ग्वालियर. राइटिग, टीचिंग व अर्थमेटिक को सिखाकर लोग अपनी शैक्षिक जिम्मेदारी को पूर्ण समझ लेते हैं जो कि अनुचित है। हमें तीन एच की जरूरत है हेड, हेंड और हार्ट। इन्हें समन्वित करने पर हमें सच्ची शिक्षा का पर्याय मिल जाता है।
यह बात हरियाणा और पंजाब के राज्यपाल प्रो. कप्तान सिंह सोलंकी ने स्टूडेंट्स को संबोधित करते हुए कही। मौका था आईटीएम ग्लोबल स्कूल के द्वितीय फेज के नवनिर्मित भवन के उद्घाटन कार्यक्रम का। कार्यक्रम की अध्यक्षता महिला एंव बाल विकास मंत्री माया सिंह ने की। इस दौरान कुलाधिपति रमाशंकर सिंह, स्कूल की चेयरपर्सन रूचि सिंह चौहान, एमडी डॉ. दौलत सिंह चौहान आदि उपस्थित रहे।
रुचि के अनुसार दें शिक्षा
कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहीं माया सिंह ने कहा कि ग्लोबलाइजेशन के दौर में शिक्षा में टेक्नोलॉजी का महत्व बढ़ गया है। बच्चों को उनकी रुचि व क्षमता के अनुरूप शिक्षित किया जाना चाहिए। वहीं कुलाधिपति रमाशंकर सिंह ने कहा कि आज शिक्षा के नाम पर खेती हो रही है। स्कूल की अच्छी इमारतें, अच्छे भवन ही पर्याप्त नहीं हैं, बल्कि आज बच्चे की वैयक्तिक पहचान को समझकर उसकी प्रतिभा को विकसित करने और उभारने की जरूरत है।
भवन में यह हैं सुविधाएं
स्कूल का द्वितीय फेज छह महीने में पूरा किया गया। इस भवन के बेसमेंट में लाइब्रेरी, डिजिटल लाइब्रेरी, कम्प्यूटर लैब व रीडिंग रूम बनाए गए हैं। वहीं ग्राउंड फ्लोर में विभिन्न कलाओं की पेंटिंग, डांसिंग, शास्त्रीय एवं पाश्चात्य संगीत, शिल्पकला, क्ले मॉडलिंग आदि के स्टू्डियो बनाए गए हैं। इसके अलावा आठ ट्यूटोरियल कक्ष, 16 शिक्षक कक्ष, 8 लर्निंग रूम आदि बनाए गए हैं।
सरकारी नौकरी - Army /Bank /CPSU /Defence /Faculty /Non-teaching /Police /PSC /Special recruitment drive /SSC /Stenographer /Teaching Jobs /Trainee / UPSC
यह बात हरियाणा और पंजाब के राज्यपाल प्रो. कप्तान सिंह सोलंकी ने स्टूडेंट्स को संबोधित करते हुए कही। मौका था आईटीएम ग्लोबल स्कूल के द्वितीय फेज के नवनिर्मित भवन के उद्घाटन कार्यक्रम का। कार्यक्रम की अध्यक्षता महिला एंव बाल विकास मंत्री माया सिंह ने की। इस दौरान कुलाधिपति रमाशंकर सिंह, स्कूल की चेयरपर्सन रूचि सिंह चौहान, एमडी डॉ. दौलत सिंह चौहान आदि उपस्थित रहे।
रुचि के अनुसार दें शिक्षा
कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहीं माया सिंह ने कहा कि ग्लोबलाइजेशन के दौर में शिक्षा में टेक्नोलॉजी का महत्व बढ़ गया है। बच्चों को उनकी रुचि व क्षमता के अनुरूप शिक्षित किया जाना चाहिए। वहीं कुलाधिपति रमाशंकर सिंह ने कहा कि आज शिक्षा के नाम पर खेती हो रही है। स्कूल की अच्छी इमारतें, अच्छे भवन ही पर्याप्त नहीं हैं, बल्कि आज बच्चे की वैयक्तिक पहचान को समझकर उसकी प्रतिभा को विकसित करने और उभारने की जरूरत है।
भवन में यह हैं सुविधाएं
स्कूल का द्वितीय फेज छह महीने में पूरा किया गया। इस भवन के बेसमेंट में लाइब्रेरी, डिजिटल लाइब्रेरी, कम्प्यूटर लैब व रीडिंग रूम बनाए गए हैं। वहीं ग्राउंड फ्लोर में विभिन्न कलाओं की पेंटिंग, डांसिंग, शास्त्रीय एवं पाश्चात्य संगीत, शिल्पकला, क्ले मॉडलिंग आदि के स्टू्डियो बनाए गए हैं। इसके अलावा आठ ट्यूटोरियल कक्ष, 16 शिक्षक कक्ष, 8 लर्निंग रूम आदि बनाए गए हैं।
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