जागरण संवाददाता, यमुनानगर : राजकीय प्राथमिक शिक्षक संघ ने शुक्रवार को
थापर हाई स्कूल ग्राउंड में चल रही जगाधरी ब्लॉक की खेल प्रतियोगिता का
बहिष्कार कर दिया। आरोप है कि पिछले दो साल से छात्रों को एक पैसा नहीं
मिला। जबकि एक प्रतियोगिता पर 20 हजार रुपये सरकार अदा करती है।
दोनों प्रतियोगिताओं के 40 हजार रुपये अभी तक खिलाड़ियों को अदा नहीं किए गए। बहिष्कार के कारण शिक्षा विभाग को खेल प्रतियोगिता रद करनी पड़ी। अब ये प्रतियोगिता 2 नवंबर को करवाई जाएगी।
संघ के प्रधान कृष्ण पाल राणा ने कहा कि इस मामले में कई दफा
लिखित व मौखिक तौर पर कहा गया। मजबूरन उन्हें यह कदम उठाना
पड़ा। उनके साथ जगजीत सिंह, अश्वनी, म¨हद्र सिंह, कुलवंत और मनोज पंजेटा ने भी इस मामले की कड़ी ¨नदा की। उन्होंने आरोप लगाया कि 27 अक्टूबर को स्कूलों में मासिक परीक्षाएं खत्म हुई हैं। उसी दिन नोडल स्तर की प्रतियोगिता थी। विभाग को इस ओर ध्यान देना चाहिए था। शुक्रवार को जगाधरी ब्लॉक की प्रतियोगिता थी। तिथि को आगे पीछे किया जा सकता था लेकिन ऐसा नहीं हुआ। उनका कहना है कि इन प्रतियोगिताओं का उद्देश्य छात्रों की प्रतिभा को निखारना है।
प्राइमरी स्तर की इन प्रतियोगिताओं से ही अच्छा खिलाड़ी बनने में मदद मिलती है। जगजीत ¨सह ने कहा कि जेबीटी अध्यापक पूर्ण तनमयता के साथ बच्चों को खेलों के लिए तैयार करते हैं। उनका यह प्रयास रहता है कि बच्चे पढ़ाई के साथ ही खेलों में भी तरक्की हासिल करें। जिला प्रधान कृष्णपाल राणा ने कहा कि एक तरफ सरकार खेलों के बारे में पूरे भारत में बढ़ चढ़कर अपनी उपलब्धियां गिना रही है। मगर मैदानी स्तर पर खेलों की नर्सरी तैयार करने वाले प्राथमिक स्कूल के खेलों पर किसी भी प्रकार का कोई ध्यान नहीं दिया जाता। खंड स्तर पर होने वाली प्राथमिक स्तर की खेल प्रतियोगिताओं को आयोजित करने के लिए फंड उपलब्ध नहीं कराया जाता है। जगाधरी के खंड प्रधान राकेश सैनी ने कहा कि विभाग को संघ द्वारा पहले ही चेता दिया गया था कि गत वर्षों की राशि की प्रतिपूर्ति हुए बिना इस वर्ष इन प्रतियोगिताओं को नहीं कराया जा सकेगा। खंड स्तर की प्रतियोगिताएं बिना संघ से मशविरा किए आयोजित कर दी गई। यदि हमारी मांगों को पूरा नहीं किया जाता तो संघ का यह आंदोलन जारी रहेगा। मौके पर अश्वनी कुमार, सूरत ¨सह कांबोज, नरेश कुमार, मनोज पंजेटा, म¨हद्र ¨सह कलेर, कुलवंत ¨सह, अमित ढिल्लो, गुलाब ¨सह राणा, रजनीश आदि थे।
बकाया फंड के लिए कर रहे पत्राचार
डिप्टी डीईओ सुरेश कुमार का कहना है कि खेलों का बहिष्कार करने की सूचना मिलते ही वे मौके पर गए थे। कुछ गलत फहमियों पैदा हो गई थी, जिन्हें जल्द ही दूर किया जाएगा। उन्होंने माना कि दो वर्ष का फंड लंबित है, जिसके बारे भी पत्राचार किया जा रहा है। अब ये प्रतियोगिता 2 नवंबर को होगी।
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दोनों प्रतियोगिताओं के 40 हजार रुपये अभी तक खिलाड़ियों को अदा नहीं किए गए। बहिष्कार के कारण शिक्षा विभाग को खेल प्रतियोगिता रद करनी पड़ी। अब ये प्रतियोगिता 2 नवंबर को करवाई जाएगी।
संघ के प्रधान कृष्ण पाल राणा ने कहा कि इस मामले में कई दफा
लिखित व मौखिक तौर पर कहा गया। मजबूरन उन्हें यह कदम उठाना
पड़ा। उनके साथ जगजीत सिंह, अश्वनी, म¨हद्र सिंह, कुलवंत और मनोज पंजेटा ने भी इस मामले की कड़ी ¨नदा की। उन्होंने आरोप लगाया कि 27 अक्टूबर को स्कूलों में मासिक परीक्षाएं खत्म हुई हैं। उसी दिन नोडल स्तर की प्रतियोगिता थी। विभाग को इस ओर ध्यान देना चाहिए था। शुक्रवार को जगाधरी ब्लॉक की प्रतियोगिता थी। तिथि को आगे पीछे किया जा सकता था लेकिन ऐसा नहीं हुआ। उनका कहना है कि इन प्रतियोगिताओं का उद्देश्य छात्रों की प्रतिभा को निखारना है।
प्राइमरी स्तर की इन प्रतियोगिताओं से ही अच्छा खिलाड़ी बनने में मदद मिलती है। जगजीत ¨सह ने कहा कि जेबीटी अध्यापक पूर्ण तनमयता के साथ बच्चों को खेलों के लिए तैयार करते हैं। उनका यह प्रयास रहता है कि बच्चे पढ़ाई के साथ ही खेलों में भी तरक्की हासिल करें। जिला प्रधान कृष्णपाल राणा ने कहा कि एक तरफ सरकार खेलों के बारे में पूरे भारत में बढ़ चढ़कर अपनी उपलब्धियां गिना रही है। मगर मैदानी स्तर पर खेलों की नर्सरी तैयार करने वाले प्राथमिक स्कूल के खेलों पर किसी भी प्रकार का कोई ध्यान नहीं दिया जाता। खंड स्तर पर होने वाली प्राथमिक स्तर की खेल प्रतियोगिताओं को आयोजित करने के लिए फंड उपलब्ध नहीं कराया जाता है। जगाधरी के खंड प्रधान राकेश सैनी ने कहा कि विभाग को संघ द्वारा पहले ही चेता दिया गया था कि गत वर्षों की राशि की प्रतिपूर्ति हुए बिना इस वर्ष इन प्रतियोगिताओं को नहीं कराया जा सकेगा। खंड स्तर की प्रतियोगिताएं बिना संघ से मशविरा किए आयोजित कर दी गई। यदि हमारी मांगों को पूरा नहीं किया जाता तो संघ का यह आंदोलन जारी रहेगा। मौके पर अश्वनी कुमार, सूरत ¨सह कांबोज, नरेश कुमार, मनोज पंजेटा, म¨हद्र ¨सह कलेर, कुलवंत ¨सह, अमित ढिल्लो, गुलाब ¨सह राणा, रजनीश आदि थे।
बकाया फंड के लिए कर रहे पत्राचार
डिप्टी डीईओ सुरेश कुमार का कहना है कि खेलों का बहिष्कार करने की सूचना मिलते ही वे मौके पर गए थे। कुछ गलत फहमियों पैदा हो गई थी, जिन्हें जल्द ही दूर किया जाएगा। उन्होंने माना कि दो वर्ष का फंड लंबित है, जिसके बारे भी पत्राचार किया जा रहा है। अब ये प्रतियोगिता 2 नवंबर को होगी।
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