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2014 का अवार्ड देना भूले, 2015 की सूचना जारी

जींद : शिक्षक दिवस यानी पांच सितंबर को राज्य व केंद्र सरकार शिक्षा के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने वाले शिक्षकों को सम्मानित करती है, लेकिन, प्रदेश सरकार 2014 का अवार्ड देना ही भूल गई और अब 2015 के लिए शिक्षकों को अवार्ड देने की सूचना जारी कर दी है। इसमें भी 2014 के लिए शिक्षकों को अवार्ड देने के लिए कोई जानकारी नहीं दी गई है।

शिक्षा विभाग की ओर से हर साल पुरस्कार के लिए जिला मुख्यालयों से शिक्षकों के आवेदन मांगे जाते हैं। विभाग ने भी इसके लिए नियम तय किए हुए हैं, जो शिक्षक इन सभी नियमों पर खरा उतरता है, उस शिक्षक का चयन राज्य पुरस्कार के लिए किया जाता है। पिछले वर्ष विभाग ने शिक्षकों से राज्य शिक्षक अवार्ड के लिए आवेदन ही नहीं मांगे। इस बार भी विभाग ने केवल 2015 के लिए अवार्ड के लिए आवेदन करने के निर्देश जारी किए हैं। जिला शिक्षा अधिकारी वंदना गुप्ता ने कहा कि विभाग ने 2015 के लिए राज्य शिक्षक अवार्ड के लिए आवेदन मांगे हैं।
हर साल 40 से 50 शिक्षक होते पुरस्कृत
विभाग की ओर से हर साल 40 से 50 शिक्षकों को पुरस्कृत किया जाता है। इसमें अपर प्राइमरी से लेकर सीनियर सेकेंडरी स्कूल के शिक्षक शामिल होते हैं। 2014 में 2013 के लिए 33 शिक्षकों को पुरस्कृत किया गया है। कुछ दिन शिक्षा मंत्री ने इस बार 100 शिक्षकों को राज्य शिक्षक अवार्ड से पुरस्कृत करने की घोषणा की थी। हालांकि विभाग द्वारा जारी किए गए दिशा-निर्देशों में संख्या का किसी प्रकार का कोई जिक्र तक नहीं है।
विभाग समय पर दे अवार्ड : संघ

हरियाणा विद्यालय अध्यापक संघ के प्रेस सचिव भूप वर्मा ने कहा कि यदि विभाग व सरकार को शिक्षकों को अवार्ड देने ही हैं तो समय पर देने चाहिए और हर साल देने चाहिए। पिछले वर्ष विभाग ने अवार्ड ही नहीं दिया और न ही कोई जानकारी जारी की और इस बार भी केवल 2015 के लिए अवार्ड मांग लिए गए। उन शिक्षकों का क्या कसूर है, जो 2014 के अवार्ड के योग्य थे।
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