चंडीगढ़ (राय) : शहर में लगभग 115 सरकारी स्कूल हैं,
जहां 442 शिक्षकों की कमी है। यह खुलासा चंडीगढ़ कांग्रेस के महासचिव
शशिशंकर तिवारी की ओर से डाली गई आर.टी.आई. के जरिए हुआ है।
उन्होंने बताया
कि आर.टी.आई. के जवाब में मिली जानकारी के अनुसार शहर में शिक्षकों के कुल
2442 पद हैं जिनमें से नियमित अध्यापकों की संख्या 1757 है, जबकि
कांट्रैक्ट के तहत 47 टीचरों की सेवाएं ली जा रही हैं। इसी तरह 196 गैस्ट
टीचर अपनी सेवाएं दे रहे हैं। इस प्रकार कुल मिलाकर इस समय चंडीगढ़ में
2000 शिक्षक हैं। अभी भी 442 शिक्षकों के पद खाली पड़े हैं। शशिशंकर
तिवारी ने कहा कि भाजपा शासित चंडीगढ़ प्रशासन में विद्यार्थियों की कोई
सुनने वाला नहीं है। जब स्कूलों में शिक्षक ही नहीं रहेंगे तो वहां पर
शिक्षा कैसे मिलेगी। उन्होंने कहा कि वर्तमान में जो शिक्षक स्कूलों में
हैं, उन्हें भी वोट बनाने और सर्वे आदि करने के कामों पर लगा दिया जाता है
जिससे स्कूलों में शिक्षा और प्रभावित होती है।
प्रशासन से की मांग- जल्द भरा जाएं शिक्षकों के खाली पद : तिवारी
तिवारी ने चंडीगढ़ के प्रशासक वी.पी. सिंह बदनौर से मांग की है कि चंडीगढ़
में खाली पड़े शिक्षकों के पदों को जल्द से जल्द भरा जाए और जिन शिक्षकों
की ड्यूटी स्कूल से बाहर के कामों में लगाई जाती है, वह न लगाई जाए।
उन्होंने कहा कि इन्ही सभी कारणों से चंडीगढ़ में सरकारी स्कूलों का रिजल्ट
बहुत खराब आता है। उन्होंने कहा कि जहां एक कक्षा में 40 छात्र होने
चाहिए, वहां पर 100 छात्र बैठने को मजबूर हैं। उन्होंने प्रशासन से चंडीगढ़
के स्कूलों की दशा और दिशा सुधारने की मांग की है।
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