएस मेनटेन करना, जीपीएफ मेनटेन करना व ऑडिट आदि नियमों की जानकारी दी जाएगी।
सीएसआर रूल बताना
सभी क्लर्को को पंजाब सिविल सर्विस नियमों, नोटिग और ड्राफ्टिग की जानकारी देना, सेवा पत्रियां और एतराज करने संबंधी जानकारी, पहल के आधार पर नियुक्तियां देने के लिए केस तैयार करना, कंफर्मेशन के केस और रेगुलर करने के केसों के बारे में बताना, तरक्की के केसों को पूरा करने संबंधी जानकारी देने के साथ-साथ इन्हें एसीआर के आधार पर बेंचमार्क करना और दफ्तरी मसलों की संभाल रखने की जानकारी दी जाएगी। पांच दिन की ट्रेनिग के बाद लिखित परीक्षा
पांच दिनों की ट्रेनिग पूरी होने के बाद सभी की लिखित परीक्षा भी ली जाएगी, ताकि पता लगे कि क्लर्क और जूनियर सहायकों ने इस ट्रेनिंग को गंभीरता से लिया या नहीं। एक सप्ताह के भीतर सभी का फेल-पास पर आधारित नतीजा डीईओ सेकेंडरी द्वारा मुख्य दफ्तर में भेजा जाएगा। साथ ही यह भी पक्का किया जाएगा कि जिले में कोई क्लर्क व सहायक ट्रेनिग से वंचित तो नहीं रहा। ट्रेनिंग में पहले ही दिन बिगड़ा सिस्टम, मार्निग सेशन में नहीं पहुंचे रिसोर्सपर्सन
गांव लल्लियां कलां स्थित जिला शिक्षा एंड सिखलाई संस्था (डाइट सेंटर) में ट्रेनिग के लिए आठ जिलों के क्लर्क और सहायक पहुंच चुके थे। ट्रेनिग का पहला सेशन सुबह नौ बजे से शुरू होना था और दूसरा दोपहर दो बजे से। ऐसे में पहले ट्रेनिग देने के लिए रिसोर्सपर्सन पहुंचे ही नहीं। इसके चलते आठ जिलों के आए स्टाफ ने प्रबंधों प्रति नराजगी भी जाहिर की, क्योंकि उनका हाल जानने के लिए जिला शिक्षा अधिकारी तक नहीं पहुंचे थे। ऐसे में दूसरे सेशन से ट्रेनिग का प्रोसेस शुरू किया गया।