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आइएएस बन लोगों की सेवा करूंगी: सहर

संवाद सहयोगी, पलवल : हरियाणा बोर्ड की 12वीं कक्षा में लड़कों की तुलना में लड़कियां ज्यादा अव्वल रही है। अव्वल आने वाली बेटियां विभिन्न क्षेत्रों में सफल होकर देश की सेवा का सपना संजो रखा हैं। कोई इंजीनियर बनकर तो कोई शिक्षक या डॉक्टर बनकर समाज में सेवा करना चाहती हैं।

सहर बनना चाहती है आइएएस अधिकारी
जीवन ज्योति स्कूल की छात्रा सहर सिद्दीकी ने 500 में से 475 अंक प्राप्त करके कला संकाय में जिले में टॉप किया है। सहर सिद्दीकी बड़ी होकर आइएएस अधिकारी बनना चाहती है। सहर का कहना है कि वर्तमान में भ्रष्टाचार ने देश की जड़ों को खोखला कर दिया है। सिविल सेवा में जाकर सहर भ्रष्टाचार और बेईमानी पर लगाम लगाकर ईमानदारी से काम करना चाहती हूं। सहर सोहना की रहने वाली है। सहर के पिता साकिर मोहम्मद अनपढ़ हैं, जबकि माता फरहादबी स्नातक पास हैं। पिता को अनपढ़ रहने का दुख है, इसलिए वह सहर कच् उच्च शिक्षा दिलाना चाहते हैं। स्कूल से जाने के बाद भी सहर घर पर दो-तीन घंटे रोज पढ़ती है।
शिक्षिका बनना चाहती है सपना रावत
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हरियाणा सीनियर सेकेंडरी स्कूल की छात्रा सपना रावत ने 500 में से 477 अंक लेकर नॉन मेडिकल संकाय में जिले में टॉप किया है। सपना बड़ी होकर शिक्षिका बनना चाहती है। सपना का कहना है कि गुरु के बिना ज्ञान संभव नहीं है।च्एक अच्छा शिक्षक ही समाज को सफलता की राह पर ले जाता है। शिक्षक ही छात्रों को आगे पढ़ाने के लिए प्रेरित करता है। मैं भी एक शिक्षिका बनकर आने वाली पीढ़ी को सफलता चर सच्चाई की राह पर चलने के लिए प्रेरित करुंगी। सपना स्कूल के अलावा घर पर ही तीन-चार घंटे रोज पढ़ाई करती है। सपना का कहना है कि उसके माता-पिता व शिक्षकों ने उसे पूरा सहयोग किया।
आंचल भी बनना चाहती है शिक्षिका

राजकीय कन्या वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय बहीन की छात्रा आंचल ने 500 में से 447 अंक प्राप्त करके हथीन खंड में टॉप किया है। यह तो तब है कि जब स्कूल में पूरी साल स्टाफ की कमी रही। आंचल के पिता पांचवीं पास हैं और माता सुनीता अनपढ़ है। आíथक तंगी और किसी की मदद न होने के बावजूद आंचल ने इस मुकाम को पाया है। आंचल बड़ी होकर एक शिक्षिका बनना चाहती है। आंचल का मानना है कि शिक्षक ही छात्रों को सफलता की राह दिखाता है। आंचल के भी शिक्षकों ने उसकी पढ़ाई में खूब मदद की। स्कूल से अतिरिक्त समय में भी उसकी तैयारी में सहयोग किया।
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