चंडीगढ़(रश्मि) : पंजाब यूनिवर्सिटी के पास मंगलवार
शाम आठ बजे तक यू.जी.सी. की ओर से 30 करोड़ का फंड नहीं आया। फंड न आने की
वजह से पी.यू. प्रबंधन ने नॉन टीचिंग स्टाफ का वेतन तैयार किया, जबकि
शिक्षक व अन्य अधिकारियों का वेतन तैयार नहीं किया जा सका।
पी.यू. में ऐसा पहली बार हो रहा है कि माह की पहली तारीख को स्टाफ को वेतन नहीं मिलेगा।
जानकारी के मुताबिक अगर यू.जी.सी. से फंड नहीं आते हैं तो एग्जामिनेशन फीस से जो पैसे इकट्ठे होंगे, उनमें से ही पी.यू. कर्मचारियों को वेतन दिया जाएगा। दिन पर कैंपस में स्टाफ में वेतन न मिलने को लेकर चर्चा बनी रहीं। पी.यू. के पास धन का आर्थिक संकट होने की वजह से पी.यू. स्टाफ का वेतन नहीं दे पा रहा है। पी.यू. ने यू.जी.सी. और एम.एच.आर.डी. से 12 फीसदी बढ़ाने की अपील की है। साथ ही फीसों में बढ़ौतरी करने का भी फैसला लिया है।
रजिस्ट्रार पहुंचे दिल्ली :
फंड न पहुंचने पर पी.यू. के रजिस्ट्रार कर्नल (सेवानिवृत्त) दिल्ली गए हुए हैं। हालांकि देर शाम तक फंड को लेकर उनकी ओर से कोई रिस्पांस नहीं आया। इस संबंध में पी.यू. के एफ.डी.ओ. विक्रम नैय्यरने कहा कि पी.यू. प्रबंधन को फंड आने का इतंजार है। अभी जितने फंड है, उनसे नॉन टीचिंग कर्मचारियों का वेतन दिया जा रहा है। पूटा की अध्यक्ष प्रो. प्रोमिला ने कहा कि पी.यू. एक पुराना संस्थान है। अगर शिक्षकों को वेतन नहीं मिलेगा तो शिक्षक पी.यू. को छोड़कर दूसरी यूनिवर्सिटीज में चले जाएंगे। हमें आशा है कि पी.यू. को फंड जल्द ही यू.जी.सी. रिलीज कर देगी।
पी.यू. में ऐसा पहली बार हो रहा है कि माह की पहली तारीख को स्टाफ को वेतन नहीं मिलेगा।
जानकारी के मुताबिक अगर यू.जी.सी. से फंड नहीं आते हैं तो एग्जामिनेशन फीस से जो पैसे इकट्ठे होंगे, उनमें से ही पी.यू. कर्मचारियों को वेतन दिया जाएगा। दिन पर कैंपस में स्टाफ में वेतन न मिलने को लेकर चर्चा बनी रहीं। पी.यू. के पास धन का आर्थिक संकट होने की वजह से पी.यू. स्टाफ का वेतन नहीं दे पा रहा है। पी.यू. ने यू.जी.सी. और एम.एच.आर.डी. से 12 फीसदी बढ़ाने की अपील की है। साथ ही फीसों में बढ़ौतरी करने का भी फैसला लिया है।
रजिस्ट्रार पहुंचे दिल्ली :
फंड न पहुंचने पर पी.यू. के रजिस्ट्रार कर्नल (सेवानिवृत्त) दिल्ली गए हुए हैं। हालांकि देर शाम तक फंड को लेकर उनकी ओर से कोई रिस्पांस नहीं आया। इस संबंध में पी.यू. के एफ.डी.ओ. विक्रम नैय्यरने कहा कि पी.यू. प्रबंधन को फंड आने का इतंजार है। अभी जितने फंड है, उनसे नॉन टीचिंग कर्मचारियों का वेतन दिया जा रहा है। पूटा की अध्यक्ष प्रो. प्रोमिला ने कहा कि पी.यू. एक पुराना संस्थान है। अगर शिक्षकों को वेतन नहीं मिलेगा तो शिक्षक पी.यू. को छोड़कर दूसरी यूनिवर्सिटीज में चले जाएंगे। हमें आशा है कि पी.यू. को फंड जल्द ही यू.जी.सी. रिलीज कर देगी।