जागरण संवाददाता, फरीदाबाद: बोर्ड परीक्षा करीब आते ही शिक्षा विभाग के अधिकारी सतर्क हो गए हैं,
ताकि इस बार फरीदाबाद के सरकारी स्कूलों की बोर्ड परीक्षा में किरकिरी न
हो। शुक्रवार को शिक्षा विभाग के अधिकारियों ने अलग-अलग टीमें बनाकर 5
स्कूलों का निरीक्षण किया, जिसमें ददसिया, धौज और बल्लभगढ़ के सरकारी स्कूल
शामिल रहे।
वहां पर मासिक टेस्ट के बारे में पूरी रिपोर्ट ली गई। इसके अलावा बोर्ड परीक्षाओं की किस तरह से तैयारी करवाई जा रही है। इसके बारे में भी शिक्षकों से पूछा गया। हरियाणा शिक्षा बोर्ड की परीक्षा मार्च माह में होती है।
पिछले वर्ष दसवीं और बारहवीं की बोर्ड परीक्षाओं में फरीदाबाद अंतिम पायदान पर रहा था। करीबन 25 फीसद स्कूलों का परीक्षा परिणाम जीरो रहा था। इन स्कूलों में एक भी छात्र पास नहीं हुआ था। खराब परीक्षा परिणाम वाले स्कूलों के शिक्षकों से शिक्षा निदेशालय ने शपथ पत्र लिया था कि अगले वर्ष वह बोर्ड परीक्षा में फरीदाबाद को बेहतर बनाने का प्रयास करेंगे। खराब रिजल्ट को लेकर शिक्षा विभाग के अधिकारियों को भी फटकार लगी थी।
स्कूलों का निरीक्षण करके ली तैयारी की जानकारी
खंड शिक्षा अधिकारी अनिता शर्मा ने बताया कि बोर्ड परीक्षा को लेकर किसी तरह की लापरवाही नहीं बरती जाएगी। उन्होंने बताया कि स्कूलों में निरीक्षण करके शिक्षकों से पूछा गया कि मासिक टेस्ट किस तरह से लिया जाता है। स्कूल में अभिभावकों की बैठक माह में कितनी बार ली जाती है। इसके अलावा कमजोर छात्रों की एक्स्ट्रा कक्षाएं कितने घंटे की होती है। सभी शिक्षकों को कड़ी चेतावनी दी गई है कि बोर्ड परीक्षा का रिजल्ट किसी भी कीमत पर खराब नहीं होना चाहिए। इस बार रिजल्ट खराब रहा तो शिक्षा विभाग के अधिकारियों पर भी गाज गिर सकती है।
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स्कूलों का निरीक्षण शुरू कर दिया गया है। शुक्रवार को चंडीगढ़ से शिक्षा निदेशालय के अधिकारी भी सरकारी स्कूलों के निरीक्षण के लिए आने वाले थे, लेकिन वह किन्ही कारणों से नहीं आ पाए। ऐसे में शिक्षा विभाग की टीम ने ही स्कूलों का निरीक्षण किया।
डॉ. रमेश शर्मा, जिला उपशिक्षा अधिकारी।
वहां पर मासिक टेस्ट के बारे में पूरी रिपोर्ट ली गई। इसके अलावा बोर्ड परीक्षाओं की किस तरह से तैयारी करवाई जा रही है। इसके बारे में भी शिक्षकों से पूछा गया। हरियाणा शिक्षा बोर्ड की परीक्षा मार्च माह में होती है।
पिछले वर्ष दसवीं और बारहवीं की बोर्ड परीक्षाओं में फरीदाबाद अंतिम पायदान पर रहा था। करीबन 25 फीसद स्कूलों का परीक्षा परिणाम जीरो रहा था। इन स्कूलों में एक भी छात्र पास नहीं हुआ था। खराब परीक्षा परिणाम वाले स्कूलों के शिक्षकों से शिक्षा निदेशालय ने शपथ पत्र लिया था कि अगले वर्ष वह बोर्ड परीक्षा में फरीदाबाद को बेहतर बनाने का प्रयास करेंगे। खराब रिजल्ट को लेकर शिक्षा विभाग के अधिकारियों को भी फटकार लगी थी।
स्कूलों का निरीक्षण करके ली तैयारी की जानकारी
खंड शिक्षा अधिकारी अनिता शर्मा ने बताया कि बोर्ड परीक्षा को लेकर किसी तरह की लापरवाही नहीं बरती जाएगी। उन्होंने बताया कि स्कूलों में निरीक्षण करके शिक्षकों से पूछा गया कि मासिक टेस्ट किस तरह से लिया जाता है। स्कूल में अभिभावकों की बैठक माह में कितनी बार ली जाती है। इसके अलावा कमजोर छात्रों की एक्स्ट्रा कक्षाएं कितने घंटे की होती है। सभी शिक्षकों को कड़ी चेतावनी दी गई है कि बोर्ड परीक्षा का रिजल्ट किसी भी कीमत पर खराब नहीं होना चाहिए। इस बार रिजल्ट खराब रहा तो शिक्षा विभाग के अधिकारियों पर भी गाज गिर सकती है।
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स्कूलों का निरीक्षण शुरू कर दिया गया है। शुक्रवार को चंडीगढ़ से शिक्षा निदेशालय के अधिकारी भी सरकारी स्कूलों के निरीक्षण के लिए आने वाले थे, लेकिन वह किन्ही कारणों से नहीं आ पाए। ऐसे में शिक्षा विभाग की टीम ने ही स्कूलों का निरीक्षण किया।
डॉ. रमेश शर्मा, जिला उपशिक्षा अधिकारी।