जागरण संवाददाता, चंडीगढ़ : चंडीगढ़ में
टीजीटी और जेबीटी भर्ती पेपर लीक मामले में स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम
(एसआइटी)ने तीन टीचरों से रविवार को पूछताछ की। तीनों टीचरों के नामों का
खुलासा पकड़े गए आरोपी बृजेंद्र नैन ने किया था। एसआइटी के सामने तीनों टीचर
अपना जवाब देने में आनाकानी करते रहे।
एसआइटी जल्द ही 22 टीचरों को पूछताछ के लिए बुलाएगी। इसके लिए पुलिस को जांच में शामिल होने का नोटिस कर रखा है।
वहीं गिरोह के सरगना मितलेश पांडे की तलाश में लखनऊ गई टीम को कई अहम सुराग मिले हैं। बृजेंद्र नैन की निशानदेही पर स्पेशल टीम लखनऊ के उस होटल में गई, जहां कैंडीडेट्स को शिक्षक भर्ती के लिए लिखित परीक्षा में आने वाला लीक पेपर देकर उनकी तैयारियां करवाई गई थी। पुलिस ने होटल के सीसीटीवी कैमरे की फुटेज कब्जे में ले ली है। इसमें नैन दिखाई दिया है। एसआइटी बृजेंद्र नैन को लखनऊ से वापस लेकर सोमवार सुबह चंडीगढ़ पहुंच जाएगी। जिसके बाद एसआइटी मामले का खुलासा करेगी।
यह था मामला
चंडीगढ़ एजुकेशन विभाग ने 2014 में 1100 जेबीटी और टीजीटी की भर्ती निकाली थी। भर्ती में ज्यादातर हरियाण के रहने वाले युवक भर्ती हुए थे। कुछ युवकों ने पेपर लीक की जानकारी पंजाब विजिलेंस को दी थी। जिसकी जांच पंजाब विजिलेंस ने की थी। इसकेबाद चंडीगढ़ पुलिस ने मामले में केस दर्ज किया था। पुलिस जांच में सामने आया था कि पेपर लीक हुआ था और कैंडीडेट को सात सात लाख रुपये में बेचा गया था। एसआइटी ने गिरोह के सदस्य बृजेंद्र नैन को भिवानी से गिरफ्तार कर उसका चार दिन का पुलिस रिमांड हासिल किया था। जांच में पता चला था कि बृजेंद्र नैन 2007 में दिल्ली के एक प्राइवेट स्कूल में नौकरी करता था। इस दौरान उसकी मुलाकात पेपर लीक करवाने वाले गिरोह से हुई। इसके बाद नैन नौकरी छोड़कर गिरोह में शामिल हो गया था। वह हरियाणा के युवकों को अपने जाल में फंसाता था।
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एसआइटी जल्द ही 22 टीचरों को पूछताछ के लिए बुलाएगी। इसके लिए पुलिस को जांच में शामिल होने का नोटिस कर रखा है।
वहीं गिरोह के सरगना मितलेश पांडे की तलाश में लखनऊ गई टीम को कई अहम सुराग मिले हैं। बृजेंद्र नैन की निशानदेही पर स्पेशल टीम लखनऊ के उस होटल में गई, जहां कैंडीडेट्स को शिक्षक भर्ती के लिए लिखित परीक्षा में आने वाला लीक पेपर देकर उनकी तैयारियां करवाई गई थी। पुलिस ने होटल के सीसीटीवी कैमरे की फुटेज कब्जे में ले ली है। इसमें नैन दिखाई दिया है। एसआइटी बृजेंद्र नैन को लखनऊ से वापस लेकर सोमवार सुबह चंडीगढ़ पहुंच जाएगी। जिसके बाद एसआइटी मामले का खुलासा करेगी।
यह था मामला
चंडीगढ़ एजुकेशन विभाग ने 2014 में 1100 जेबीटी और टीजीटी की भर्ती निकाली थी। भर्ती में ज्यादातर हरियाण के रहने वाले युवक भर्ती हुए थे। कुछ युवकों ने पेपर लीक की जानकारी पंजाब विजिलेंस को दी थी। जिसकी जांच पंजाब विजिलेंस ने की थी। इसकेबाद चंडीगढ़ पुलिस ने मामले में केस दर्ज किया था। पुलिस जांच में सामने आया था कि पेपर लीक हुआ था और कैंडीडेट को सात सात लाख रुपये में बेचा गया था। एसआइटी ने गिरोह के सदस्य बृजेंद्र नैन को भिवानी से गिरफ्तार कर उसका चार दिन का पुलिस रिमांड हासिल किया था। जांच में पता चला था कि बृजेंद्र नैन 2007 में दिल्ली के एक प्राइवेट स्कूल में नौकरी करता था। इस दौरान उसकी मुलाकात पेपर लीक करवाने वाले गिरोह से हुई। इसके बाद नैन नौकरी छोड़कर गिरोह में शामिल हो गया था। वह हरियाणा के युवकों को अपने जाल में फंसाता था।