जागरण संवाददाता, गुरुग्राम: बुधवार को राजकीय प्राथमिक शिक्षक संघ
हरियाणा जिला गुरुग्राम अपनी मांगों को लेकर विरोध प्रदर्शन करने के लिए
लघु सचिवालय के बाहर जमा हुए। इसमें जिले में चारों खंडों के प्रधान व खंड
कार्यकारिणी के साथ जिला कार्यकारिणी के सदस्य भी उपस्थित रहे।
इस विरोध प्रदर्शन में संघ के राज्य प्रधान विनोद ठाकरान ने सभी शिक्षकों को संबोधित किया।
संघ ने अपनी मांगों का मांग पत्र जिला उपायुक्त के माध्यम से प्रधान मंत्री भारत सरकार व मुख्यमंत्री हरियाणा को भेजा। संघ के जिला प्रधान तरुण सुहाग व जिला महासचिव अशोक कुमार ने बताया की सरकार ने नई स्थानांतरण नीति लाकर शिक्षण व्यवस्था को गड़बड़ा दिया है। जहां विद्यार्थी ज्यादा हैं वहां अध्यापक कम हैं, और जहां विद्यार्थी कम है वहां अध्यापक ज्यादा हैं, जबकि सरकार प्राथमिक शिक्षकों को एक बार स्थानांतरण करके भूल गई।
जिला ऑडिटर सुरेश मलिक व बल¨वदर धारीवाल ने बताया कि पिछले कई वर्षों से प्राथमिक शिक्षक अपने परिवारों से दूर रहकर दूसरे जिलों में कार्य कर रहे जिसकी किसी भी सरकार ने कोई सुध नही ली है। खंड गुरुग्राम प्रधान विनोद शौकीन व खंड फरुखनगर प्रधान अभय यादव व सोहना प्रधान अशोक कादयान ने संयुक्त रूप से बताया की एक तरफ तो सरकार सरकारी विद्यालयों का परिणाम बेहतर लाने के लिए जोर देती है,
जबकि शिक्षकों से पढ़ाई का कार्य न करवाकर जन सेवा सर्वे जैसे गैरशैक्षणिक कार्य करवाए जा रहे हैं और जन सेवा सर्वे का कार्य के लिए कम अध्यापक वाले स्कूलों से भी ड्यूटी लगाई जा रही है। अब एक शिक्षक बच्चे पढ़ाए या दूसरे कार्य करे।
संघ के राज्य प्रधान विनोद ठाकरान ने कहा की सातवें वेतन आयोग द्वारा जो पैमाना बनाया गया था उसमें वेतन में व प्राथमिक शिक्षकों के वेतन बहुत गहरी खाई खोद दी है जबकि विदेशों की तर्ज प्राथमिक शिक्षकों का वेतनमान सबसे ज्यादा होना चाहिए। संघ के राज्य प्रधान ने हरियाणा सरकार को चेतावनी देते हुए कहा कि यदि सरकार प्राथमिक शिक्षकों की मांगों को पूरा नहीं करेगी तो संघ राज्य स्तर पर शिक्षा सदन के घेराव की घोषणा करेगी। इस विरोध प्रदर्शन में खंड पटौदी प्रधान रामचंद्र, सोहना सचिव विनोद नारनौलिया, लोकेश भल्ला, दुष्यंत ठाकरान, विम्मी चड्ढा, अनिता भंडारी, आशा चहल, सतीश कुमार, ब्रह्मानंद, राजपाल बहलपा, यशवीर कादयान, सुनील धुनैला विवेक जैमिनी आदि कई जेबीटी अध्यापकों ने भाग लिया।
इस विरोध प्रदर्शन में संघ के राज्य प्रधान विनोद ठाकरान ने सभी शिक्षकों को संबोधित किया।
संघ ने अपनी मांगों का मांग पत्र जिला उपायुक्त के माध्यम से प्रधान मंत्री भारत सरकार व मुख्यमंत्री हरियाणा को भेजा। संघ के जिला प्रधान तरुण सुहाग व जिला महासचिव अशोक कुमार ने बताया की सरकार ने नई स्थानांतरण नीति लाकर शिक्षण व्यवस्था को गड़बड़ा दिया है। जहां विद्यार्थी ज्यादा हैं वहां अध्यापक कम हैं, और जहां विद्यार्थी कम है वहां अध्यापक ज्यादा हैं, जबकि सरकार प्राथमिक शिक्षकों को एक बार स्थानांतरण करके भूल गई।
जिला ऑडिटर सुरेश मलिक व बल¨वदर धारीवाल ने बताया कि पिछले कई वर्षों से प्राथमिक शिक्षक अपने परिवारों से दूर रहकर दूसरे जिलों में कार्य कर रहे जिसकी किसी भी सरकार ने कोई सुध नही ली है। खंड गुरुग्राम प्रधान विनोद शौकीन व खंड फरुखनगर प्रधान अभय यादव व सोहना प्रधान अशोक कादयान ने संयुक्त रूप से बताया की एक तरफ तो सरकार सरकारी विद्यालयों का परिणाम बेहतर लाने के लिए जोर देती है,
जबकि शिक्षकों से पढ़ाई का कार्य न करवाकर जन सेवा सर्वे जैसे गैरशैक्षणिक कार्य करवाए जा रहे हैं और जन सेवा सर्वे का कार्य के लिए कम अध्यापक वाले स्कूलों से भी ड्यूटी लगाई जा रही है। अब एक शिक्षक बच्चे पढ़ाए या दूसरे कार्य करे।
संघ के राज्य प्रधान विनोद ठाकरान ने कहा की सातवें वेतन आयोग द्वारा जो पैमाना बनाया गया था उसमें वेतन में व प्राथमिक शिक्षकों के वेतन बहुत गहरी खाई खोद दी है जबकि विदेशों की तर्ज प्राथमिक शिक्षकों का वेतनमान सबसे ज्यादा होना चाहिए। संघ के राज्य प्रधान ने हरियाणा सरकार को चेतावनी देते हुए कहा कि यदि सरकार प्राथमिक शिक्षकों की मांगों को पूरा नहीं करेगी तो संघ राज्य स्तर पर शिक्षा सदन के घेराव की घोषणा करेगी। इस विरोध प्रदर्शन में खंड पटौदी प्रधान रामचंद्र, सोहना सचिव विनोद नारनौलिया, लोकेश भल्ला, दुष्यंत ठाकरान, विम्मी चड्ढा, अनिता भंडारी, आशा चहल, सतीश कुमार, ब्रह्मानंद, राजपाल बहलपा, यशवीर कादयान, सुनील धुनैला विवेक जैमिनी आदि कई जेबीटी अध्यापकों ने भाग लिया।