जागरण संवाददाता, चंडीगढ़ : शिक्षा विभाग की तरफ से वर्ष 2015 में 1100
अध्यापकों की भर्ती पर गाज गिर सकती है। जो अध्यापकों की भर्ती हुई थी,
उसका लिखित टेस्ट पंजाब यूनिवर्सिटी द्वारा आयोजित कराया गया था। उस समय
यूनिवर्सिटी में कराया गया पेपर पहले ही यूपी में लीक हो चुका था।
अध्यापक भर्ती में मौजूद दो अध्यापकों, जोकि रिश्ते में पति-पत्नी हैं, ने सात-सात लाख रुपये में यह पेपर खरीदा था। यह सारा खुलासा पंजाब विजिलेंस ब्यूरो द्वारा किया गया है, जिन्होंने हाल ही में आगरा के रहने वाले दिनेश यादव को गिरफ्तार करके उससे पूछताछ की थी, जिसमें सामने आया था कि दिनेश द्वारा कई पेपरों को लीक कराया गया है और उसके एवज में लाखों रुपये कमाए हैं।
दो के नाम की पुष्टि होने के बाद बाकी की नौकरी जा सकती है
दिनेश द्वारा दो नामों का खुलासा गया है, जोकि पूनम हुड्डा और सतिंदर हुड्डा हैं। दोनों के नाम 2015 की भर्ती में टीजीटी मैथ में भी शामिल हैं। इसकी पुष्टि होने के बाद अब उम्मीद की जा सकती है कि यदि यह दोनों शक के घेरे में आते हैं तो उस समय की भर्ती को रद्द किया जा सकता है।
गुरुजी ऊर्फ मिथिलेश पांडे कराते थे पेपर लीक
दिनेश यादव पेपर को लीक कराने में उत्तर प्रदेश के गुरुजी ऊर्फ मिथिलेश पांडे से सहायता लेता था। मिथिलेश पांडे पेपर को सबसे पहले हायर कराते थे, उसके बाद पेपर दिनेश के पास आता था और वहां से पैसे लेकर पेपर अभ्यर्थियों में बांटा जाता था।
कई अध्यापक आशीर्वाद लेने के लिए गए थे गुरुजी के पास
वर्ष 2015 की अध्यापक भर्ती होने के बाद उसी में सफल हुए करीब 25 अध्यापक गुरुजी का आशीर्वाद लेने के लिए यूपी गए थे। ऐसे खुलासों के सामने आने के बाद पूरी उम्मीद की जा सकती है कि इस भर्ती में खलल पड़ सकता है। इसके अलावा इस भर्ती में अध्यापकों के अलावा विभाग में काम कर चुके कई आला अधिकारी भी घेरे में आ सकते हैं।
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अध्यापक भर्ती में मौजूद दो अध्यापकों, जोकि रिश्ते में पति-पत्नी हैं, ने सात-सात लाख रुपये में यह पेपर खरीदा था। यह सारा खुलासा पंजाब विजिलेंस ब्यूरो द्वारा किया गया है, जिन्होंने हाल ही में आगरा के रहने वाले दिनेश यादव को गिरफ्तार करके उससे पूछताछ की थी, जिसमें सामने आया था कि दिनेश द्वारा कई पेपरों को लीक कराया गया है और उसके एवज में लाखों रुपये कमाए हैं।
दो के नाम की पुष्टि होने के बाद बाकी की नौकरी जा सकती है
दिनेश द्वारा दो नामों का खुलासा गया है, जोकि पूनम हुड्डा और सतिंदर हुड्डा हैं। दोनों के नाम 2015 की भर्ती में टीजीटी मैथ में भी शामिल हैं। इसकी पुष्टि होने के बाद अब उम्मीद की जा सकती है कि यदि यह दोनों शक के घेरे में आते हैं तो उस समय की भर्ती को रद्द किया जा सकता है।
गुरुजी ऊर्फ मिथिलेश पांडे कराते थे पेपर लीक
दिनेश यादव पेपर को लीक कराने में उत्तर प्रदेश के गुरुजी ऊर्फ मिथिलेश पांडे से सहायता लेता था। मिथिलेश पांडे पेपर को सबसे पहले हायर कराते थे, उसके बाद पेपर दिनेश के पास आता था और वहां से पैसे लेकर पेपर अभ्यर्थियों में बांटा जाता था।
कई अध्यापक आशीर्वाद लेने के लिए गए थे गुरुजी के पास
वर्ष 2015 की अध्यापक भर्ती होने के बाद उसी में सफल हुए करीब 25 अध्यापक गुरुजी का आशीर्वाद लेने के लिए यूपी गए थे। ऐसे खुलासों के सामने आने के बाद पूरी उम्मीद की जा सकती है कि इस भर्ती में खलल पड़ सकता है। इसके अलावा इस भर्ती में अध्यापकों के अलावा विभाग में काम कर चुके कई आला अधिकारी भी घेरे में आ सकते हैं।
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