जेएनएन, चंडीगढ। हरियाणा सरकार की नई शिक्षक तबादला नीति पहले दिन से
विवादों में घिरी है। अब इस पर सरकार को एक और झटका लगा है। हाईकोर्ट ने
500 शिक्षकों को पुराने स्टेशन पर वापस भेजे जाने को लेकर जारी किए गए
नोटिफिकेशन पर रोक लगा दी है।
इसके साथ ही कोर्ट ने मामले में यथास्थिति बनाए रखने के आदेश दिए हैं। बता दें कि शिक्षा विभाग ने नई तबादला नीति के तहत पहले तो 500 शिक्षकों को नए स्टेशन अलॉट कर दिए। उसके बाद उन्हें वापस पुराने स्टेशन पर जाने के आदेश जारी किए। जिसके बाद शिक्षकों ने इन आदेशों को चुनौती दे दी।
ट्रांसफर रद करना नियमों के खिलाफ
इन्हीं में से एक याची पलवल निवासी नदर सिंह केे वकील मोहम्मद अर्शद ने बताया कि एक बार ट्रांसफर करने और अध्यापक के सेंटर ज्वाइन कर लेने के बाद दोबारा उसेे पुराने सेंटर पर भेजना गलत है। ट्रांसफर रद करने का फैसला नियमों के खिलाफ है और शिक्षा विभाग के इस फैसले से न केवल याची बल्कि बाकी 500 शिक्षक भी प्रभावित होंगे।
हाईकोर्ट ने लगाई आदेश पर रोक
हाईकोर्ट ने याची के वकील मोहम्मद अरशद की दलीलों को सुनने के बाद इस मामले में कड़ा संज्ञान लेते हुए हरियाणा शिक्षा विभाग की ट्रांसफर रद करने वाली 10 अगस्त की नोटिफिकेशन पर रोक लगा दी है।
यह है मामला
हरियाणा सरकार की 29 जून की ट्रांसफर पॉलिसी के तहत प्रदेश भर के शिक्षकों को ट्रांसफर के लिए ऑन लाइन नए स्टेशन के विकल्प को चुनने का मौका दिया गया था। विकल्पों को वेबसाइट पर शिक्षकों द्वारा चुना गया और इसी के अनुरूप चुने गए स्टेशन पर शिक्षकों का ट्रांसफर कर दिया गया।
शिक्षकों ने नए अलॉट स्टेशनों पर ड्यूटी ज्वाइन कर ली। इसके बाद शिक्षा विभाग ने 10 अगस्त को आदेश जारी किए, जिसमें नए अलॉट स्टेशनों से 500 शिक्षकों को दोबारा उनके पूर्व के स्टेशन पर वापस भेजने का निर्णय था।
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इसके साथ ही कोर्ट ने मामले में यथास्थिति बनाए रखने के आदेश दिए हैं। बता दें कि शिक्षा विभाग ने नई तबादला नीति के तहत पहले तो 500 शिक्षकों को नए स्टेशन अलॉट कर दिए। उसके बाद उन्हें वापस पुराने स्टेशन पर जाने के आदेश जारी किए। जिसके बाद शिक्षकों ने इन आदेशों को चुनौती दे दी।
ट्रांसफर रद करना नियमों के खिलाफ
इन्हीं में से एक याची पलवल निवासी नदर सिंह केे वकील मोहम्मद अर्शद ने बताया कि एक बार ट्रांसफर करने और अध्यापक के सेंटर ज्वाइन कर लेने के बाद दोबारा उसेे पुराने सेंटर पर भेजना गलत है। ट्रांसफर रद करने का फैसला नियमों के खिलाफ है और शिक्षा विभाग के इस फैसले से न केवल याची बल्कि बाकी 500 शिक्षक भी प्रभावित होंगे।
हाईकोर्ट ने लगाई आदेश पर रोक
हाईकोर्ट ने याची के वकील मोहम्मद अरशद की दलीलों को सुनने के बाद इस मामले में कड़ा संज्ञान लेते हुए हरियाणा शिक्षा विभाग की ट्रांसफर रद करने वाली 10 अगस्त की नोटिफिकेशन पर रोक लगा दी है।
यह है मामला
हरियाणा सरकार की 29 जून की ट्रांसफर पॉलिसी के तहत प्रदेश भर के शिक्षकों को ट्रांसफर के लिए ऑन लाइन नए स्टेशन के विकल्प को चुनने का मौका दिया गया था। विकल्पों को वेबसाइट पर शिक्षकों द्वारा चुना गया और इसी के अनुरूप चुने गए स्टेशन पर शिक्षकों का ट्रांसफर कर दिया गया।
शिक्षकों ने नए अलॉट स्टेशनों पर ड्यूटी ज्वाइन कर ली। इसके बाद शिक्षा विभाग ने 10 अगस्त को आदेश जारी किए, जिसमें नए अलॉट स्टेशनों से 500 शिक्षकों को दोबारा उनके पूर्व के स्टेशन पर वापस भेजने का निर्णय था।
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