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हाजिरी कम होने पर शिक्षक बता रहे मशीनों में खराबी और दिक्कतें, निदेशक ने उसी दिन सूचित करने के दिए निर्देश

पानीपत. प्रदेश के सरकारी स्कूलों में शिक्षकों को पूरे समय तक स्कूल में रोके रखने के लिए शुरू की गई बायोमैट्रिक हाजिरी नहीं लग पा रही है। प्रदेश के हायर सेकंडरी और सीनियर सेकंडरी स्कूलों में पढ़ाने वाले केवल 52 फीसदी शिक्षक ही बायोमैट्रिक हाजिरी लगा रहे हैं।
जबकि प्राइमरी स्कूलों का हाल बुरा है। वहां सिर्फ 36 फीसदी शिक्षक ही हाजिरी लगा रहे हैं। हायर सेकंडरी और सीनियर सेकंडरी स्कूलों में बायोमैट्रिक हाजिरी में शिक्षा मंत्री रामबिलास शर्मा का जिला महेंद्रगढ़ ही सबसे पीछे है। यहा सिर्फ 36 फीसदी शिक्षक ही बायोमैट्रिक हाजिरी लगा रहे हैं। पानीपत भी इसी के बराबर है। जबकि प्राइमरी स्कूलों में कुरुक्षेत्र में सबसे कम हाजिरी मशीन से लग रही है। यहां केवल 15 फीसदी शिक्षक ही मशीन पर अंगूठा लगा रहे हैं।
कुछ जगह मशीन में खराबी होने पर नहीं कराई जा रही ठीक :बायोमैट्रिक हाजिरी कम लगने की वजह शिक्षक मशीनों में खराबी, बिजली की कमी और नेटवर्किंग की दिक्कत बता रहे हैं। लेकिन सूत्रों का कहना है कि कुछ जगह मशीन मामूली तकनीकी खराबी के बाद ठीक ही नहीं कराई जा रही है। क्योंकि बायोमैट्रिक हाजिरी लगाने पर उसमें शिक्षक या कर्मचारी के आने और जाने का समय फीड हो जाता है। हाजिरी को लेकर महकमे के निदेशालय से कई बार आदेश भी जारी किए गए हैं।
जिला शिक्षा अधिकारियों को दी जिम्मेदारी: अब एक बार फिर जिला शिक्षा अधिकारियों और जिला मौलिक शिक्षा अधिकारियों से कहा गया है कि वे यह सुनिश्चित करें कि बायोमैट्रिक हाजिरी ही लगे। प्राइमरी एजुकेशन के निदेशक राजनारायण कौशिक का कहना है कि शिक्षकों ने मशीनें खराब होने की बात कही थी। इसलिए उनसे कहा गया है कि यदि एक परिसर में दो-तीन स्कूल हैं तो शिक्षक दूसरे स्कूल में जाकर हाजिरी लगा सकता है। ज्यादा दूरी पर न जाएं। लेकिन कोई दिक्कत हो तो उसकी सूचना निदेशालय को उसकी दिन दी जाए।
ये है स्कूलों की स्थिति : प्राइमरी स्कूलों में सिर्फ 36 फीसदी शिक्षक ही टैबलेट से हाजिरी लगा रहे हैं। सबसे कम कुरुक्षेत्र में सिर्फ 15 फीसदी ही मशीन के जरिए हाजिरी लगा रहे हैं। जबकि यमुनानगर, सोनीपत, पानीपत, पलवल, महेंद्रगढ़, हिसार में 18 से 30 फीसदी शिक्षक इस प्रकार से हाजिरी लगा रहे हैं। इनसे ज्यादा अंबाला में 41, भिवानी में 37, फरीदाबाद में 51, फतेहाबाद में 56, गुड़गांव में 50, झज्जर में 38,जींद में 58, कैथल में 31, करनाल में 37, मेवात में 46, पंचकूला में 33, रोहतक में 39, सिरसा में 31 फीसदी शिक्षक ही मशीन से हाजिरी लगा रहे हैं।
कहां कितनी लग रही हाजरी: 50 फीसदी से कम:महेंद्रगढ़ व पानीपत में 36-36 फीसदी हाजिरी ही बायो मैट्रिक्स से लग रही है। जबकि हिसार में 43, यमुनानगर में 44, रोहतक और रेवाड़ी में 46-46 फीसदी बायो मैट्रिक्स से लगाई जा रही है। जबकि पलवल में 49 और भिवानी में 50 फीसदी शिक्षक ही मशीन पर हाजिरी लगा रहे हैं।

51 से 55 फीसदी तक: झज्जर में 51, कुरुक्षेत्र में 53, सिरसा में 54 और पंचकूला में 55 फीसदी शिक्षक ही बायो मैट्रिक्स हाजिरी लगा रहे हैं।

56 से 63 फीसदी तक: सोनीपत में 57फीसदी, गुड़गांव व मेवात में 58-58, कैथल व करनाल में 59-59, फतेहाबाद में 61, जींद में 62,फरीदाबाद में 63 फीसदी शिक्षक बायो मैट्रिक्स हाजिरी लगा रहे हैं।

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