प्रमुख संवाददाता, गुड़गांव सरकारी स्कूलों में छात्राओं को
आत्मरक्षा के गुर सिखाने वाले प्रशिक्षकों को मानदेय का भुगतान स्कूल की
महिला अध्यापिका की रिपोर्ट पर निर्भर करेगा। दरअसल, मामला लड़कियों से
जुड़ा होने के कारण स्कूलों में प्रशिक्षण के दौरान महिला अध्यापिका का
मौजूद रहना जरूरी किया गया है।
ऐसे में उक्त महिला अध्यापिका की रिपोर्ट के बाद ही प्रशिक्षक को विभाग की ओर से मानदेय जारी किया जाएगा। गुड़गांव में यह प्रशिक्षण 25 स्कूलों में चल रहा है।
प्रदेश के विभिन्न जिलों के एक हजार सरकारी स्कूलों में 9वीं व 10वीं कक्षा में पढ़ने वाली छात्राओं को आत्मरक्षा का प्रशिक्षण दिया जा रहा है। इसके लिए शिक्षा विभाग ने 90 लाख रुपये की राशि भी जारी की है। गुड़गांव जिले के 25 स्कूलों में पिछले एक माह से यह प्रशिक्षण दिया जा रहा है। हालांकि, प्रशिक्षण देने के लिए प्रशिक्षक तैनात किए गए हैं, लेकिन विभाग ने आदेश जारी करके प्रशिक्षण के दौरान महिला अध्यापिका का उपस्थित रहना अनिवार्य किया गया है। प्रशिक्षकों को मानेदय भी अध्यापिका द्वारा संतोषजनक रिपोर्ट के आधार पर ही दिया जाना है। वहीं, शिक्षा विभाग के अधिकारी प्रशिक्षण की समय-समय पर मॉनिटरिंग भी कर रहे हैं। यह प्रशिक्षण स्कूलों में 3-3 माह के लिए दिया जाना है। योजना के तहत प्रशिक्षण देने वाले प्रशिक्षक को प्रत्येक माह 3 हजार रुपये का भुगतान किया जाना है। जिला परियोजना अधिकारी मुकेश यादव ने बताया कि जिले के स्कूलों में पिछले एक माह से प्रशिक्षण दिया जा रहा है और इनके लिए अध्यापिकाओं की विशेष तौर पर ड्यूटियां लगाई गई हैं, ताकि उनकी देखरेख में ही प्रशिक्षक छात्राओं को आत्मरक्षा का प्रशिक्षण दिया जा सके।
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ऐसे में उक्त महिला अध्यापिका की रिपोर्ट के बाद ही प्रशिक्षक को विभाग की ओर से मानदेय जारी किया जाएगा। गुड़गांव में यह प्रशिक्षण 25 स्कूलों में चल रहा है।
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