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प्राध्यापक 10 को सामूहिक अवकाश पर, लगाए आरोप

राज्य सरकार पर शिक्षक हितों की अनदेखी करने का आरोप लगाते हुए गुरुजी सामूहिक रूप से छुट्टी करने का मन बना चुके हैं। शिक्षकों का यह प्रदर्शन 10 नवंबर को होगा। जिसमें सोनीपत के करीब 12 सौ प्राध्यापक स्कूलों में अध्यापन करने के बजाए अवकाश पर रहेंगे। विरोध यही तक सीमित नहीं रहेगा बल्कि प्राध्यापक अपनी मांगों को लेकर करनाल में जुलूस निकालेंगे और धरना देंगे।
इनमांगों को लेकर किया जा रहा है विरोध प्रदर्शन : स्कूलप्राध्यापकों को छोड़कर सभी स्कूल शिक्षकों को छठा वेतन आयोग लागू करते वक्त वेतनमान दो स्टेप-अप करके दिया गया, जबकि प्राध्यापकों को उस लाभ से वंचित रखा गया है। इस वर्ग का ग्रेड पे 5400 बनता है, जबकि 4800 देकर भेदभाव किया गया है। पंजाब हिमाचल प्रदेश में स्कूल प्राध्यापक का ग्रेड पे 5400 रुपये है जबकि उनका जीडीपी भी हरियाणा से कम है।

केंद्र में प्राध्यापकों का प्रारंभिक वेतन 18750 रुपये है जबकि हरियाणा में यह 16890 रुपये देकर वर्ग के साथ घोर अन्याय किया गया है। इसके अतिरिक्त 2012 के नियमों के अनुसार द्वि-स्तरीय प्रणाली एक से आठ नौवीं से बारहवीं तक लागू होनी चाहिए।

चयनित जेबीटी संघर्ष समिति ने निर्णय लिया है कि चयनित अध्यापक अब भाजपा विधायकों, मंत्रियों को ज्ञापन फीकी मिठाई खिलाकर फीकी दिवाली मनाएंगे। चयनित जेबीटी शिक्षकों का कहना है कि लगातार ये उनकी तीसरी दिवाली है, जो अबकी बार भी फीकी ही रहेगी क्योंकि सरकारी अध्यापक के रूप में चयन होने के बाद प्राइवेट स्कूलों ने भी इनको नौकरी से हटा दिया, जिनसे इनके परिवार का भरण-पोषण में काफी परेशानी हो रही है।

करीब 1100 प्राध्यापक नई तबादला नीति में खामियों के तहत 200-250 किलोमीटर घर से दूर बैठे हैं। अधिकारियों ने हस ला संगठन को बार-बार आश्वासन दिया था कि तुरंत सभी पीडितों की समस्याएं दूर कर दी जाएंगी, लेकिन अब तक कोई हल नहीं निकाला गया।

पदोन्नतिव्यवस्था में बदलाव की भी है मांग : प्राध्यापकोंके संगठन हसला के जिला प्रधान सत्यनारायण ने कहा कि सरकार की शिक्षक विरोधी नीतियों को लेकर प्राध्यापक वर्ग में काफी नाराजगी है, इसलिए सामूहिक हड़ताल का फैसला लिया गया है। साल 1994 के बाद पदोन्नति सही प्रकार से नहीं हो रही है। वाइस प्रिंसिपल के रूप में पदोन्नति का काफी समय से विचाराधीन मसले को अब ठीक किया जाना चाहिए।

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