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सीआरपी में पांच जिलों के 1242 अधिकारी व स्कूल मुखिया पहुंचे सीआरपी में पांच जिलों के 1242 अधिकारी व स्कूल मुखिया पहुंचे

हिसार।शिक्षा विभाग की आगामी रणनीति और बेस्ट स्कूलों की कार्यप्रणाली से अधिकारी और स्कूल मुखियाओं को अवगत करवाने के लिए जीजेयू के आॅडिटोरियम में बैठक हुई। बैठक में पांच जिलों के 1242 अधिकारी और स्कूल मुखियाओं ने भाग लिया।
बैठक में बतौर मुख्यअतिथि अतिरिक्त निदेशक सेकंडरी एजुकेशन हरियाणा अमरजीत सिंह मान ने शिरकत की।
अध्यक्षता जिला शिक्षा अधिकारी मधुबाला मित्तल ने की। मंच संचालन रूपम और राजेश जैन ने किया। क्लास रेडिनेस प्रोग्राम के तहत आयोजित बैठक में हिसार, सिरसा, फतेहाबाद, जींद और भिवानी जिले के जिला शिक्षा अधिकारी, खंड शिक्षा अधिकारी, डिप्टी डीईओ, उच्च और वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालयों के स्कूल मुखिया ने भाग लिया।
सीआरपी की बैठक में अतिरिक्त निदेशक अमरजीत सिंह मान ने राज्य सरकार की शिक्षा नीतियों के बारे में बताया। उन्होंने कहा कि जल्द ही शिक्षकों की पदोन्नति की लिस्ट जारी की जाएगी। एसीपी संबंधी मांगों को पूरा किया जाएगा। कार्यक्रम में उन्होंने सभी जिला शिक्षाधिकारियों को आदेश दिए कि वे स्कूलों में बेहतर शिक्षा व्यवस्था का प्रबंध करें। कार्यक्रम में हिसार के 13 राजकीय विद्यालयों के विद्यार्थियों ने 13 माॅडल प्रस्तुत किए। मॉडल के माध्यम से विद्यार्थियों ने स्कूल में वर्ष 2015-16 के सत्र में किए गए कार्य को प्रस्तुत किया। विद्यार्थियों के मॉडल को वहां आए शिक्षकों, अधिकारियों ने सराहा। इस दौरान जिला परियोजना समन्वयक देवेंद्र सिंह ने कहा कि सीआरपी कार्यक्रम में भाग लेने से स्कूल मुखिया को बहुत लाभ होगा। उन्हें अपने स्तर पर भी स्कूल में शिक्षा व्यवस्था को बेहतर करने के संबंध में जानकारी मिलेगी।
कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय के बारे में बताया
जिला परियोजना समन्वयक देवेंद्र सिंह ने बैठक में उपस्थित लोगों को कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालयों की कार्यप्रणाली, उनमें मिलने वाली सुविधाओं और उनमें बालिकाओं की शिक्षा व्यवस्था के बारे में पावर प्वाइंट प्रजेंटेशन के माध्यम से विस्तार से जानकारी दी। शिक्षा के क्षेत्र में वर्ल्ड बैंक, यूरोपियन यूनियन और भारत सरकार से मिलने वाली ग्रांट और उसके उपयोग के बारे में बताया।
शिक्षा और दीक्षा योजना की दी जानकारी
डायरेक्टर स्कूल एजुकेशन की टीम ने कार्यक्रम में शिक्षा और दीक्षा योजना की जानकारी दी। इसके अलावा हर जिले के एक बेस्ट स्कूल ने भी अपनी प्रस्तुति दी और बताया कि उनका स्कूल सबसे बेस्ट क्यों है। उन्होंने अपने अपने स्कूलों की शिक्षा व्यवस्था के बारे में जानकारी दी। डीपीसी देंवेद्र सिंह ने बताया कि हिसार के राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय नलवा ने अपनी बेस्ट प्रस्तुति दी।
विदेशी महिला टीचर ट्रेनर ने भी लिया भाग
सीआरपी कार्यक्रम में इजराइल से भी एक महिला टीचर ट्रेनर ने भाग लिया। महिला टीचर ट्रेनर ने बातचीत के दौरान भारत और इजराइल की शिक्षा व्यवस्था के बारे में बताया। उन्होंने अधिकारियों को बताया कि टीचिंग के क्षेत्र में फीडबैक बहुत जरूरी है। समय समय पर स्कूलों का निरीक्षण कर शिक्षकों को यदि मार्गदर्शन दिया जाए तो इसका शिक्षा के क्षेत्र में लाभ होगा। इसके अलावा उन्हें समय समय पर ट्रेनिंग भी दी जानी चाहिए।

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