हरियाणा के सरकारी स्कूलों में शिक्षकों का बड़ा टोटा है। नवंबर 2020 के स्कूल शिक्षा विभाग के आंकड़ों के अनुसार पहली से बारहवीं तक विभिन्न श्रेणियों के शिक्षकों के 34 हजार 850 पद खाली हैं।स्कूल शिक्षा विभाग भर्ती पर बल देने के बजाय रेशनेलाइजेशन कर आंकड़ों के मायाजाल में उलझाता चला आ रहा है।
छिटपुट भर्तियों को छोड़ दें तो बीते कई साल से बड़ी भर्ती नहीं हुई। टीजीटी, पीजीटी के 10-10 हजार से अधिक पद खाली पड़े हैं। जेबीटी के खाली पदों का आंकड़ा 6 हजार से ऊपर है। जेबीटी की आखिरी भर्ती 2012 में निकाली गई थी, 2014 में इसका परिणाम घोषित हुआ। भर्ती विवादों में फंसी और नियुक्तियां 2017 में दी गईं।
टीजीटी, पीजीटी की भर्ती भी प्रदेश में लंबे समय से बड़े स्तर पर नहीं हुई है। इक्का-दुक्का भर्तियों को छोड़ दिया जाए तो इन दोनों श्रेणियों के रिक्त पदों को भरने में कोई ज्यादा रुचि नहीं दिखाई गई। इससे स्कूलों शिक्षकों की कमी गहराती जा रही है। इसका असर विद्यार्थियों के परीक्षा परिणाम पर पड़ना लाजिमी है।
हरियाणा विद्यालय अध्यापक संघ के अध्यक्ष नवदीप चंद्र भारती ने कहा कि कोरोना के कारण पहले ही विद्यार्थियों की पढ़ाई पर विपरीत असर पड़ा है। मेवात के स्कूलों में शिक्षक के 9 हजार से अधिक पद हैं, जिन पर करीब साढ़े तीन हजार शिक्षक ही कार्यरत हैं। पचास फीसदी स्कूलों में मुखिया ही नहीं हैं, अतिरिक्त प्रभार देकर काम चलाया जा रहा है। भारती ने मांग की कि सरकार जल्दी खाली पदों को भरे।
इन श्रेणियों के इतने पद खाली
श्रेणी स्वीकृत पद कार्यरत गेस्ट कुल संख्या खाली पद
जेबीटी 41323 29109 6000 35109 6214
उर्दू 7 4 0 4 3
मुख्य शिक्षक 2605 1759 4 1763 842
टीजीटी 35622 20526 4871 25397 10225
मिडल हेड 5652 3287 0 3287 2365
विज्ञान विशेषज्ञ 21 14 0 14 7
गणित विशेषज्ञ 24 16 0 16 8
वोकेशनल लेक्चरर 207 96 0 96 111
वोकेशनल इंस्ट्रक्टर 285 231 0 231 54
पीजीटी 39463 24500 1627 26127 13336
मुख्याध्यापक 1151 462 0 462 689
प्रिंसिपल 2239 1343 0 1343 996
- कुल स्वीकृत पद 128699
- गेस्ट सहित कार्यरत 93849
- खाली पद 34850
शिक्षा मंत्री कंवर पाल का कहना है कि छात्र संख्या के अनुसार पर्याप्त शिक्षक मौजूद हैं। थोड़ी-बहुत कमी होगी, जिसे नए शैक्षणिक सत्र में दूर करने पर जोर देंगे। स्कूल शिक्षा विभाग ने नई भर्ती के लिए हरियाणा कर्मचारी चयन आयोग से आग्रह किया हुआ है।