गुड़गांव.जिले में गैर मान्यता के चल रहे प्राइवेट स्कूलों पर
शिक्षा विभाग सख्त होने लगा है। गैर मान्यता प्राप्त स्कूलों को 31 मार्च
तक मान्यता देने के लिए दिया गया समय अब समाप्त होने वाला है। ऐसे में अब
विभाग नए शैक्षणिक सत्र में इन स्कूलों को सील करने की तैयारी कर रहा है।
स्कूल सील करने के लिए विभाग पुलिस की मदद भी लेगा। नोटिस दिए जाने के
बावजूद भी जिन स्कूलों ने मान्यता नहीं ली है उनकी लिस्ट तैयार की जा रही
है।
शिक्षा विभाग द्वारा प्रदेशभर में गैर मान्यता के चल रहे स्कूलों को मान्यता लेने के निर्देश दिए थे। मान्यता के लिए निर्धारित नोर्मस पूरे करने को कहा था, लेकिन अनेक प्राइवेट स्कूल इन नोर्मस को पूरा कर मान्यता लेने में दिलचस्पी नहीं दिखा रहे हैं। ऐसे में बच्चों के भविष्य से खिलवाड़ हो रहा है। जिले में 130 से अधिक गैर मान्यता प्राप्त स्कूल चल रहे हैं। गैर मान्यता प्राप्त स्कूलों में शिक्षा ग्रहण करने के बाद छात्र को आगे की पढ़ाई करने में दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। इसको देखते हुए विभाग द्वारा इन स्कूलों को नोटिस जारी कर 31 मार्च तक मान्यता लेने को कहा गया था। इस दौरान इन्हें सभी नोर्मस पूरे कर जिला शिक्षा अधिकारियों से इसका सर्वे करवाकर रिपोर्ट तैयार करवाने को कहा गया था।
लिस्ट अफसरों को भेजी, आदेश के बाद कार्रवाई
इसमें से ज्यादातर स्कूलों ने तो इन नोटिस को गंभीरता से लेते हुए नोर्मस पूरे करके स्कूल का सर्वे करवाया था, लेकिन अनेक स्कूल ऐसे हैं जिन्होंने नोटिस को दरकिनार कर दिया। जिला शिक्षा विभाग द्वारा जिले में गैर मान्यता प्राप्त स्कूलों का सर्वे कर रिपोर्ट तैयार कर ली है। इस रिपोर्ट को आला अधिकारियों के पास भेजा जा रहा है। आला अधिकारियों के आदेश के बाद इन गैर मान्यता प्राप्त स्कूलों को सील करने की कार्रवाई शुरू कर दी जाएगी। इस बार विभाग कोई चूक नहीं करना चाहता। स्कूलों को वर्तमान शैक्षणिक सत्र में मान्यता लेने की छूट दी गई थी। साथ ही साथ इन्हें चेतावनी भी दी गई थी कि शैक्षणिक सत्र 2017-18 की शुरूआत में ही मान्यता न लेने वाले स्कूलों को सील कर दिया जाएगा।
जर्जर सरकारी स्कूलों की बनेगी नई बिल्डिंग, रिपोर्ट मांगी
जिले
में जर्जर सरकारी स्कूलों की जल्द तस्वीर बदल जाएगी। शिक्षा विभाग
मुख्यालय के अफसरों ने जर्जर स्कूल की बिल्डिंग्स की रिपोर्ट मांगी है। इन
स्कूलों की मरम्मत की बजाय अब नई बिल्डिंग बनाई जाएगी। जिले के ज्यादातर
सरकारी स्कूलों की हालत जर्जर है। कई स्कूलों में हादसा होने के डर से
छात्रों को ग्राउंड में बैठाया जाता है। कई स्कूल ऐसे हैं, जिनमें कमरों की
छत भी गिर चुकी है। इसकी विभाग के अधिकारियों को सूचना के बावजूद इनकी
मरम्मत नहीं कराई जा सकी थी। देर से ही सही, लेकिन अब अधिकारियों ने इसकी
सुध लेना शुरू कर दी है। आला अधिकारियों ने जिले के सरकारी स्कूलों की
जर्जर बिल्डिंग की सूची मांगी है। रिपोर्ट शुक्रवार तक सौंपी जानी है,
जिसके बाद इन बिल्डिंग्स को नए सिरे से बनवाने की तैयारी की जाएगी। जिला
मौलिक शिक्षा अधिकारी राम कुमार फलस्वाल ने बताया कि रिपोर्ट शुक्रवार को
अधिकारियों को भेजना है। जल्द इन बिल्डिंगों को नए सिरे से बनवाया जाएगा।