जागरण संवाददाता, अंबाला : प्रदेश के करीब 2600 कंप्यूटर टीचर्स का
अनुबंध 31 दिसंबर को खत्म हो रहा है। इसीलिए कंप्यूटर टीचर्स वेलफेयर
एसोसिएशन हरियाणा ने प्रदेश सरकार पर दबाव बनाना शुरू कर दिया है ताकि
सरकार उनका अनुबंध बढ़ा दें।
इसी को लेकर शनिवार यानि दो दिसंबर को करनाल में राज्य स्तरीय बैठक होगी। इस बैठक में अंबाला से एसोसिएशन का प्रतिनिधि मंडल शामिल होगा। जिले की बात करें तो अंबाला के 140 राजकीय स्कूलों 132 कंप्यूटर टीचर तैनात हैं और प्रदेश सरकार ने भी अनुबंध बढ़ाने पर कोई विचार विमर्श या फैसला नहीं किया है।
बता दें कि प्रदेश के सरकारी स्कूलों में तकनीकी शिक्षा देने के लिए वर्ष 2013 में शिक्षा विभाग द्वारा 2600 कंप्यूटर टीचर्स की नियुक्ति की गई थी। कंप्यूटर टीचर करीब 8 महीने तक साल 2015 में आंदोलन कर चुके हैं और सितंबर 2015 से इन शिक्षकों को अनुबंध के आधार पर कभी दो महीने के लिए तो कभी तीन महीने के लिए रखा जाता आ रहा है। जब भी सरकार इन शिक्षकों को अनुबंध नहीं बढ़ाती तो शिक्षक सड़कों पर उतर आते हैं। लेकिन इस बार अनुबंध बढ़ाने के साथ-साथ आंदोलन वेतन बढ़ोतरी और कोई स्थाई नीति पर केंद्रित रहेगा। उधर, सरकार इन शिक्षकों को हटाकर नए शिक्षक लगाने के लिए मार्च 2016 में 3336 पदों के लिए नई भर्ती भी जारी कर चुकी है मगर हाईकोर्ट ने इस पर रोक लगाते हुए सरकार को नियमित भर्ती तक शिक्षकों की सेवाएं जारी रखने के निर्देश दे चुका है।
सरकार ने दे रखा है शपथ पत्र
शिक्षक संघ के प्रदेश अध्यक्ष बलराम धीमान ने बताया कि हाईकोर्ट में सरकार की तरफ से कंप्यूटर टीचर्स को वापस नौकरी पर रखे जाने का शपथ पत्र दाखिल किया था। हालांकि विभाग नियमित भर्ती होने तक वर्तमान शिक्षकों की सेवा जारी रखने के लिए भी हाईकोर्ट में हलफनामा दायर कर चुका है मगर इसके बाद भी कंप्यूटर शिक्षकों को बार बार हटा दिया जाता है। सरकार ने शिक्षकों को रिलीव किया तो हाईकोर्ट की शरण जाएंगे।
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पिछले चार वर्षों में कंप्यूटर शिक्षा का लेखा जोखा
(अवधि जिसमे कंप्यूटर शिक्षा की पढ़ाई हुई)
सितम्बर 2013 से 25 फरवरी 2014 तक
8 मार्च 2014 से 31 मई 2014 तक
8 अगस्त 2014 से 18 जनवरी 2015 तक
8 सितम्बर 2015 से 31 मई 2016 तक
2 मार्च 2017 से 31 मई 2017 तक
1 जुलाई 2017 से 31 दिसम्बर 2017 तक
इसी को लेकर शनिवार यानि दो दिसंबर को करनाल में राज्य स्तरीय बैठक होगी। इस बैठक में अंबाला से एसोसिएशन का प्रतिनिधि मंडल शामिल होगा। जिले की बात करें तो अंबाला के 140 राजकीय स्कूलों 132 कंप्यूटर टीचर तैनात हैं और प्रदेश सरकार ने भी अनुबंध बढ़ाने पर कोई विचार विमर्श या फैसला नहीं किया है।
बता दें कि प्रदेश के सरकारी स्कूलों में तकनीकी शिक्षा देने के लिए वर्ष 2013 में शिक्षा विभाग द्वारा 2600 कंप्यूटर टीचर्स की नियुक्ति की गई थी। कंप्यूटर टीचर करीब 8 महीने तक साल 2015 में आंदोलन कर चुके हैं और सितंबर 2015 से इन शिक्षकों को अनुबंध के आधार पर कभी दो महीने के लिए तो कभी तीन महीने के लिए रखा जाता आ रहा है। जब भी सरकार इन शिक्षकों को अनुबंध नहीं बढ़ाती तो शिक्षक सड़कों पर उतर आते हैं। लेकिन इस बार अनुबंध बढ़ाने के साथ-साथ आंदोलन वेतन बढ़ोतरी और कोई स्थाई नीति पर केंद्रित रहेगा। उधर, सरकार इन शिक्षकों को हटाकर नए शिक्षक लगाने के लिए मार्च 2016 में 3336 पदों के लिए नई भर्ती भी जारी कर चुकी है मगर हाईकोर्ट ने इस पर रोक लगाते हुए सरकार को नियमित भर्ती तक शिक्षकों की सेवाएं जारी रखने के निर्देश दे चुका है।
सरकार ने दे रखा है शपथ पत्र
शिक्षक संघ के प्रदेश अध्यक्ष बलराम धीमान ने बताया कि हाईकोर्ट में सरकार की तरफ से कंप्यूटर टीचर्स को वापस नौकरी पर रखे जाने का शपथ पत्र दाखिल किया था। हालांकि विभाग नियमित भर्ती होने तक वर्तमान शिक्षकों की सेवा जारी रखने के लिए भी हाईकोर्ट में हलफनामा दायर कर चुका है मगर इसके बाद भी कंप्यूटर शिक्षकों को बार बार हटा दिया जाता है। सरकार ने शिक्षकों को रिलीव किया तो हाईकोर्ट की शरण जाएंगे।
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पिछले चार वर्षों में कंप्यूटर शिक्षा का लेखा जोखा
(अवधि जिसमे कंप्यूटर शिक्षा की पढ़ाई हुई)
सितम्बर 2013 से 25 फरवरी 2014 तक
8 मार्च 2014 से 31 मई 2014 तक
8 अगस्त 2014 से 18 जनवरी 2015 तक
8 सितम्बर 2015 से 31 मई 2016 तक
2 मार्च 2017 से 31 मई 2017 तक
1 जुलाई 2017 से 31 दिसम्बर 2017 तक