सरकारकी ओर
से नियम 134ए के तहत पिछले साल की अदायगी नहीं करने तथा खुद को असुरक्षित
बताते हुए निजी स्कूल संचालकों ने पांच मई से अनिश्चितकालीन हड़ताल पर जाने
का फैसला किया है। विदित हो कि प्रदेश सरकार की घोषणा के मुताबिक इसी दिन
एक मई को हुए एग्जाम के तहत ड्रा भी घोषित किया जाना है।
निजी स्कूल संचालकों को भय है कि ड्रा घोषित हाेने के बाद अभिभावक कुछ असामाजिक तत्वों के साथ स्कूल में दाखिल हाे सकते हैं, जिससे बच्चों एवं स्टाफ सदस्यों को नुकसान पहुंचने की आशंका है। इसलिए सरकार को हमारी सुरक्षा की गारंटी लेनी होगी, इसके साथ ही पिछले साल से बकाया भी 25 हजार रुपए प्रति विद्यार्थी के हिसाब से स्कूल को चुकाना होगा। स्कूल संचालक इस बात को लेकर एकमत थे कि वे नियम 134 के विरोधी नहीं है, लेकिन अगर सरकार आरटीई लागू करती है तो निजी स्कूल उसे खुशी से स्वीकार करेंगे। ये फैसले यहां श्रीजी इंटरनेशनल स्कूल में आयोजित निजी स्कूल संचालकों की बैठक में लिया गया।
बैठक में सोनीपत जिले सहित करीब 15 जिलों के स्कूल संचालक शामिल हुए। बैठक के बाद हरियाणा संयुक्त विद्यालय संघ के प्रदेश अध्यक्ष विजेंद्र मान, सहोदय के प्रदेश अध्यक्ष एसएस गोसाई एवं जिला प्रधान अजमेर सिंह ने पत्रकारों से बात करते हुए यह जानकारी दी। उन्होंने इस मसले पर अभिभावकों से सहयोग की अपील की है। इस दौरान यहां फरीदाबाद से जिला प्रधान सुरेश, करनाल से संजय भाटिया, फतेहाबाद से विजय निरमोही, झज्जर से जितेंद्र लाठर, पानीपत से जयपाल सैनी, आशीष अार्य, दिलबाग सिंह खत्री राकेश कुच्छल आदि मुख्य रूप से उपस्थित रहे।
अभिभावकोंको फीस देनी होगी, पढ़ाई की भरपाई करेंगे: स्टेटप्रधान ने कहा कि अगर आंदोलन लंबा चलता है अौर ज्यादा दिन स्कूल बंद करने पड़ते हैं तो निजी स्कूल अतिरिक्त कक्षाएं लगाएंगे। ज्यादा परेशानी होने पर ग्रीष्मकालीन अवकाश भी छोटे करेंगे, लेकिन फीस देनी होगी, क्योंकि उसी से शिक्षकों का वेतन भी आता है। अन्यथा शिक्षकों को वेतन कहां से दिया जाएगा।
निजी स्कूल संचालकों के इस बंद की शुरुआत पांच मई को सोनीपत से होगी, लेकिन इसके बाद प्रदेश के अन्य जिलों में भी स्कूल बंद किए जाएंगे। इसके लिए चार मई को प्रदेश स्तर का कार्यक्रम घोषित किया जाएगा। पांच मई को निजी स्कूल संचालक एकजुट होकर लघु सचिवालय जाएंगे और डीसी को अपनी मांगों से संबंधित ज्ञापन देंगे।
गोहाना| अभिभावकमंच के सदस्यों ने नियम 134ए के तहत जारी होने वाले ड्रा में पारदर्शिता बरतने की मांग की। उन्होंने ड्रा सूची में बच्चों के नाम के साथ अभिभावक का नाम, पिछले स्कूल और दाखिला होने वाले स्कूल का नाम और उसके अभिभावकों का भी नाम अंकित करने की मांग की। अभिभावकों का तर्क है कि इससे दाखिला प्रक्रिया में पारदर्शिता आएगी। मंच के अध्यक्ष जयकरण धानिया ने कहा कि नियम के तहत 6 मई को परीणाम घोषित किया जा रहा है। अभिभावकों की सुविधा के लिए इस बार विभाग ड्रा सूची में बच्चे के नाम के साथ उसके अभिभावक के संबंध में पूर्ण जानकारी अंकित की जाए।
सोनीपत . स्कूलसंचालकों को संबोधित करते हुए मुख्यातिथि।
सरकारी नौकरी - Army /Bank /CPSU /Defence /Faculty /Non-teaching /Police /PSC /Special recruitment drive /SSC /Stenographer /Teaching Jobs /Trainee / UPSC
निजी स्कूल संचालकों को भय है कि ड्रा घोषित हाेने के बाद अभिभावक कुछ असामाजिक तत्वों के साथ स्कूल में दाखिल हाे सकते हैं, जिससे बच्चों एवं स्टाफ सदस्यों को नुकसान पहुंचने की आशंका है। इसलिए सरकार को हमारी सुरक्षा की गारंटी लेनी होगी, इसके साथ ही पिछले साल से बकाया भी 25 हजार रुपए प्रति विद्यार्थी के हिसाब से स्कूल को चुकाना होगा। स्कूल संचालक इस बात को लेकर एकमत थे कि वे नियम 134 के विरोधी नहीं है, लेकिन अगर सरकार आरटीई लागू करती है तो निजी स्कूल उसे खुशी से स्वीकार करेंगे। ये फैसले यहां श्रीजी इंटरनेशनल स्कूल में आयोजित निजी स्कूल संचालकों की बैठक में लिया गया।
बैठक में सोनीपत जिले सहित करीब 15 जिलों के स्कूल संचालक शामिल हुए। बैठक के बाद हरियाणा संयुक्त विद्यालय संघ के प्रदेश अध्यक्ष विजेंद्र मान, सहोदय के प्रदेश अध्यक्ष एसएस गोसाई एवं जिला प्रधान अजमेर सिंह ने पत्रकारों से बात करते हुए यह जानकारी दी। उन्होंने इस मसले पर अभिभावकों से सहयोग की अपील की है। इस दौरान यहां फरीदाबाद से जिला प्रधान सुरेश, करनाल से संजय भाटिया, फतेहाबाद से विजय निरमोही, झज्जर से जितेंद्र लाठर, पानीपत से जयपाल सैनी, आशीष अार्य, दिलबाग सिंह खत्री राकेश कुच्छल आदि मुख्य रूप से उपस्थित रहे।
अभिभावकोंको फीस देनी होगी, पढ़ाई की भरपाई करेंगे: स्टेटप्रधान ने कहा कि अगर आंदोलन लंबा चलता है अौर ज्यादा दिन स्कूल बंद करने पड़ते हैं तो निजी स्कूल अतिरिक्त कक्षाएं लगाएंगे। ज्यादा परेशानी होने पर ग्रीष्मकालीन अवकाश भी छोटे करेंगे, लेकिन फीस देनी होगी, क्योंकि उसी से शिक्षकों का वेतन भी आता है। अन्यथा शिक्षकों को वेतन कहां से दिया जाएगा।
निजी स्कूल संचालकों के इस बंद की शुरुआत पांच मई को सोनीपत से होगी, लेकिन इसके बाद प्रदेश के अन्य जिलों में भी स्कूल बंद किए जाएंगे। इसके लिए चार मई को प्रदेश स्तर का कार्यक्रम घोषित किया जाएगा। पांच मई को निजी स्कूल संचालक एकजुट होकर लघु सचिवालय जाएंगे और डीसी को अपनी मांगों से संबंधित ज्ञापन देंगे।
गोहाना| अभिभावकमंच के सदस्यों ने नियम 134ए के तहत जारी होने वाले ड्रा में पारदर्शिता बरतने की मांग की। उन्होंने ड्रा सूची में बच्चों के नाम के साथ अभिभावक का नाम, पिछले स्कूल और दाखिला होने वाले स्कूल का नाम और उसके अभिभावकों का भी नाम अंकित करने की मांग की। अभिभावकों का तर्क है कि इससे दाखिला प्रक्रिया में पारदर्शिता आएगी। मंच के अध्यक्ष जयकरण धानिया ने कहा कि नियम के तहत 6 मई को परीणाम घोषित किया जा रहा है। अभिभावकों की सुविधा के लिए इस बार विभाग ड्रा सूची में बच्चे के नाम के साथ उसके अभिभावक के संबंध में पूर्ण जानकारी अंकित की जाए।
सोनीपत . स्कूलसंचालकों को संबोधित करते हुए मुख्यातिथि।
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