शिक्षा विभाग दो साल में 186 लेक्चर की भर्ती नहीं कर
पाया है। ऐसे में पढ़ाई किस तरह से हो रही है, जबकि विभाग कारण दे रहा है।
विभाग का कहना है कि एमएचआरडी की मंजूरी न मिलने से भर्ती रुकी हुई है।
उधर, पंजाब ने डेपुटेशन पर आए 450 शिक्षकों को वापस बुलाने का फैसला कर
लिया है। चंडीगढ़ शिक्षा विभाग की ओर से शिक्षा की गुणवत्ता को बढ़ाने के
लिए वर्ष 2014 में 186 लेक्चर की भर्ती का प्रपोजल बनाकर एमएचआरडी को भेजा
गया था।
इसमें इकोनॉमिक्स, हिंदी, फिजिक्स, केमिस्ट्री,
सोशल साइंस के अलावा दूसरे विषयों के लेक्चरर की भर्ती के लिए मंजूरी मांगी
गई थी। लेकिन केंद्र की ओर से इसकी स्वीकृति नहीं दी गई। विभाग के
अधिकारियों का कहना है कि शिक्षा विभाग टीचरों को भर्ती कर सरकारी स्कूल की
शिक्षा के स्तर को बेहतरीन बनाना चाहता है। लेकिन ये पद अप्रूव नहीं होने
के कारण दिक्कत आ रही है।
डेपुटेशन पर आए शिक्षकों का क्या होगा विकल्प
इसके अलावा पंजाब सरकार की ओर से चंडीगढ़ में तैनात 450 शिक्षकों को वापस बुलाया गया है। अगर ये शिक्षक वापस चले जाएंगे तो नए सेशन में एडमिशन के बाद स्टूडेंट्स का भविष्य क्या होगा? शिक्षकों के जाने पर विभाग एक महीने केभीतर 450 शिक्षकों को कैसे भर्ती कर पाएगा।
16 मई को प्रशासन और शिक्षा विभाग की बैठक
शिक्षकों की कमी से आरटीई कैसे पूरी तरह से लागू होगी। इस पर मंथन करने के लिए 16 मई को चंडीगढ़ प्रशासन और शिक्षा विभाग की मीटिंग होने जा रही है । उस मीटिंग में इस मुश्किल से निपटने का हल निकाला जाएगा।
शिक्षा विभाग की ओर से यह प्रपोजल भेजा गया है। एमएचआरडी से अभी तक इसकी अप्रूवल नहीं मिली है। इस कारण यह भर्ती नहीं हो पाई है।
- रूबिंदर जीत सिंह बराड़, डायरेक्टर , स्कूल एजुकेशन
डेपुटेशन पर आए शिक्षकों का क्या होगा विकल्प
इसके अलावा पंजाब सरकार की ओर से चंडीगढ़ में तैनात 450 शिक्षकों को वापस बुलाया गया है। अगर ये शिक्षक वापस चले जाएंगे तो नए सेशन में एडमिशन के बाद स्टूडेंट्स का भविष्य क्या होगा? शिक्षकों के जाने पर विभाग एक महीने केभीतर 450 शिक्षकों को कैसे भर्ती कर पाएगा।
16 मई को प्रशासन और शिक्षा विभाग की बैठक
शिक्षकों की कमी से आरटीई कैसे पूरी तरह से लागू होगी। इस पर मंथन करने के लिए 16 मई को चंडीगढ़ प्रशासन और शिक्षा विभाग की मीटिंग होने जा रही है । उस मीटिंग में इस मुश्किल से निपटने का हल निकाला जाएगा।
शिक्षा विभाग की ओर से यह प्रपोजल भेजा गया है। एमएचआरडी से अभी तक इसकी अप्रूवल नहीं मिली है। इस कारण यह भर्ती नहीं हो पाई है।
- रूबिंदर जीत सिंह बराड़, डायरेक्टर , स्कूल एजुकेशन