लिखितपरीक्षा में 50 में से एक नंबर आने के बावजूद आपको बीटेक की डिग्री
मिल जाए और डिग्री मिलने के बाद उसी यूनिवर्सिटी में 25 हजार रुपए की नौकरी
भी मिल जाए। ऐसा शायद आपको असंभव लगता होगा, मगर एचएयू के संबंधित शिक्षक
के आरोपों के मुताबिक हरियाणा एग्रीकल्चर यूनिवर्सिटी के वरिष्ठ निजी सचिव
दर्शन कुमार के बेटे मिखिल के साथ ऐसा हुआ है।
आरोप यह भी है कि यह सब काम दबाव देकर करवाए गए और अब तत्कालीन कुलपति की विदाई के बाद दबाव झेलने वाले प्राध्यापक भी मैदान में उतर आए हैं। मिखिल इस समय यूनिवर्सिटी के मानव संसाधन निदेशालय में बिजनेस एसोसिएट के पद पर कार्यरत हैं और यूनिवर्सिटी में बिजनेस बढ़ाने का काम कर रहे हैं।
उपलब्ध कागजातों आरोपों के अनुसार कुलपति के वरिष्ठ निजी सचिव दर्शन कुमार के बेटे मिखिल ने वर्ष 2010-11 में एग्रीकल्चर इंजीनियरिंग काॅलेज में बीटेक में दाखिला लिया था। फाइनल इयर के दूसरे सेमेस्टर में मिखिल ने स्टैंडर्डाइजेशन एंड क्वालिटी कंट्रोल का कोर्स लिया। इस कोर्स में 50 नंबर की लिखित परीक्षा, 10 नंबर एसाइनमेंट और 40 नंबर कक्षा में हाजिरी के नाम के थे।
अटेंडेंस के नंबर नियमानुसार वही रहते हैं : बंसल
^अगरविद्यार्थी को अटेंडेंस के नंबरों की समस्या थी तो आठवें सेमेस्टर की परीक्षा के बाद ही शिकायत करनी थी। नौवें सेमेस्टर की परीक्षा के बाद ही शिकायत क्यों की गई जबकि नियमानुसार प्रैक्टिकल में फेल होने पर अटेंडेंस एसाइनमेंट के नंबर वहीं रहते हैं, परंतु लिखित परीक्षा के नंबर ज्यादा या कम हो सकते हैं।'' प्रो.एनके बंसल, परीक्षा लेने वाले मिखिल के तत्कालीन शिक्षक।
दबाव नहीं बनाया
^मुझेइस बारे में कुछ नहीं कहना। मैंने किसी पर कोई दबाव नहीं बनाया। वो ऐसा क्यों कह रहे हैं ये तो आरोप लगाने वाले ही जानें।’’ दर्शनकुमार, वरिष्ठ निजी सचिव, वीसी, एचएयू।
^यूनिवर्सिटी में किसी भी तरीके का भ्रष्टाचार बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। चाहे वह किसी क्लर्क ने किया हो या फिर वीसी ने। शिक्षकों को प्रताड़ित करने वाले निजी सचिव दर्शन को इस दायित्व वाले पद से तुरंत हटाया जाना चाहिए।’’ सुनीलभारद्वाज, संगठन मंत्री, एबीवीपी।
मैंने किसी पर दबाव नहीं बनाया : गोयल
^मैंनेकिसी पर नंबर बढ़ाने का कोई दबाव नहीं बनाया। उक्त विद्यार्थी ने वीसी को शिक्षक की शिकायत की थी जिसके आधार पर जांच हुई थी और नंबर बढ़ाए गए। बाकी विद्यार्थी का थ्योरी और प्रैक्टिकल दोनों में पास होना जरूरी है।'' डॉ.एके गोयल, डीन एग्रीकल्चर इंजीनियरिंग काॅलेज, एचएयू, हिसार।
परीक्षा लेने वाले शिक्षक प्रो. एनके बंसल का आरोप है कि मिखिल के साथ सात अन्य लड़के भी फेल थे, मगर दोबारा परीक्षा के बाद भी फेल हो जाने के बाद डीन डॉ. एके गोयल के माध्यम से दर्शन कुमार ने उन पर मिखिल को पास करने का दबाव बनाया मानसिक रूप से प्रताड़ित करते हुए विद्यार्थी की उपस्थिति संतोषजनक होने का हवाला देते हुए हाजिरी के अंक बढ़ाकर भेजने का कहा था। प्रो. बंसल का दावा है उन्होंने डीन निजी सचिव के दबाव में दोबारा अंक बढ़ाकर भेज दिए, लेकिन साथ में यह भी लिख दिया कि पहले नंबर वास्तविक हाजिरी के अनुसार दिए गए थे वहीं अब नंबर संतोषजनक हाजिरी के अनुसार भेजे जा रहे हैं। इससे मिखिल के अटेंडेंस के 30, एसाइनमेंट के 10 लिखित परीक्षा में मिले एक नंबर को मिलाकर कुल 41 नंबर हो गए और उसे पास कर दिया गया। बाद में तत्कालीन कुलपति डॉ. केएस खोखर ने प्रोफेसर एनके बंसल का तबादला हिसार से कौल कृषि काॅलेज में कर दिया।
12 मई, 2014 को इस कोर्स के प्रेक्टिकल की 50 नंबरों की लिखित परीक्षा में मिखिल को शून्य अंक मिले। कक्षा में हाजिरी के नाम के 20 और एसाइनमेंट के 10 नंबर मिले। इस हिसाब से मिखिल के इस पेपर में केवल 30 नंबर आए वहीं पास होने के लिए 40 नंबर लेने जरूरी थे। इसके बाद सात जुलाई, 2014 को दोबारा हुई लिखित परीक्षा में भी मिखिल 50 में से केवल एक ही नंबर ले सका।
थ्योरीऔर प्रेक्टिकल दोनों में पास होना जरूरी
यूनिवर्सिटीके नियमानुसार परीक्षार्थी का थ्योरी प्रेक्टिकल दोनों में पास होना जरूरी है। अगर विद्यार्थी किसी एक में फेल होता है तो उसे उस कोर्स में फेल माना जाएगा।
एचएयूके वीसी के पास नहीं समय
इसमामले में जब एचएयू के नए कुलपति डॉ. केपी सिंह से बातचीत की गई तो उन्होंने कहा कि मेरे पास अभी समय नहीं है। जब मेरे पास समय होगा आपसे बात कर लूंगा। इसके बाद उन्होंने फोन काट दिया।
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आरोप यह भी है कि यह सब काम दबाव देकर करवाए गए और अब तत्कालीन कुलपति की विदाई के बाद दबाव झेलने वाले प्राध्यापक भी मैदान में उतर आए हैं। मिखिल इस समय यूनिवर्सिटी के मानव संसाधन निदेशालय में बिजनेस एसोसिएट के पद पर कार्यरत हैं और यूनिवर्सिटी में बिजनेस बढ़ाने का काम कर रहे हैं।
उपलब्ध कागजातों आरोपों के अनुसार कुलपति के वरिष्ठ निजी सचिव दर्शन कुमार के बेटे मिखिल ने वर्ष 2010-11 में एग्रीकल्चर इंजीनियरिंग काॅलेज में बीटेक में दाखिला लिया था। फाइनल इयर के दूसरे सेमेस्टर में मिखिल ने स्टैंडर्डाइजेशन एंड क्वालिटी कंट्रोल का कोर्स लिया। इस कोर्स में 50 नंबर की लिखित परीक्षा, 10 नंबर एसाइनमेंट और 40 नंबर कक्षा में हाजिरी के नाम के थे।
अटेंडेंस के नंबर नियमानुसार वही रहते हैं : बंसल
^अगरविद्यार्थी को अटेंडेंस के नंबरों की समस्या थी तो आठवें सेमेस्टर की परीक्षा के बाद ही शिकायत करनी थी। नौवें सेमेस्टर की परीक्षा के बाद ही शिकायत क्यों की गई जबकि नियमानुसार प्रैक्टिकल में फेल होने पर अटेंडेंस एसाइनमेंट के नंबर वहीं रहते हैं, परंतु लिखित परीक्षा के नंबर ज्यादा या कम हो सकते हैं।'' प्रो.एनके बंसल, परीक्षा लेने वाले मिखिल के तत्कालीन शिक्षक।
दबाव नहीं बनाया
^मुझेइस बारे में कुछ नहीं कहना। मैंने किसी पर कोई दबाव नहीं बनाया। वो ऐसा क्यों कह रहे हैं ये तो आरोप लगाने वाले ही जानें।’’ दर्शनकुमार, वरिष्ठ निजी सचिव, वीसी, एचएयू।
^यूनिवर्सिटी में किसी भी तरीके का भ्रष्टाचार बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। चाहे वह किसी क्लर्क ने किया हो या फिर वीसी ने। शिक्षकों को प्रताड़ित करने वाले निजी सचिव दर्शन को इस दायित्व वाले पद से तुरंत हटाया जाना चाहिए।’’ सुनीलभारद्वाज, संगठन मंत्री, एबीवीपी।
मैंने किसी पर दबाव नहीं बनाया : गोयल
^मैंनेकिसी पर नंबर बढ़ाने का कोई दबाव नहीं बनाया। उक्त विद्यार्थी ने वीसी को शिक्षक की शिकायत की थी जिसके आधार पर जांच हुई थी और नंबर बढ़ाए गए। बाकी विद्यार्थी का थ्योरी और प्रैक्टिकल दोनों में पास होना जरूरी है।'' डॉ.एके गोयल, डीन एग्रीकल्चर इंजीनियरिंग काॅलेज, एचएयू, हिसार।
परीक्षा लेने वाले शिक्षक प्रो. एनके बंसल का आरोप है कि मिखिल के साथ सात अन्य लड़के भी फेल थे, मगर दोबारा परीक्षा के बाद भी फेल हो जाने के बाद डीन डॉ. एके गोयल के माध्यम से दर्शन कुमार ने उन पर मिखिल को पास करने का दबाव बनाया मानसिक रूप से प्रताड़ित करते हुए विद्यार्थी की उपस्थिति संतोषजनक होने का हवाला देते हुए हाजिरी के अंक बढ़ाकर भेजने का कहा था। प्रो. बंसल का दावा है उन्होंने डीन निजी सचिव के दबाव में दोबारा अंक बढ़ाकर भेज दिए, लेकिन साथ में यह भी लिख दिया कि पहले नंबर वास्तविक हाजिरी के अनुसार दिए गए थे वहीं अब नंबर संतोषजनक हाजिरी के अनुसार भेजे जा रहे हैं। इससे मिखिल के अटेंडेंस के 30, एसाइनमेंट के 10 लिखित परीक्षा में मिले एक नंबर को मिलाकर कुल 41 नंबर हो गए और उसे पास कर दिया गया। बाद में तत्कालीन कुलपति डॉ. केएस खोखर ने प्रोफेसर एनके बंसल का तबादला हिसार से कौल कृषि काॅलेज में कर दिया।
12 मई, 2014 को इस कोर्स के प्रेक्टिकल की 50 नंबरों की लिखित परीक्षा में मिखिल को शून्य अंक मिले। कक्षा में हाजिरी के नाम के 20 और एसाइनमेंट के 10 नंबर मिले। इस हिसाब से मिखिल के इस पेपर में केवल 30 नंबर आए वहीं पास होने के लिए 40 नंबर लेने जरूरी थे। इसके बाद सात जुलाई, 2014 को दोबारा हुई लिखित परीक्षा में भी मिखिल 50 में से केवल एक ही नंबर ले सका।
थ्योरीऔर प्रेक्टिकल दोनों में पास होना जरूरी
यूनिवर्सिटीके नियमानुसार परीक्षार्थी का थ्योरी प्रेक्टिकल दोनों में पास होना जरूरी है। अगर विद्यार्थी किसी एक में फेल होता है तो उसे उस कोर्स में फेल माना जाएगा।
एचएयूके वीसी के पास नहीं समय
इसमामले में जब एचएयू के नए कुलपति डॉ. केपी सिंह से बातचीत की गई तो उन्होंने कहा कि मेरे पास अभी समय नहीं है। जब मेरे पास समय होगा आपसे बात कर लूंगा। इसके बाद उन्होंने फोन काट दिया।
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