हरियाणा के 213 सरकारी वरिष्ठ माध्यमिक स्कूलों को अपग्रेड करने के लिए
जारी 117 करोड़ रुपये के फंड का दुरुपयोग किया गया। शिकायत के बाद सीएजी
(कैग) ने छह जिलों (हिसार, कैथल, यमुनानगर, करनाल, कुरुक्षेत्र, मेवात व
रोहतक) के 20 स्कूलों में खेल की जांच की तो ज्यादातर में फंड के दुरुपयोग
का खुलासा हुआ।
कई जिला शिक्षा अधिकारियों (डीईओ) व फंड की निकासी से जुड़े कर्मचारियों के
खिलाफ कार्रवाई की सिफारिश हुई। कुछेक कर्मचारियों को छोड़कर ज्यादातर
शिक्षा अधिकारी कार्रवाई से बच गए। अब शिक्षा विभाग के ही एक अधिकारी ने
राज्य सरकार से फंड का दुरुपयोग करने वाले अधिकारियों के खिलाफ विजिलेंस
जांच के बाद कार्रवाई के लिए शिकायत भेजी है।
प्रत्येक स्कूल को मिले थे 55-55 लाख
तत्कालीन राज्य सरकार ने खंड स्तर पर 2007-08 में सरकारी मॉडल स्कूल खोलने के उदे्दश्य से 213 सरकारी वरिष्ठ माध्यमिक स्कूलों को मॉडल स्कूलों के तौर पर अपग्रेड किया था। इसके लिए प्रत्येक स्कूल को 55-55 लाख रुपये का फंड जारी किया गया था। इसमें पांच-पांच लाख रुपये साइंस म्यूजियम पर खर्च होने थे।
फंड से स्कूलों में खेल स्टेडियम के निर्माण व विकास के साथ स्कूलों में छात्रों के लिए पंखे, ड्यूल डेस्क समेत कई तरह की सुविधाओं की व्यवस्था होनी थी, पर जांच में पाया गया कि ज्यादातर स्कूलों में फंड का गलत इस्तेमाल किया गया। हालांकि कार्रवाई से बचने के लिए कई जिला शिक्षा अधिकारियों ने खुद फंड की भरपाई कर दी।
प्रत्येक स्कूल को मिले थे 55-55 लाख
तत्कालीन राज्य सरकार ने खंड स्तर पर 2007-08 में सरकारी मॉडल स्कूल खोलने के उदे्दश्य से 213 सरकारी वरिष्ठ माध्यमिक स्कूलों को मॉडल स्कूलों के तौर पर अपग्रेड किया था। इसके लिए प्रत्येक स्कूल को 55-55 लाख रुपये का फंड जारी किया गया था। इसमें पांच-पांच लाख रुपये साइंस म्यूजियम पर खर्च होने थे।
फंड से स्कूलों में खेल स्टेडियम के निर्माण व विकास के साथ स्कूलों में छात्रों के लिए पंखे, ड्यूल डेस्क समेत कई तरह की सुविधाओं की व्यवस्था होनी थी, पर जांच में पाया गया कि ज्यादातर स्कूलों में फंड का गलत इस्तेमाल किया गया। हालांकि कार्रवाई से बचने के लिए कई जिला शिक्षा अधिकारियों ने खुद फंड की भरपाई कर दी।