जागरण संवाददाता, अंबाला प्रदेश के 3122 स्कूलों के विद्यार्थियों को बीते आठ माह से कंप्यूटर
शिक्षा नहीं मिल पा रही है। शिक्षा विभाग 26 सौ कंप्यूटर शिक्षकों को जहां
पहले ही रिलीव कर चुका है तो वहीं अब सूचना के अधिकार कानून के तहत मिली
जानकारी के अनुसार इन कंप्यूटर शिक्षा के लिए आया 4418.40 करोड़ का बजट भी
मार्च में लैप्स हो जाएगा।
विभाग ने हाईकोर्ट के आदेशों पर भी कोई निर्णय इन सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले विद्यार्थियों के भविष्य को देखते हुए भी नहीं लिया है।
प्रदेश सरकार जहां अनुबंध के आधार पर लगे हुए पुराने कंप्यूटर शिक्षकों को रिलीव कर अनुबंध के आधार पर ही नए कंप्यूटर शिक्षक भर्ती करना चाह रही है तो वहीं पुराने कंप्यूटर शिक्षक चाहते हैं कि उन्हें सरकार स्थाई भर्ती तक स्कूलों में नौकरी पर रखे। इसी जद्दोजहद में सरकार ने जहां 31 मई 2016 को शिक्षक रिलीव कर दिए थे तो वहीं शिक्षकों ने सरकार द्वारा 17 मार्च 2016 को निकाली गई भर्ती को हाईकोर्ट में चैलेंज कर दिया था। इस मामले में हाईकोर्ट में जब 19 जनवरी को सुनवाई हुई तो प्रदेश सरकार की ओर से दो सप्ताह का समय मांग लिया गया है। इस समय अवधि में सरकार को कोई फैसला लेना है। इसी लड़ाई में अंबाला छावनी में किस्मत नगर निवासी अमर राणा ने आरटीआइ के जरिए 28 दिसंबर 2016 को सूचना मांगी थी कि उसे बताया जाएं कि प्रदेश में कितना बजट आया है और कब तक उसे सरकार खर्च कर सकती है।
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शिक्षकों के लिए आया है 556.80 करोड़
कंप्यूटर शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए मानव संसाधन विकास मंत्रालय ने राष्ट्रीय माध्यमिक शिक्षा अभियान के अंतर्गत इंफॉर्मेशन एंड कम्यूनिकेशन टेक्नोलॉजी (आइसीटी)स्कीम को चला रखा है। इस स्कीम के तहत केंद्र सरकार 60 प्रतिशत और राज्य सरकार 40 प्रतिशत फंड आइसीटी स्कीम के तहत जारी करती है। हरियाणा के लिए वित्त वर्ष 2016-17 का बजट 4418.40 करोड़ जारी हुआ था। इसमें 556.80 करोड़ कंप्यूटर शिक्षकों के लिए और 3861.60 करोड़ की रकम कंप्यूटर के सॉफ्टवेयर से लेकर उनकी मेंटेनेंस तक खर्च करने के लिए जारी हुए थे।
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धूल फांक रहे हैं कंप्यूटर सिस्टम
प्रदेश की कंप्यूटर लैब इस समय धूल फांक रही हैं। बीते आठ माह से इन लैब की हालत काफी खस्ताहाल हो चुकी है। कंप्यूटर पर धूल जमीं हैं और कोई मेंटनेंस नहीं किया जा रहा है। इसके अलावा बच्चों को भी कंप्यूटर शिक्षा नहीं मिल पा रही है। प्रदेश कंप्यूटर टीचर्स वेलफेयर एसोसिएशन के प्रवक्ता सुरेश नैन ने बताया कि अनुबंध पर रखे गए कंप्यूटर शिक्षक इस बात की मांग सरकार से कर चुके हैं कि उन्हें स्थाई भर्ती तक नौकरी पर रखा जाए।
विभाग ने हाईकोर्ट के आदेशों पर भी कोई निर्णय इन सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले विद्यार्थियों के भविष्य को देखते हुए भी नहीं लिया है।
प्रदेश सरकार जहां अनुबंध के आधार पर लगे हुए पुराने कंप्यूटर शिक्षकों को रिलीव कर अनुबंध के आधार पर ही नए कंप्यूटर शिक्षक भर्ती करना चाह रही है तो वहीं पुराने कंप्यूटर शिक्षक चाहते हैं कि उन्हें सरकार स्थाई भर्ती तक स्कूलों में नौकरी पर रखे। इसी जद्दोजहद में सरकार ने जहां 31 मई 2016 को शिक्षक रिलीव कर दिए थे तो वहीं शिक्षकों ने सरकार द्वारा 17 मार्च 2016 को निकाली गई भर्ती को हाईकोर्ट में चैलेंज कर दिया था। इस मामले में हाईकोर्ट में जब 19 जनवरी को सुनवाई हुई तो प्रदेश सरकार की ओर से दो सप्ताह का समय मांग लिया गया है। इस समय अवधि में सरकार को कोई फैसला लेना है। इसी लड़ाई में अंबाला छावनी में किस्मत नगर निवासी अमर राणा ने आरटीआइ के जरिए 28 दिसंबर 2016 को सूचना मांगी थी कि उसे बताया जाएं कि प्रदेश में कितना बजट आया है और कब तक उसे सरकार खर्च कर सकती है।
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शिक्षकों के लिए आया है 556.80 करोड़
कंप्यूटर शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए मानव संसाधन विकास मंत्रालय ने राष्ट्रीय माध्यमिक शिक्षा अभियान के अंतर्गत इंफॉर्मेशन एंड कम्यूनिकेशन टेक्नोलॉजी (आइसीटी)स्कीम को चला रखा है। इस स्कीम के तहत केंद्र सरकार 60 प्रतिशत और राज्य सरकार 40 प्रतिशत फंड आइसीटी स्कीम के तहत जारी करती है। हरियाणा के लिए वित्त वर्ष 2016-17 का बजट 4418.40 करोड़ जारी हुआ था। इसमें 556.80 करोड़ कंप्यूटर शिक्षकों के लिए और 3861.60 करोड़ की रकम कंप्यूटर के सॉफ्टवेयर से लेकर उनकी मेंटेनेंस तक खर्च करने के लिए जारी हुए थे।
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धूल फांक रहे हैं कंप्यूटर सिस्टम
प्रदेश की कंप्यूटर लैब इस समय धूल फांक रही हैं। बीते आठ माह से इन लैब की हालत काफी खस्ताहाल हो चुकी है। कंप्यूटर पर धूल जमीं हैं और कोई मेंटनेंस नहीं किया जा रहा है। इसके अलावा बच्चों को भी कंप्यूटर शिक्षा नहीं मिल पा रही है। प्रदेश कंप्यूटर टीचर्स वेलफेयर एसोसिएशन के प्रवक्ता सुरेश नैन ने बताया कि अनुबंध पर रखे गए कंप्यूटर शिक्षक इस बात की मांग सरकार से कर चुके हैं कि उन्हें स्थाई भर्ती तक नौकरी पर रखा जाए।