जागरण संवाददाता, हिसार : हरियाणा विद्यालय अध्यापक संघ जिला हिसार
कमेटी ने वर्ष 2013 में पदोन्नत हुए मिडल स्कूलों के मुख्याध्यापकों के
डिमोशन, अव्यवहारिक रेशनलाइजेशन व जिला के स्कूलों में मिड डे मील की पिछले
4-5 माह की बकाया राशि को लेकर बैठक की। बैठक की अध्यक्षता जिला प्रधान
जयवीर सिंह ने की।
जिला सचिव प्रभु सिंह ने बताया कि जिला के सभी स्कूलों में पिछले 4-5 माह से मिड डे मील की राशि नहीं आ रही है और अध्यापकों को अपने पास से पैसे खर्च कर रखे है। अब भी हालात ऐसे ही है और अध्यापकों ने मिड डे मील के लिए अपने पैसे खर्च करने से इकार कर दिया है। इस मामले को लेकर पहले भी दो-तीन बार जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी से मिलकर माग रखी गई, लेकिन अभी तक उस पर कोई कार्यवाही नहीं हुई। उन्होंने बताया कि इसको लेकर दोबारा जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी से मिलकर नोटिस दिया जाएगा कि जल्द ही मिड डे मील की राशि स्कूलों में भेजी जाए, नहीं तो मिड डे मील को बंद कर दिया जाएगा।
जिला प्रधान जयवीर ने बताया कि आज शिक्षा विभाग से जनता का विश्वास उठ गया है। अधिकारियों द्वारा बगैर सोचे-समझे फैसले जारी कर लागू किए जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि सही तरीके व वरिष्ठता से काम न करने का खामियाजा अध्यापकों को भुगतना पड़ रहा है। जिलाध्यक्ष ने बताया कि वर्ष 2013 में मिडल स्कूलों में मुख्याध्यापकों के 1990 पदों पर अध्यापकों को पदोन्नत किया गया था, लेकिन शिक्षा विभाग के अधिकारियों की लापरवाही के कारण इन पदोन्नत हुए 1990 मुख्याध्यापकों को डिमोशन होने का खामियाजा भुगतना पड़ रहा है। बैठक में कोषाध्यक्ष वेदप्रकाश बूरा, प्रैस सचिव पवन कुमार, राज्य आडिटर सुरेद्र सैनी, हिसार ब्लॉक प्रथम की प्रधान अलका, दिनेश शर्मा आदि भी उपस्थित रहे।
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जिला सचिव प्रभु सिंह ने बताया कि जिला के सभी स्कूलों में पिछले 4-5 माह से मिड डे मील की राशि नहीं आ रही है और अध्यापकों को अपने पास से पैसे खर्च कर रखे है। अब भी हालात ऐसे ही है और अध्यापकों ने मिड डे मील के लिए अपने पैसे खर्च करने से इकार कर दिया है। इस मामले को लेकर पहले भी दो-तीन बार जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी से मिलकर माग रखी गई, लेकिन अभी तक उस पर कोई कार्यवाही नहीं हुई। उन्होंने बताया कि इसको लेकर दोबारा जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी से मिलकर नोटिस दिया जाएगा कि जल्द ही मिड डे मील की राशि स्कूलों में भेजी जाए, नहीं तो मिड डे मील को बंद कर दिया जाएगा।
जिला प्रधान जयवीर ने बताया कि आज शिक्षा विभाग से जनता का विश्वास उठ गया है। अधिकारियों द्वारा बगैर सोचे-समझे फैसले जारी कर लागू किए जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि सही तरीके व वरिष्ठता से काम न करने का खामियाजा अध्यापकों को भुगतना पड़ रहा है। जिलाध्यक्ष ने बताया कि वर्ष 2013 में मिडल स्कूलों में मुख्याध्यापकों के 1990 पदों पर अध्यापकों को पदोन्नत किया गया था, लेकिन शिक्षा विभाग के अधिकारियों की लापरवाही के कारण इन पदोन्नत हुए 1990 मुख्याध्यापकों को डिमोशन होने का खामियाजा भुगतना पड़ रहा है। बैठक में कोषाध्यक्ष वेदप्रकाश बूरा, प्रैस सचिव पवन कुमार, राज्य आडिटर सुरेद्र सैनी, हिसार ब्लॉक प्रथम की प्रधान अलका, दिनेश शर्मा आदि भी उपस्थित रहे।
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