बायोमीट्रिक पर हाजिरी लगाने में आनाकानी करना अब शिक्षकों को महंगा
पड़ेगा। शिक्षा विभाग ने सख्त रुख अपनाते हुए कठोर दिशा निर्देश जारी किए
हैं। विभाग के आदेश हैं कि इस सत्र में जिस भी कर्मचारी और अध्यापक की
हाजिरी बायोमीट्रिक से नहीं लगेगी, उसे उस दिन का वेतन नहीं दिया जाएगा,
मतलब साफ है कि उसका वेतन काट लिया जाएगा।
गौरतलब है कि प्रदेश सरकार की ओर से स्कूलों से फरलो मारने वाले कर्मचारियों पर लगाम लगाने के लिए बायोमीट्रिक हाजिरी सिस्टम लगाया गया है। हालांकि, शुरू से ही कर्मचारी इसका विरोध करते आए हैं। ऐसे में कई स्थानों पर स्कूलों में मशीनें खराब रहती हैं या फिर खराब कर दी जाती हैं। इस बार शिक्षा विभाग ने सत्र की शुरुआत से ही इस मामले को गंभीरता और कठोरता अपनाई है। शिक्षा विभाग के अधिकारियों ने साफ निर्देश दिये हैं कि जो भी अध्यापक बायोमीट्रिक से अपनी हाजिरी नहीं लगाएगा, उसका वेतन काट लिया जाएगा और वह उसकी मैनुअल हाजिरी भी नहीं दे पाएगा। बता दें कि जिले में अध्यापकों की संख्या हजारों में हैं।
गांवों के स्कूलों में है ज्यादा परेशानी
शहरों के मुकाबले फरलो पर रहने वालों गांवों के अध्यापकों की संख्या ज्यादा है। गांवों के स्कूलों में कई बार बायोमीट्रिक मशीन खराब होती है, ऐसे अध्यापक देरी से आने पर भी अपनी पूरे दिन की हाजिरी भर देते हैं। इसका कारण यह है कि अध्यापकों को गांवों में स्थित स्कूलों तक पहुंचने में समय लगता है और कई बार अध्यापक बस या अन्य वाहन की देरी के कारण लेट हो जाते हैं। इस प्रकार की शिकायतें शिक्षा विभाग के आला अधिकारियों के पास पहुंची तो इसको लेकर अमल किया गया। विभाग ने यह भी कहा कि देरी से आने वालों पर भी शिकंजा कसा जाएगा।
अपने स्कूल की मशीन खराब है तो पास के स्कूल में लगाएं हाजिरी : डीईओ
जिला शिक्षा अधिकारी सुरेश कुमार गोरिया ने इस बारे में बताया कि अब बायोमीट्रिक हाजिरी नहीं लगाने वालों का वेतन कटना तय है, जो अध्यापक और कर्मचारी ऐसा नहीं करेंगे, उनको इसके लिए कोई मौका नहीं दिया जाएगा। डीईओ ने कहा कि अगर किसी स्कूल की मशीन खराब है तो पास के स्कूल में बायोमीट्रिक हाजिरी लगाई जा सकती है।
गौरतलब है कि प्रदेश सरकार की ओर से स्कूलों से फरलो मारने वाले कर्मचारियों पर लगाम लगाने के लिए बायोमीट्रिक हाजिरी सिस्टम लगाया गया है। हालांकि, शुरू से ही कर्मचारी इसका विरोध करते आए हैं। ऐसे में कई स्थानों पर स्कूलों में मशीनें खराब रहती हैं या फिर खराब कर दी जाती हैं। इस बार शिक्षा विभाग ने सत्र की शुरुआत से ही इस मामले को गंभीरता और कठोरता अपनाई है। शिक्षा विभाग के अधिकारियों ने साफ निर्देश दिये हैं कि जो भी अध्यापक बायोमीट्रिक से अपनी हाजिरी नहीं लगाएगा, उसका वेतन काट लिया जाएगा और वह उसकी मैनुअल हाजिरी भी नहीं दे पाएगा। बता दें कि जिले में अध्यापकों की संख्या हजारों में हैं।
गांवों के स्कूलों में है ज्यादा परेशानी
शहरों के मुकाबले फरलो पर रहने वालों गांवों के अध्यापकों की संख्या ज्यादा है। गांवों के स्कूलों में कई बार बायोमीट्रिक मशीन खराब होती है, ऐसे अध्यापक देरी से आने पर भी अपनी पूरे दिन की हाजिरी भर देते हैं। इसका कारण यह है कि अध्यापकों को गांवों में स्थित स्कूलों तक पहुंचने में समय लगता है और कई बार अध्यापक बस या अन्य वाहन की देरी के कारण लेट हो जाते हैं। इस प्रकार की शिकायतें शिक्षा विभाग के आला अधिकारियों के पास पहुंची तो इसको लेकर अमल किया गया। विभाग ने यह भी कहा कि देरी से आने वालों पर भी शिकंजा कसा जाएगा।
अपने स्कूल की मशीन खराब है तो पास के स्कूल में लगाएं हाजिरी : डीईओ
जिला शिक्षा अधिकारी सुरेश कुमार गोरिया ने इस बारे में बताया कि अब बायोमीट्रिक हाजिरी नहीं लगाने वालों का वेतन कटना तय है, जो अध्यापक और कर्मचारी ऐसा नहीं करेंगे, उनको इसके लिए कोई मौका नहीं दिया जाएगा। डीईओ ने कहा कि अगर किसी स्कूल की मशीन खराब है तो पास के स्कूल में बायोमीट्रिक हाजिरी लगाई जा सकती है।